{"_id":"5e3f1de68ebc3ee5da516ee3","slug":"blood-test-will-tell-fear-of-blindness-in-future-40-percent-elderly-in-india-facing-this-problem","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्लड टेस्ट बताएगा भविष्य में अंधेपन का डर तो नहीं, भारत में 40 फीसदी बुजुर्ग इस समस्या से जूझ रहे","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ब्लड टेस्ट बताएगा भविष्य में अंधेपन का डर तो नहीं, भारत में 40 फीसदी बुजुर्ग इस समस्या से जूझ रहे
Sun, 09 Feb 2020 07:12 AM IST
योगेश साहू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मैनचेस्टर।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मैनचेस्टर।
Published by: योगेश साहू
Updated Sun, 09 Feb 2020 07:12 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक ब्लड टेस्ट से पूरी दुनिया में अंधेपन के सबसे बड़े कारण का इलाज हो सकता है। शोधकर्ताओं ने कहा है कि बढ़ती उम्र के चलते आंखों की रोशनी कम होना (एएमडी) लोगों के अंधेपन का सबसे बड़ा कारण है, लेकिन ब्लड के एक टेस्ट से यह पता चल सकता है कि भविष्य में यह समस्या किसे हो सकती है। शोध के नतीजों से यह उम्मीद जगी है कि एएमडी की आशंका का पहले पता चलने से इसका इलाज हो सकता है।
विज्ञापन
एफएचआर-4 प्रोटीन की एएमडी में अहम भूमिका
मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बताया है कि एएमडी के मरीजों के खून में एफएचआर-4 प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है, जिसका पता खून की जांच से लग सकता है। शोध के सह-लेखक पॉल बिशप ने कहा कि करीब 1000 मरीजों का अध्ययन करने के बाद पता चला कि एफएचआर-4 प्रोटीन की इस बीमारी में बड़ी भूमिका होती है।
विज्ञापन
शोधकर्ताओं ने नेत्रदान के लिए जमा की गई आंखों का भी अध्ययन किया। इसमें भी उन्हें मैकुला में एफएचआर-4 की उपस्थिति का पता चला। आंखों की रोशनी बनाए रखने में मैकुला की बड़ी फूमिका होती है, लेकिन एएमडी के मरीजों में इसकी गतिविधियां कमजोर पड़ जाती हैं। मरीज की आंखों में धुंधलापन आ जाता है, उसे पढ़ने में और लोगों का चेहरा पहचानने में समस्याएं आने लगती हैं।
विज्ञापन
दोनों आंखों के प्रभावित होने का खतरा
एएमडी आम तौर पर दोनों आंखों को प्रभावित करता है, हालांकि इसकी टाइमिंग में फर्क हो सकता है। उसका सबसे बड़ा कारण बढ़ती उम्र ही है, लेकिन धूम्रपान जैसी आदतें और आनुवांशिकता की भी इसमें भूमिका हो सकती है। नेचर पत्रिका में छपे शोध के नतीजों में बताया गया है कि खून में एफएचआर-4 प्रोटीन का स्तर पता कर एएमडी का पूर्वानुमान लगाना संभव हो सकता है। ऐसी दवाएं भी तैयार की जा सकती हैं जो एफएचआर-4 की मात्रा को कम कर सकते हैं।
- ब्रिटेन में करीब 6 लाख लोग इससे पीड़ित हैं।
- अमेरिका में 20 लाख से ज्यादा लोग एएमडी के शिकार हैं।
- भारत में करीब 40 फीसदी बुजुर्गों को यह समस्या होती है। 2026 तक इनकी संख्या 18 करोड़ से ज्याहा होने का अनुमान है।