नहीं मिली राहत: एफआईआर रद्द करने की मांग वाली अनिल देशमुख की याचिका खारिज, बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भ्रष्टाचार के एक मामले में अपने खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए यह याचिका दाखिल की थी। इसके अलावा अदालत ने इस एफआईआर के कुछ पैराग्राफ को चुनौती देने वाली महाराष्ट्र सरकार की याचिका को भी खारिज कर दिया है।
विस्तार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की एक याचिका खारिज कर दी है। इस याचिका में देशमुख ने भ्रष्टाचार के एक मामले में सीबीआई की ओर से अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को खारिज करने की मांग की थी। इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार की उस याचिका को भी खारिज कर दिया जिसमें देशमुख के खिलाफ सीबीआई की एफआईआर के कुछ अंशों को चुनौती दी गई थी।
इससे पहले 19 जुलाई को देशमुख ने कहा था कि मैं इस याचिका पर हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद ही ईडी के सामने अपना बयान दर्ज कराने के लिए पेश होऊंगा। उल्लेखनीय है कि देशमुख इससे पहले मामले में पूछताछ के लिए ईडी की ओर से समन जारी किए जाने के बावजूद उसके समक्ष पेश नहीं हुए थे। अब जब अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है उम्मीद की जा रही है कि ईडी जल्द ही देशमुख से पूछताछ करेगी।
Bombay High Court dismisses a plea of former Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh seeking quashing of FIR against him registered by CBI in a corruption case
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The court also dismisses a petition by the state govt, challenging few paragraphs of the CBI FIR against Deshmukh pic.twitter.com/49EuFlqSoO — ANI (@ANI) July 22, 2021
बता दें कि कथित तौर पर करोड़ों रुपये के घूस और वसूली गिरोह मामले से जुड़े धन शोधन के मामले के चलते देशमुख को इस साल अप्रैल में गृह मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। मामले की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में अनिल देशमुख के निजी सचिव संजीव पलांडे (51) और निजी सहायक कुंदन शिंदे (45) को गिरफ्तार किया था।
इससे पहले उसने इन दोनों और एनसीपी नेता के मुंबई व नागपुर स्थित आवासों पर छापे मारे थे। ईडी ने अदालत के आदेश पर दर्ज किए गए मामले व सीबीआई की प्रारंभिक जांच के बाद देशमुख व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया। न्यायालय ने सीबीआई को मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा देशमुख के खिलाफ लगाए रिश्वत के आरोपों की जांच करने को कहा था। देशमुख ने आरोपों से इनकार किया है।
देशमुख और उनकी पत्नी की चार करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति कुर्क की
16 जुलाई को ईडी ने बताया था कि अनिल देखमुख और उनके परिवार के खिलाफ जबरन वसूली-सह-घूसखोरी मामले से जुड़ी धनशोधन की जांच के संबंध में उसने 4.20 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति कुर्क की गई है। धन शोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मुंबई के वर्ली में 1.54 करोड़ रुपये मूल्य के एक फ्लैट और रायगढ़ जिले के धुतुम गांव में 2.67 करोड़ मूल्य के 25 भूखंडों को कुर्क करने के शुरुआती आदेश जारी किए गए थे। ईडी ने आरोप लगाया था कि कुर्क संपत्तियां देशमुख के लाभकारी स्वामित्व वाली हैं।