{"_id":"635ba9bdb7ce9a1d447919d5","slug":"bombay-hc-quashes-bmc-order-and-ncp-leader-mandal-gets-nod-for-chhath-puja-at-ghatkopar-ground","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chhath Puja: बॉम्बे HC ने BMC का आदेश को किया रद्द, राकांपा नेता को मिली घाटकोपर मैदान में छठ पूजा की मंजूरी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Chhath Puja: बॉम्बे HC ने BMC का आदेश को किया रद्द, राकांपा नेता को मिली घाटकोपर मैदान में छठ पूजा की मंजूरी
Fri, 28 Oct 2022 03:37 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Fri, 28 Oct 2022 03:37 PM IST
सार
छठ पूजा का आयोजन 30-31 अक्टूबर को मुंबई के घाटकोपर के आचार्य अत्रे मैदान में होना है। ऐसे में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की पूर्व पार्षद राखी जाधव के नेतृत्व वाले संगठन श्री दुर्गा परमेश्वरी सेवा मंडल ने बीएमसी से इस मैदान में छठ पूजा के आयोजन की अनुमति मांगी थी।
विज्ञापन
कोर्ट का फैसला
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
घाटकोपर के एक मैदान में छठ पूजा करने को लेकर बीएमसी द्वारा पहली दी गई अनुमति को रद्द करने के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई की। इस मामले में अदालत ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के पहले दी गई अनुमति को रद्द करने के आदेश को रद्द कर दिया।
विज्ञापन
क्या था मामला
दरअसल, छठ पूजा का आयोजन 30-31 अक्टूबर को मुंबई के घाटकोपर के आचार्य अत्रे मैदान में होना है। ऐसे में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की पूर्व पार्षद राखी जाधव के नेतृत्व वाले संगठन श्री दुर्गा परमेश्वरी सेवा मंडल ने बीएमसी से इस मैदान में छठ पूजा के आयोजन की अनुमति मांगी थी। बीएमसी ने पहले राकांपा नेता के संगठन को इसकी अनुमति दे भी दी थी, लेकिन बाद में अपनी पहले की दी गई अनुमति को रद्द करते हुए बीएमसी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व पार्षद भालचंद्र शिरसत द्वारा समर्थित एक संगठन को इसकी अनुमति दे दी। इसे लेकर ही जाधव ने बीएमसी के आदेश को रद्द करने के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने खारिज किया आदेश
मामले में सुनवाई के दौरान, बीएमसी ने अदालत को बताया कि परमेश्वरी सेवा मंडल के मैदान के अनुरोध पर आवंटन के लिए विचार नहीं किया गया क्योंकि वे अग्निशमन विभाग, स्थानीय पुलिस स्टेशन और यातायात पुलिस से आवश्यक एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) प्रदान करने में असमर्थ थे। इसलिए बीएमसी ने बाद में अटल सामाजिक संस्कृति सेवा प्रतिष्ठान को अनुमति दी थी, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व पार्षद भालचंद्र शिरसत द्वारा समर्थित एक संगठन है। बीएमसी ने कहा कि चूंकि अटल सामाजिक संस्कृति सेवा प्रतिष्ठान ने समय पर दस्तावेज जमा कर दिए थे, इसलिए उसे उत्सव आयोजित करने की अनुमति दी गई थी।
विज्ञापन
वहीं अब, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद BMC के आदेश को रद्द कर दिया है। साथ ही हाई कोर्ट ने बीएमसी के उस आदेश को भी खारिज कर दिया जिसमें अटल सामाजिक संस्कृति सेवा प्रतिष्ठान को छठ पूजा आयोजित करने की अनुमति दी गई थी।