फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   BMC to begin drive starting today against shops in Mumbai establishments that do not have Marathi signboards

Mumbai: देवनागरी साइनबोर्ड नहीं लगाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आज से कार्रवाई शुरू, BMC ने बनाई एक टीम

Tue, 28 Nov 2023 03:33 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 28 Nov 2023 03:33 PM IST
सार

बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने देवनागरी लिपि में नाम के साथ साइनबोर्ड नहीं लगाने वाले दुकानों, होटलों एवं अन्य व्यवासायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ मंगलवार से कार्रवाई शुरू की।

विज्ञापन
BMC to begin drive starting today against shops in Mumbai establishments that do not have Marathi signboards
बृहन्मुंबई महानगरपालिका - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने उन दुकानों, होटलों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ आज अभियान चलाया, जिनमें देवनागरी लिपि में मराठी साइनबोर्ड नहीं लगा था। बीएमसी ने बताया कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक टीम बनाई गई है।

विज्ञापन


बीएमसी अधिकारी संजय सोनार ने कहा कि बहुत लंबे समय से मराठी में साइनबोर्ड लगाने की बात कही जा रही है। अब तक, कई लोगों ने मराठी में साइनबोर्ड लगवा लिए, लेकिन कुछ लोगों ने इसका विरोध किया और अदालत चले गए। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया और उन्हें दो महीने का अल्टीमेटम दिया गया, जो 25 नवंबर को खत्म भी हो गया।
विज्ञापन

 
उन्होंने आगे कहा, 'हमारी कार्रवाई आज से शुरू हो गई है। जांच करने पर पता चला है कि अधिकतर मराठी में साइनबोर्ड लगे हैं। लेकिन जिन दुकानों पर नहीं लगे हैं, उनपर कार्रवाई करनी होगी। सबसे पहले हम नोटिस देंगे और फिर हम उनके लाइसेंस की जांच करेंगे। एक बार जब वे हमें अपना लाइसेंस दिखाएंगे, तो हमें कर्मचारियों की संख्या के बारे में पता चल जाएगा और फिर अदालत आगे की कार्रवाई तय करेगी।'
विज्ञापन
विज्ञापन


मराठी साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य
दरअसल, बीएमसी ने एक आदेश जारी कर कहा था कि मुंबई में अब दुकानों और प्रतिष्ठानों के लिए मराठी साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही सर्कुलर के अनुसार शराब की दुकानों और बार का नाम किलों, गणमान्य व्यक्तियों और मूर्तियों के नाम पर नहीं रखना है। आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई करने की बात भी कही गई थी। नगर निकाय ने कहा था कि इन नियमों के उल्लंघन के मामले में संबंधित दुकान और प्रतिष्ठान मालिकों के खिलाफ महाराष्ट्र दुकान और प्रतिष्ठान अधिनियम के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। 

पिछले साल सरकार ने किया था संशोधन
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 17 मार्च, 2022 को मराठी नेमप्लेट के लिए महाराष्ट्र दुकान और प्रतिष्ठान अधिनियम में संशोधन किया था। बुधवार को, बीएमसी ने उसी के संबंध में एक परिपत्र प्रकाशित किया था। बीएमसी के अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी थी।


हाल ही में फिर हुई बैठक
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने हाल ही में कहा था कि देवनागरी लिपि में नाम के साथ साइनबोर्ड नहीं लगाने वाले दुकानों, होटलों एवं अन्य व्यवासायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ वह मंगलवार से कार्रवाई शुरू करेगी। बीएमसी ने एक बयान में कहा था कि उसके प्रशासक आई.एस. चहल ने एक बैठक की और अधिकारियों को उच्चतम न्यायालय के इस निर्देश का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा था कि (अन्य लिपि के अलावा) देवनागरी में भी दुकानों, संस्थानों और होटलों के नाम होने चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed