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BMC Polls: बिहार चुनाव के बाद उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान- कांग्रेस अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र और हम भी
Sun, 16 Nov 2025 06:25 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 16 Nov 2025 06:25 PM IST
सार
Uddhav Thackeray On Congress: शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी और कांग्रेस के रिश्तों पर बातचीत करते हुए कहा है कि कांग्रेस और उनकी पार्टी अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है। इस दौरान उन्होंने बिहार चुनावों के नतीजों पर भी सवाल खड़े किए और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है।
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उद्धव ठाकरे, प्रमुख, शिवसेना (यूबीटी)
- फोटो : ANI
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विस्तार
मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों से पहले राजनीति का माहौल गर्म है। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को साफ कहा कि कांग्रेस चाहे जिस तरह चुनाव लड़े, फैसला उनका है और ठीक उसी तरह उनकी पार्टी भी अपने फैसले खुद लेगी। कांग्रेस ने एक दिन पहले संकेत दिया था कि वह बीएमसी चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ने की तैयारी में है। यह बयान तब आया है जब महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के अंदर एमएनएस को साथ लेने पर मतभेद उभर रहे हैं। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने राज ठाकरे की पार्टी को गठबंधन में शामिल करने पर ऐतराज जताया है, जबकि हाल के दिनों में उद्धव और राज ठाकरे की नजदीकियां चर्चा में हैं।
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चुनावी गणित पर सवाल
वहीं उद्धव ठाकरे ने बिहार चुनावों के नतीजों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, 'समझ में नहीं आता कि सभाओं में लाखों लोग जुटते हैं, लेकिन उम्मीदवार हार जाते हैं। यह कौन-सी नई लोकतंत्र की गणित है?' उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव की भारी भीड़ के बावजूद मिली हार पर भी निशाना साधा और पूछा कि यह समर्थन असली था या फिर कहीं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बनाई गई 'दिखावटी भीड़'?
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चुनाव आयोग पर भी कड़ा वार
उद्धव यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार मतदाता सूची में अनियमितताओं की शिकायत कर रहा है, मार्च निकाल रहा है, लेकिन चुनाव आयोग इन मुद्दों पर बात करने को तैयार ही नहीं दिखता। 'हम चुनावों का विरोध नहीं करते, चुनाव राजनीति की जान हैं। लेकिन क्या इसे लोकतंत्र कहा जाए अगर प्रक्रिया पारदर्शी ही न हो?' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा देश में क्षेत्रीय पार्टियों को खत्म करने की कोशिश कर रही है, और ऐसी राजनीति ज्यादा समय नहीं टिक पाएगी।
यह भी पढ़ें - Lalu Family Rift: बिहार के सबसे चर्चित परिवार में दरार पर महाराष्ट्र तक बतकही; NCP-AIMIM नेताओं ने कही ये बात
कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के रिश्तों पर अंतिम बात
इस दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा, 'कांग्रेस स्वतंत्र पार्टी है, अपने निर्णय लेने के लिए आजाद है। और मेरी पार्टी भी बिल्कुल स्वतंत्र है।' उनके इस बयान से साफ है कि बीएमसी चुनावों को लेकर एमवीए के अंदर की खिचड़ी पूरी तरह पक चुकी है, और आगे की राजनीति में नए समीकरण भी बन सकते हैं।
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चुनावी गणित पर सवाल
वहीं उद्धव ठाकरे ने बिहार चुनावों के नतीजों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, 'समझ में नहीं आता कि सभाओं में लाखों लोग जुटते हैं, लेकिन उम्मीदवार हार जाते हैं। यह कौन-सी नई लोकतंत्र की गणित है?' उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव की भारी भीड़ के बावजूद मिली हार पर भी निशाना साधा और पूछा कि यह समर्थन असली था या फिर कहीं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बनाई गई 'दिखावटी भीड़'?
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चुनाव आयोग पर भी कड़ा वार
उद्धव यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार मतदाता सूची में अनियमितताओं की शिकायत कर रहा है, मार्च निकाल रहा है, लेकिन चुनाव आयोग इन मुद्दों पर बात करने को तैयार ही नहीं दिखता। 'हम चुनावों का विरोध नहीं करते, चुनाव राजनीति की जान हैं। लेकिन क्या इसे लोकतंत्र कहा जाए अगर प्रक्रिया पारदर्शी ही न हो?' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा देश में क्षेत्रीय पार्टियों को खत्म करने की कोशिश कर रही है, और ऐसी राजनीति ज्यादा समय नहीं टिक पाएगी।
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कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के रिश्तों पर अंतिम बात
इस दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा, 'कांग्रेस स्वतंत्र पार्टी है, अपने निर्णय लेने के लिए आजाद है। और मेरी पार्टी भी बिल्कुल स्वतंत्र है।' उनके इस बयान से साफ है कि बीएमसी चुनावों को लेकर एमवीए के अंदर की खिचड़ी पूरी तरह पक चुकी है, और आगे की राजनीति में नए समीकरण भी बन सकते हैं।