बाल शक्ति पुरस्कार 2020 : उभरती हुई शूटर के पिता ने चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल
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ओलंपिक के लिए चयनित शूटर मानु भाकर के पिता रामकिशन ने बाल पुरस्कार अवार्ड चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। 17 साल की मानु ने 2018 में मैक्सिको वर्ल्ड कप में कई पदक जीतते हुए पिछले वर्ष देश की सबसे युवा स्वर्ण पदक विजेता का रुतबा भी हासिल किया था। वे 2020 में होने वाले ओलंपिक के 15 सदस्यीय शूटिंग दल का हिस्सा हैं।
उनके पिता ने कहा कि अगर इतने पदक जीतने पर भी मानु को अनदेखा किया जाता है तो यह निराशाजनक है। वे पूछना चाहेंगे कि विजेताओं के चयन की प्रक्रिया क्या है? क्या उसने चयन के लिए काफी उपलब्धि नहीं हासिल की? रामकिशन ने बताया कि उन्हाेंने समय पर पुरस्कार के लिए आवेदन किया था, जब मालूम हुआ कि मानु के नाम पर पुरस्कार के लिए विचार नहीं होगा तो उन्हाेंने महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
25 मेल किए : रामकिशन ने बताया उन्हाेंने अधिकारियों को 25 ई-मेल किए। कई फोन कॉल भी किए। हर बार निजी सचिव द्वारा जवाब में कहा गया कि अधिकारी व्यस्त हैं।
वीरता पुरस्कार पाने वाले बच्चों की वीरता की कहानी
उत्तराखंड की राखी बाघ से डरी नहीं, भाई को उसके पंजे से बचाया
पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली 10 साल की राखी को तेंदुए से अपने छोटे भाई राघव की जान बचाने के लिए वीरता पुरस्कार दिया जाएगा। राखी ने राघव को तो बचा लिया, लेकिन तेंदुए के पंजे से बुरी तरह घायल हो गई। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसका 15 दिनों तक इलाज चला और उसके सिर में 45 टांके लगे। भारतीय बाल कल्याण परिषद की ओर से वीरता के लिए राखी को मार्केंडय पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई है। पिछले साल 4 अक्तूबर को राखी अपने भाई को कंधे पर बिठाकर खेत से गांव आ रही थी। तभी तेंदुए ने राघव पर झपटा मारा। 5वीं कक्षा में पढ़ने वाली राखी घबराई नहीं और तेंदुए के पंजे से राघव को छुड़ा लिया। मां के शोर मचाने पर तेंदुआ जंगल में भाग गया और राखी व राघव की जान बच गई।
जम्मू-कश्मीर के सरताज को मिलेगा श्रवण पुरस्कार
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा के रहने वाले 16 साल के सरताज मोहिद्दीन मुगल का परिवार पिछले साल 24 अक्तूबर को पाकिस्तानी गोलीबारी की चपेट में आ गया था। पाकिस्तान की ओर से दागा गया एक गोला सरताज के घर पर आकर गिरा। सीजफायर उल्लंघन की इस घटना में उसका घर क्षतिग्रस्त हो गया और उसे चोट भी आई। इसकी परवाह किए बगैर सरताज ने माता-पिता और दो बहनों को किसी तरह से घर से बाहर निकाला। 10वीं में पढ़ने वाले सरताज को असाधारण साहस के लिए श्रवण पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
बड़गाम के अशरफ ने दिया पराक्रम का परिचय
जम्मू-कश्मीर के बड़गाम जिले के 18 वर्षीय मुदासिर अशरफ ने अपनी जान जोखिम में डालकर गिरते हुए हेलिकॉप्टर की चपेट में आए एक ग्रामीण को बचाने का प्रयास किया। पिछले साल 27 फरवरी को ग्रिंद कला गांव मेें एमआई-17 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था और उसमें आग लग गई थी। इसकी चपेट में एक ग्रामीण आ गया, जिसे अशरफ ने बचाने की कोशिश की। अशरफ की लाख कोशिशों के बावजूद ग्रामीण को बचाया नहीं जा सका। उन्होंने ग्रामीणों को भी बचाव दल की सहायता करने के लिए प्रोत्साहित किया।
