{"_id":"671fce5fe50aefc39c0dc8b2","slug":"brics-summit-in-kazan-signalled-new-constructive-agenda-shaping-russia-news-in-hindi-2024-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"BRICS Summit: रूस बोला- कजान में आयोजित शिखर सम्मेलन से बड़े बदलाव के संकेत, आकार ले रहा नया रचनात्मक एजेंडा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
BRICS Summit: रूस बोला- कजान में आयोजित शिखर सम्मेलन से बड़े बदलाव के संकेत, आकार ले रहा नया रचनात्मक एजेंडा
Mon, 28 Oct 2024 11:18 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 28 Oct 2024 11:18 PM IST
सार
पिछले हफ्ते के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के परिणामों पर दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए, भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा कि यह 35 राज्यों और छह अंतरराष्ट्रीय संगठनों के नेताओं के साथ विस्तारित प्रारूप में पहला शिखर सम्मेलन था, जिसमें संयुक्त राष्ट्र महासचिव के साथ-साथ एशियाई, अफ्रीकी और लैटिन अमेरिकी देश शामिल थे, जो ब्रिक्स प्लस/आउटरीच प्रारूप में शामिल हुए।
विज्ञापन
डेनिस अलीपोव, भारत में रूसी राजदूत
- फोटो : ANI
विस्तार
रूस ने सोमवार को कहा कि कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ने संकेत दिया कि एक 'नए रचनात्मक एजेंडे' का आकार ले रहा है, और मॉस्को व्यावहारिक सहयोग और अंतर्राष्ट्रीय समन्वय पर ध्यान केंद्रित करते हुए समूह को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
दिल्ली में रूसी राजदूत ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
पिछले हफ्ते के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के परिणामों पर दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए, भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा कि यह 35 राज्यों और छह अंतरराष्ट्रीय संगठनों के नेताओं के साथ विस्तारित प्रारूप में पहला शिखर सम्मेलन था, जिसमें संयुक्त राष्ट्र महासचिव के साथ-साथ एशियाई, अफ्रीकी और लैटिन अमेरिकी देश शामिल थे, जो ब्रिक्स प्लस/आउटरीच प्रारूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पूरे वर्ष के दौरान, रूस ने लगभग 200 कार्यक्रमों की मेजबानी की - विदेशी और अन्य क्षेत्रीय मंत्रिस्तरीय बैठकें, संसदीय मंच, एनएसए संवाद, कार्य समूह, सम्मेलन और सेमिनार, व्यापार मंच, सांस्कृतिक और फिल्म समारोह और खेल खेल, फैशन फोरम और फायर ड्रिल जैसे कार्यक्रम आयोजित की गई।
2024 में ब्रिक्स का हुआ विस्तार
ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका (ब्रिक्स) का शिखर सम्मेलन, जो अब पांच अतिरिक्त सदस्यों मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और यूएई के साथ विस्तारित हो गया है, मास्को से लगभग 900 किलोमीटर पूर्व में रूसी शहर कजान में 22 से 24 अक्टूबर तक आयोजित किया गया था।
विज्ञापन
'ब्रिक्स उभरते हुए शक्ति केंद्रों के लिए एक 'अपरिहार्य ढांचे' में बदला'
रूसी दूतावास ने अलीपोव की तरफ से मीडिया ब्रीफिंग के बाद एक बयान में उनके हवाले से कहा गया कि, विस्तारित सदस्यता के भीतर मतभेदों के बारे में सभी संदेहों के बावजूद हम काफी हद तक सफल रहे। क्योंकि हमारा सबसे बड़ा मूल्य कठिन मुद्दों के मामले में सौहार्दपूर्ण समाधान और एक आम जमीन खोजने के लिए ईमानदारी से समर्पण है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स उभरते हुए शक्ति केंद्रों के लिए एक 'अपरिहार्य ढांचे' में बदल गया है, और यह वैश्विक अशांति और अनिश्चितता की प्रतिक्रिया के रूप में अधिक से अधिक देशों को आकर्षित करता रहता है।
'ब्रिक्स में हम आपसी हितों और लाभ का करते हैं सम्मान'
रूसी दूत ने कहा, ब्रिक्स के भीतर, हम संप्रभु समानता, विविधता, आपसी हितों और आपसी लाभ का सम्मान करते हैं। यह तीन क्षेत्रों में संरचित 80 से अधिक क्षेत्रीय ट्रैक के साथ एक विविध, समावेशी और आम सहमति-आधारित सहयोग प्रदान करता है: नीति और सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वित्त तथा मानवीय और सांस्कृतिक संबंध। यह वर्चस्व से मुक्त है, एकतरफा प्रतिबंधों, दोहरे मानकों या घरेलू मामलों में हस्तक्षेप को अस्वीकार करता है।
