{"_id":"65f25c442f90d650fb0bc006","slug":"breast-cancer-among-women-increased-india-since-2016-2024-03-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिपोर्ट: देश में 2016 के बाद से महिलाओं में स्तन कैंसर की बीमारी का बोझ बढ़ा, दिल्ली सहित चार राज्यों में अधिक","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
रिपोर्ट: देश में 2016 के बाद से महिलाओं में स्तन कैंसर की बीमारी का बोझ बढ़ा, दिल्ली सहित चार राज्यों में अधिक
Thu, 14 Mar 2024 07:39 AM IST
यशोधन शर्मा
परीक्षित निर्भय
परीक्षित निर्भय
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Thu, 14 Mar 2024 07:39 AM IST
सार
तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक और दिल्ली में सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए जा रहे हैं जबकि कुछ साल पहले तक यह बोझ सर्वाधिक पूर्वोत्तर राज्यों में देखने को मिल रहा है। हालांकि, इसके पीछे मुख्य कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन रिपोर्ट में स्तन कैंसर को लेकर 30 वर्ष की आयु के बाद महिलाओं में निगरानी बढ़ाने की सिफारिश की है।
विज्ञापन
ब्रेस्ट कैंसर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली सहित देश के चार राज्यों में महिलाओं में सबसे ज्यादा स्तन कैंसर का जोखिम देखा गया है। राष्ट्रीय रोग सूचना विज्ञान और अनुसंधान केंद्र (एनसीडीआईआर) ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी देते हुए बताया कि साल 2016 के बाद से महिलाओं में स्तन कैंसर की बीमारी तेजी से बढ़ी है। 2025 तक देश में 5.6 लाख से ज्यादा मामले सामने आ सकते हैं।
विज्ञापन
रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में कुल 13 लाख से ज्यादा कैंसर के मामले सामने आए हैं जिनमें 13.5 फीसदी स्तन कैंसर से जुड़े हैं। वहीं कैंसर से होने वाली कुल मौतों में इसकी हिस्सेदारी करीब 10 फीसदी है।
विज्ञापन
2012 से 2016 के बीच अलग अलग राज्यों की स्थिति पर चर्चा करते हुए रिपोर्ट में बताया गया कि देश में एक लाख महिलाओं में से 556 स्तन कैंसर की शिकार हो रही हैं। यह संख्या हर साल बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन
तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक और दिल्ली में सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए जा रहे हैं जबकि कुछ साल पहले तक यह बोझ सर्वाधिक पूर्वोत्तर राज्यों में देखने को मिल रहा है। हालांकि, इसके पीछे मुख्य कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन रिपोर्ट में स्तन कैंसर को लेकर 30 वर्ष की आयु के बाद महिलाओं में निगरानी बढ़ाने की सिफारिश की है।
महिला व पुरुष दोनों में हो सकती है बीमारी
दरअसल, स्तन कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें स्तन में कोशिकाएं असामान्य रूप से और अनियंत्रित तरीके से बढ़ती हैं और एक गांठ का रूप ले लेती हैं। इसे ट्यूमर कहा जाता है। स्तन कैंसर का इलाज किया जा सकता है, लेकिन यह वापस आ सकता है। स्तन कैंसर रक्त वाहिकाओं और लसीका वाहिकाओं के माध्यम से स्तन के बाहर फैल सकता है। जब स्तन कैंसर शरीर के अन्य भागों में फैल जाता है, तो इसे मेटास्टेसिस कहा जाता है। यह बीमारी महिला और पुरुष दोनों को हो सकती है। हालांकि, भारत में पुरुषों में स्तन कैंसर के मामले बेहद कम हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, महिलाओं में सबसे अधिक स्तन कैंसर की समस्या सामने आती है, प्रत्येक वर्ष 21 लाख महिलाएं स्तन कैंसर से प्रभावित हो रही हैं। साल 2018 में 6,27,000 (15%) महिलाओं की स्तन कैंसर से मृत्यु हुई।