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हवा महल से मैत्रियोश्का तक: ब्रिक्स सम्मेलन में संस्कृतियों का संगम, किन कलाकारों ने बनाई दोस्ती की कलाकृति?

Sat, 12 Sep 2026 03:30 PM IST
देवेश त्रिपाठी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Sat, 12 Sep 2026 03:30 PM IST
सार

भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच कला के जरिए सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को सामने लाने की पहल की गई है। अलग-अलग देशों से आए कलाकारों ने संयुक्त रूप से तैयार की गई कलाकृति में अपनी परंपराओं और प्रतीकों को जगह दी है।

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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

भारत की मेजबानी में 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल भारत मंडपम में विभिन्न सदस्य देशों के कलाकारों ने मिलकर एक विशाल भित्ति चित्र तैयार किया है। भारतीय अवधारणा 'संगम' यानी नदियों के मिलने से प्रेरित यह कलाकृति ब्रिक्स देशों के बीच दोस्ती और संस्कृतियों के मेल का प्रतीक है।
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'ब्रिक्स फ्रेंडशिप म्यूरल' परियोजना के तहत तैयार यह रंगीन भित्ति चित्र भारत मंडपम की मुख्य इमारत की एक दीवार पर बनाया गया है। इसी इमारत में शिखर सम्मेलन का मुख्य कक्ष भी है। विदेश मंत्रालय के सांस्कृतिक विभाग भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
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'संस्कृतियों के संगम' थीम पर तैयार हुआ म्यूरल
इस कलाकृति को 'संगम: कॉन्फ्लुएंस ऑफ कल्चर्स' यानी 'संगम: संस्कृतियों का मेल' विषय पर तैयार किया गया है। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों की अलग-अलग कलात्मक परंपराओं को एक साझा सार्वजनिक कलाकृति में जोड़ा गया है।
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आईसीसीआर के अधिकारी के मुताबिक, यह परियोजना लोगों को केंद्र में रखकर शुरू की गई पहल है। यह भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के विषय 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' को दर्शाती है। साथ ही, ब्रिक्स के प्रमुख आधारों में शामिल सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क के महत्व को भी सामने लाती है।

आईसीसीआर ने संभाली परियोजना की जिम्मेदारी
इस कला परियोजना की जिम्मेदारी आईसीसीआर ने संभाली। रंग-बिरंगे भित्ति चित्र के बीच में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का लोगो बनाया गया है। इसके ऊपर राजस्थान के जयपुर स्थित प्रसिद्ध हवा महल को दर्शाया गया है। इसके दोनों ओर हाथियों की जोड़ी बनाई गई है, जो भारत का प्रतिनिधित्व करती है।

कलाकृति में प्रकृति, पेड़-पौधे, जीव-जंतु और विभिन्न ब्रिक्स सदस्य देशों की सांस्कृतिक विरासत को भी जगह दी गई है। इसमें रूसी कला के तत्वों के साथ ब्राजील समेत अन्य देशों को दर्शाने वाले प्रमुख स्थल भी शामिल हैं।

29 अगस्त से आठ सितंबर तक चला निर्माण
आईसीसीआर के अधिकारी की ओर से साझा किए गए नोट के अनुसार, 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले यह संयुक्त कलाकृति 29 अगस्त से आठ सितंबर तक नई दिल्ली में तैयार की गई। इसमें भारत और अन्य ब्रिक्स सदस्य देशों के 11 कलाकारों ने हिस्सा लिया।

कलाकारों ने 11 दिनों तक आयोजन स्थल पर साथ काम किया। उन्होंने अपनी अलग-अलग दृश्य परंपराओं, प्रतीकों और कलात्मक अभिव्यक्तियों को एक साझा संरचना में जोड़ा। आईसीसीआर के अनुसार, यह कलाकृति ब्रिक्स देशों के बीच 'दोस्ती, आपसी सम्मान और साझा आकांक्षाओं' का प्रतीक है।

ब्रिक्स में कौन-कौन से सदस्य देश?
ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। वर्ष 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के शामिल होने के बाद समूह का विस्तार हुआ। इंडोनेशिया 2025 में इसमें शामिल हुआ। पिछले साल बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम ब्रिक्स के साझेदार देश बने। 

विदेश मंत्रालय ने इस भित्ति चित्र परियोजना को दोस्ती और विविधता में एकता के उत्सव के रूप में बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा, 'संगम: संस्कृतियों का मेल को देखिए। यह 9 देशों के कलाकारों द्वारा तैयार की गई विशाल संयुक्त सार्वजनिक कला परियोजना है। भारतीय अवधारणा संगम से प्रेरित यह कलाकृति अलग-अलग उद्गम वाली नदियों के मिलने और साथ बहने की भावना को दर्शाती है।'

उन्होंने कहा कि यह कलाकृति ब्रिक्स के कलाकारों और संस्कृतियों को एक साथ लाकर 'दोस्ती और विविधता में एकता' का उत्सव मनाती है। जायसवाल ने कहा कि यह कला परियोजना भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम से प्रेरित है और लचीलापन, नवाचार, सहयोग तथा स्थिरता को दर्शाती है।

'ह्यूमैनिटी फर्स्ट' की भावना पर जोर
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' विषय से निर्देशित है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोगों को केंद्र में रखने वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो 'ह्यूमैनिटी फर्स्ट' यानी 'मानवता पहले' की भावना पर आधारित है।

ब्रिक्स पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक और सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वित्त तथा सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क के तीन बुनियादी स्तंभों के तहत सहयोग के व्यापक ढांचे के रूप में विकसित हुआ है। यह समूह दुनिया की 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाता है। ये देश दुनिया की करीब 49.5 प्रतिशत आबादी, करीब 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी और करीब 26 प्रतिशत वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। वर्ष 2026 में ब्रिक्स की स्थापना के 20 साल भी पूरे हो रहे हैं।

गाला डिनर में 100 से अधिक कलाकार देंगे प्रस्तुति
शिखर सम्मेलन के पहले दिन 12 सितंबर की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भारत मंडपम में विभिन्न देशों के नेताओं के लिए गाला डिनर आयोजित किया जाएगा। इसमें भारत के साथ अन्य ब्रिक्स सदस्य देशों के 100 से अधिक कलाकार प्रस्तुति देने वाले हैं। 


मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने पहले पीटीआई को बताया था कि इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से भारत के शास्त्रीय नर्तक और संगीतकार हिस्सा लेंगे। इसके अलावा ब्रिक्स के विभिन्न सदस्य देशों के संगीतकार भी प्रस्तुति देंगे। कलाकार गाला डिनर के दौरान 'ब्रिक्स सिम्फनी' पेश करेंगे।
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