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माल्या की संपत्ति जब्त करने पर नहीं लगेगी रोक, बांबे हाईकोर्ट ने किया राहत देने से इनकार

Thu, 22 Nov 2018 04:54 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Updated Thu, 22 Nov 2018 04:54 PM IST
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Bombay high court dismisses Vijay Mallya appeal
vijay mallya

बांबे हाईकोर्ट ने भी शराब कारोबारी विजय माल्या की संपत्ति जब्त करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अपनी याचिका में माल्या ने मांग की थी कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए जाने व उसकी संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।

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ईडी ने मुंबई की पीएमएलए कोर्ट में माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए जाने की मांग को लेकर आवेदन दायर किया है। माल्या ने अपनी याचिका में मांग की थी कि ईडी के इस आवेदन की सुनवाई पर रोक लगाई जाए। नियमानुसार यदि किसी को भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया जाता है तो जांच एजेंसी को आरोपी की संपत्ति जब्त करने का अधिकार मिल जाता है।
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न्यायमूर्ति आरएम सावंत की खंडपीठ के सामने माल्या के आवेदन पर सुनवाई हुई। इस दौरान माल्या के वकील अमित देसाई ने कहा कि मेरे मुवक्किल बैंको का बकाया पैसा देने को तैयार बस उनकी संपत्ति न जब्त की जाए। क्योंकि इससे पैसे लौटाने में दिक्कत आएगी। किंतु खंडपीठ ने याचिका में माल्या की ओर से किए गए आग्रह को अस्वीकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया।

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बता दें कि इसी साल अगस्त महीने में भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून, 2018 पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुहर लगाई थी। इस कानून के जरिये नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे बड़े आर्थिक अपराधियों को देश छोड़कर भागने और कानून से बच निकलने से रोका जा सकता है। कानून के तहत अधिकृत विशेष अदालत को किसी व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने और उसकी बेनामी व अन्य संपत्ति जब्त करने का अधिकार है। जब्त करने के आदेश की तारीख से सभी संपत्तियों का अधिकार केंद्र सरकार के पास चला जाएगा। लोकसभा ने इस विधेयक को 19 जुलाई, जबकि राज्यसभा ने 25 जुलाई को इस विधेयक को पारित कर दिया था। 


किसे माना जाता है भगोड़ा आर्थिक अपराधी
अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ 100 करोड़ रुपये या अधिक के आर्थिक अपराधों में शामिल होने पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया हो। वह व्यक्ति मुकदमे से बचने के लिए देश छोड़कर फरार हो गया हो, तो उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी माना जाता है।   

उल्लेखनीय है कि इससे पहले बुधवार(21 नवंबर) को यूके की हाईकोर्ट ने माल्या को 80 हजार पाउंड जमा करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि वो स्विस बैंक यूबीएस को 80 हजार पाउंड की राशि को तुरंत अदा करें। ऐसा नहीं करने पर माल्या को अपने लंदन स्थित घर से बेदखल होना पड़ेगा। यूबीएस ने 28 अक्तूबर को कोर्ट में अर्जी दी थी कि वो माल्या को पैसा जमा करने का आदेश दे।


माल्या और उसके परिवार की कंपनी रोज कैपिटल वेंचर ने लंदन स्थित घर को पांच साल के लिए गिरवी रखकर 20.4 मिलियन पाउंड का कर्ज 2012 में लिया था। हालांकि अभी तक माल्या ने  इस लोन को अदा नहीं किया है। इसके चलते ही बैंक ने कोर्ट ने अर्जी देकर के माल्या को घर से बेदखल करने और प्रॉपर्टी पर कब्जा देने का अनुरोध किया था। 
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