ब्रिक्स को सदस्य-राज्यों के लिए एक संयुक्त क्षमता से लाभ उठाने और वैध राष्ट्रीय हितों और संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका के आधार पर निर्बाध सहयोग के माध्यम से अधिक लोकतांत्रिक वैश्विक शासन और सतत विकास की दिशा में साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि इन उद्देश्यों के लिए महत्वपूर्ण प्राथमिकता न्यायपूर्ण और समान बहुध्रुवीयता को बढ़ावा देना है। शिखर सम्मेलन के प्रमुख परिणामों में से एक यह है कि हमने भागीदार देशों की नई श्रेणी बनाई है, जिन्हें इस क्षमता में मंच में शामिल होने के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया जाएगा। उनके आमंत्रण स्वीकार करने के बाद उनकी घोषणा की जाएगी। ब्रिक्स के प्रति बढ़ती रुचि को संतुष्ट करना बहुत महत्वपूर्ण था।
विज्ञापन
दिल्ली में रूसी राजदूत ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
पिछले हफ्ते के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के परिणामों पर दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए, भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा कि यह 35 राज्यों और छह अंतरराष्ट्रीय संगठनों के नेताओं के साथ विस्तारित प्रारूप में पहला शिखर सम्मेलन था, जिसमें संयुक्त राष्ट्र महासचिव के साथ-साथ एशियाई, अफ्रीकी और लैटिन अमेरिकी देश शामिल थे, जो ब्रिक्स प्लस/आउटरीच प्रारूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पूरे वर्ष के दौरान, रूस ने लगभग 200 कार्यक्रमों की मेजबानी की - विदेशी और अन्य क्षेत्रीय मंत्रिस्तरीय बैठकें, संसदीय मंच, एनएसए संवाद, कार्य समूह, सम्मेलन और सेमिनार, व्यापार मंच, सांस्कृतिक और फिल्म समारोह और खेल खेल, फैशन फोरम और फायर ड्रिल जैसे कार्यक्रम आयोजित की गई।
विज्ञापन
2024 में ब्रिक्स का हुआ विस्तार
ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका (ब्रिक्स) का शिखर सम्मेलन, जो अब पांच अतिरिक्त सदस्यों मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और यूएई के साथ विस्तारित हो गया है, मास्को से लगभग 900 किलोमीटर पूर्व में रूसी शहर कजान में 22 से 24 अक्टूबर तक आयोजित किया गया था।
विज्ञापन
'ब्रिक्स उभरते हुए शक्ति केंद्रों के लिए एक 'अपरिहार्य ढांचे' में बदला'
रूसी दूतावास ने अलीपोव की तरफ से मीडिया ब्रीफिंग के बाद एक बयान में उनके हवाले से कहा गया कि, विस्तारित सदस्यता के भीतर मतभेदों के बारे में सभी संदेहों के बावजूद हम काफी हद तक सफल रहे। क्योंकि हमारा सबसे बड़ा मूल्य कठिन मुद्दों के मामले में सौहार्दपूर्ण समाधान और एक आम जमीन खोजने के लिए ईमानदारी से समर्पण है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स उभरते हुए शक्ति केंद्रों के लिए एक 'अपरिहार्य ढांचे' में बदल गया है, और यह वैश्विक अशांति और अनिश्चितता की प्रतिक्रिया के रूप में अधिक से अधिक देशों को आकर्षित करता रहता है।
'ब्रिक्स में हम आपसी हितों और लाभ का करते हैं सम्मान'
रूसी दूत ने कहा, ब्रिक्स के भीतर, हम संप्रभु समानता, विविधता, आपसी हितों और आपसी लाभ का सम्मान करते हैं। यह तीन क्षेत्रों में संरचित 80 से अधिक क्षेत्रीय ट्रैक के साथ एक विविध, समावेशी और आम सहमति-आधारित सहयोग प्रदान करता है: नीति और सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वित्त तथा मानवीय और सांस्कृतिक संबंध। यह वर्चस्व से मुक्त है, एकतरफा प्रतिबंधों, दोहरे मानकों या घरेलू मामलों में हस्तक्षेप को अस्वीकार करता है।
ब्रिक्स को सदस्य-राज्यों के लिए एक संयुक्त क्षमता से लाभ उठाने और वैध राष्ट्रीय हितों और संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका के आधार पर निर्बाध सहयोग के माध्यम से अधिक लोकतांत्रिक वैश्विक शासन और सतत विकास की दिशा में साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि इन उद्देश्यों के लिए महत्वपूर्ण प्राथमिकता न्यायपूर्ण और समान बहुध्रुवीयता को बढ़ावा देना है। शिखर सम्मेलन के प्रमुख परिणामों में से एक यह है कि हमने भागीदार देशों की नई श्रेणी बनाई है, जिन्हें इस क्षमता में मंच में शामिल होने के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया जाएगा। उनके आमंत्रण स्वीकार करने के बाद उनकी घोषणा की जाएगी। ब्रिक्स के प्रति बढ़ती रुचि को संतुष्ट करना बहुत महत्वपूर्ण था।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन