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तेलंगाना: महिला आरक्षण बिल पर के. कविता का भाजपा पर निशाना, कहा- अन्य पार्टियों के दबाव के कारण पास हुआ
Thu, 28 Sep 2023 02:15 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: श्वेता महतो
Updated Thu, 28 Sep 2023 02:15 PM IST
सार
महिला आरक्षण बिल पर मीडिया से बात करते हुए बीआरएस एमएलसी के कविता ने कहा कि यह भाजपा की तरफ से कोई तोहफा नहीं है, बल्कि दूसरी पार्टियों के दबाव का असर है, जिसके कारण भाजपा को यह बिल पास करना पड़ा।
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के. कविता
- फोटो : ANI
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विस्तार
महिला आरक्षण बिल के दोनों सदनों में पास होने के बाद बीआरएस एमएलसी के कविता ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियों के दबाव के कारण भाजपा ने इस बिल को पास किया है।
विपक्षी पार्टियों के दबाबव के कारण पास हुआ बिल
महिला आरक्षण बिल पर मीडिया से बात करते हुए बीआरएस एमएलसी के कविता ने कहा कि यह भाजपा की तरफ से कोई तोहफा नहीं है, बल्कि दूसरी पार्टियों के दबाव का असर है, जिसके कारण भाजपा को यह बिल पास करना पड़ा। उन्होंने आगे कहा, 'ओबीसी महिलाओं को इसमें शामिल नहीं किया गया है, जिससे हम सभी दुखी है। हम इस बात से भी दुखी है कि इसे जल्द-जल्द से लागू क्यों नहीं किया जा रहा है।'
इंडिया गठबंधन पर साधा निशाना
के कविता से जब बीआरएस की राष्ट्रीय राजनीति पर भूमिका पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इंडिया गठबंधन पर निशाना साध दिया। उन्होंने कहा कि इसकी कोई गारंटी नहीं है कि आज जो ये इंडिया गठबंधन है, वह कल रहेगा। लोकसभा चुनाव से पहले विधानसभा चुनाव और सीट बंटवारा का मुद्दा उठेगा, जिसके बाद परिस्थिति बिलकुल भी अलग हो जाएगी।
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बीआरएस एमएलसी ने आगे कहा, 'जब चुनावी परिणाम आएगा तब की परिस्थिति भी बिलकुल अलग होगी। इतिहास उठाकर देख लें, देश में चुनाव से पहले बने गठबंधन ज्यादा सफल नहीं हो पाया है। इसलिए हम इंतजार करेंगे। बीआरएस एक राष्ट्रीय पार्टी है, जिसका एक एजेंडा है। यह कांग्रेस नहीं है, जिसका तेलंगाना में अलग और कर्नाटक में एक अलग एजेंडा हो।'
भाजपा की खामियां बताईं
भाजपा की खामियों को गिनाते हुए के. कविता ने कहा कि दक्षिण की राजनीति बिलकुल ही अलग है। यहां के लोग हमेशा यह देखते हैं कि कौन सी पार्टी उनके क्षेत्र के मुद्दे उठा रही है और इसलिए यहां का परिणाम अलग है। भाजपा ने अपने 10 साल के कार्यकाल में तेलंगाना के लिए कुछ भी नहीं किया है। इसलिए उन्हें तेलंगाना में भी कर्नाटक की तरह नकारात्मक परिणाम मिलेगा।
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विपक्षी पार्टियों के दबाबव के कारण पास हुआ बिल
महिला आरक्षण बिल पर मीडिया से बात करते हुए बीआरएस एमएलसी के कविता ने कहा कि यह भाजपा की तरफ से कोई तोहफा नहीं है, बल्कि दूसरी पार्टियों के दबाव का असर है, जिसके कारण भाजपा को यह बिल पास करना पड़ा। उन्होंने आगे कहा, 'ओबीसी महिलाओं को इसमें शामिल नहीं किया गया है, जिससे हम सभी दुखी है। हम इस बात से भी दुखी है कि इसे जल्द-जल्द से लागू क्यों नहीं किया जा रहा है।'
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इंडिया गठबंधन पर साधा निशाना
के कविता से जब बीआरएस की राष्ट्रीय राजनीति पर भूमिका पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इंडिया गठबंधन पर निशाना साध दिया। उन्होंने कहा कि इसकी कोई गारंटी नहीं है कि आज जो ये इंडिया गठबंधन है, वह कल रहेगा। लोकसभा चुनाव से पहले विधानसभा चुनाव और सीट बंटवारा का मुद्दा उठेगा, जिसके बाद परिस्थिति बिलकुल भी अलग हो जाएगी।
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बीआरएस एमएलसी ने आगे कहा, 'जब चुनावी परिणाम आएगा तब की परिस्थिति भी बिलकुल अलग होगी। इतिहास उठाकर देख लें, देश में चुनाव से पहले बने गठबंधन ज्यादा सफल नहीं हो पाया है। इसलिए हम इंतजार करेंगे। बीआरएस एक राष्ट्रीय पार्टी है, जिसका एक एजेंडा है। यह कांग्रेस नहीं है, जिसका तेलंगाना में अलग और कर्नाटक में एक अलग एजेंडा हो।'
भाजपा की खामियां बताईं
भाजपा की खामियों को गिनाते हुए के. कविता ने कहा कि दक्षिण की राजनीति बिलकुल ही अलग है। यहां के लोग हमेशा यह देखते हैं कि कौन सी पार्टी उनके क्षेत्र के मुद्दे उठा रही है और इसलिए यहां का परिणाम अलग है। भाजपा ने अपने 10 साल के कार्यकाल में तेलंगाना के लिए कुछ भी नहीं किया है। इसलिए उन्हें तेलंगाना में भी कर्नाटक की तरह नकारात्मक परिणाम मिलेगा।