पहाड़ी से नीचे गिरी कार से अपने परिवार को बचाया
कार अनियंत्रित होकर पहाड़ी से नीचे गिर जाए और उसमें परिवार फंसा हो, तो कुछ सूझता नहीं है। हिमाचल प्रदेश के पालमपुर की 13 वर्षीय अलाईका ने अपनी सूझबूझ से विषम परिस्थितियों में साहस का परिचय दिया। उसने न सिर्फ अपनी जान बचाई, बल्कि अपने परिवार को भी समय रहते मदद दिलवाई। अलाइका 1 सितंबर, 2018 को माता-पिता और दादा के साथ चचेरे भाई के जन्मदिन पर जा रही थी। अलाईका जिस कार में सवार थी वह खाई में गिर गई और एक पेड़ से टकराकर रुक गई। उसने पहले खुद को कार से बाहर निकाला और झाड़ियों से रेंगते हुए सड़क पर पहुंची। जिसके बाद उसके परिवार की जान बची।
हरियाणा के ईशान सहित ऐसे 49 बहादुर बच्चों को राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
ईशान की तरह ही 10 वर्षीय लालकंसुग को मणिपुर में तीन लड़कियों को झील में डूबने से बचाने और पेमा को बारिश केे दौरान स्कूल की दीवार ढहने पर दो लड़कियों को बचाने के लिए बुधवार को राष्ट्रपति ने सम्मानित किया।
देश को आगे बढ़ाने में बच्चे पूरे जोश और जी-जान से योगदान दे रहे हैं। कला, खेल, संगीत, इनोवेशन, समाज सेवा और सबसे प्रमुख वीरता जैसे क्षेत्रों में शानदार काम करने वाले ईशान जैसे देश के 49 बच्चों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को बाल शक्ति पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया। केवल पांच से 18 साल के इन बच्चों को मेडल, सर्टिफिकेट, स्मृति चिह्न और एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
प्रमुख राज्यों में इन्हें मिले सम्मान
हरियाणा : वीरता - ईशान शर्मा, इनोवेशन - पारितोष दहिया, सामाजिक सेवा - शौर्य सिन्हा, खेल - खुशी हुडा, नेहा, पृथु गुप्ता।
उत्तर प्रदेश : कला एवं संस्कृति - गौरी मिश्रा, इनोवेशन - हर्षिता अरोड़ा, पार्थ बंसल, समाज सेवा - पार्थ सारथी, खेल - आरुषि शर्मा, रुशिल खोसला।
दिल्ली के सात बच्चों को सम्मान
- 18 वर्षीय संचिता तिवारी ने तीरंदाजी में तीन अंतरराष्ट्रीय मेडल जीते हैं। उन्हें खेलों के लिए सम्मानित किया गया।
- 15 साल की परिकुल भारद्वाज को सामाजिक सेवा क्षेत्र में सम्मानित किया गया। उन्हाेंने केदारनाथ यात्रा के दौरान विकट हालात में मरीजाें को चिकित्सा में सहयोग दिया था।
- चिराग फलोर ने हंगरी में आयोजित खगोल विज्ञान के अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में हिस्सा लिया था। उन्हें अकादमिक क्षेत्र में काम के लिए सम्मान मिला।
- 17 साल के अर्जुन पांडेय को भारत के पहले स्काउटिंग मोबाइल पोर्टल ‘स्काउट मी’ के लिए सम्मानित किया गया। इस पोर्टल को ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन अपना चुकी है।
- 18 साल के राघव पुरी को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) आधारित प्रोजेक्ट रिकवरिंग हिस्ट्री के लिए सम्मानित किया गया। इसके जरिए उन्हाेंने इतिहास और सांस्कृतिक अध्ययन के लिए प्राचीन वस्तुओं के टूटे हिस्सों को फिर से रचने की विधि तैयार की है।
- सागनिक अनुपम को अगुरा एप्लीकेशन के लिए पुरस्कार दिया गया। यह एप्लीकेशन एआई के जरिए नदियों में बाढ़ का अनुमान देता है।
- 19 साल के तनिष्क गोयल ने मशीन लर्निंग आधारित स्मार्ट ड्रोन निगरानी कार्यक्रम तैयार किया है। इसे नासा द्वारा भी पुरस्कार के लिए चुना गया था।