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नितिन नवीन होंगे भाजपा अध्यक्ष: क्या पहले भी कार्यकारी प्रमुख बने हैं पार्टी के मुखिया? जानें कब-किसे मिला पद
Mon, 19 Jan 2026 07:48 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 19 Jan 2026 07:48 PM IST
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सार
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भाजपा के नए अध्यक्ष होंगे नितिन नवीन।
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
भाजपा ने सोमवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव आयोजित किए। इसमें पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के अलावा और किसी नेता ने नामांकन दाखिल नहीं करवाया। इसके बाद नितिन नवीन का भाजपा का अगला पूर्णकालिक अध्यक्ष बनना तय हो गया है। हालांकि, इसका औपचारिक एलान मंगलवार (20 जनवरी) को किया जाएगा। बता दें कि नितिन नबीन को बीते महीने दिसंबर में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष चुने गए थे।वैसे इतिहास को देखा जाए तो भाजपा के आज तक जितने कार्यकारी अध्यक्ष हुए हैं, उन सभी को यह जिम्मेदारी पूर्ण समय के लिए मिली है। नितिन नवीन के मामले में भी कुछ ऐसा ही होना तय था।
पहले कब-क्यों बनाए गए थे कार्यकारी अध्यक्ष?
भाजपा के पहले कार्यकारी अध्यक्ष जना कृष्णमूर्ति रहे। दरअसल, साल 2000 में पार्टी ने बंगारू लक्ष्मण को अध्यक्ष नियुक्त किया था, हालांकि एक साल बाद ही तहलका मैगजीन की ओर से किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद लक्ष्मण ने इस्तीफा दे दिया। इसके चलते भाजपा ने 2001 में जना कृष्णमूर्ति को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया। कुछ ही समय बाद पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने उन्हें पूर्ण अध्यक्ष बनाया। लेकिन 2002 में उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में मंत्री पद सौंप दिया गया। ऐसे में कृष्णमूर्ति ने भाजपा अध्यक्ष का पद छोड़ दिया। उनके बाद वेंकैया नायडू पूर्णकालिक अध्यक्ष बने थे।
इसके अलावा दूसरा उदाहरण खुद जेपी नड्डा का है, जिन्हें 2019 में अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। 2020 में उन्हें भाजपा का पूर्ण अध्यक्ष चुन लिया गया। यूं तो उनका कार्यकाल तीन साल का था, लेकिन पहले 2024 के लोकसभा चुनाव और फिर अलग-अलग राज्यों में कार्यकारिणी के चुनाव पूरे न हो पाने की वजह से भाजपा के अगले अध्यक्ष का चुनाव रुका रहा। ऐसे में जेपी नड्डा ने पहले 2020 से 2024 तक और फिर 2024 से अब तक एक साल के एक्सटेंशन पर पार्टी का कार्यभार संभाला है।
इस लिहाज से नितिन नवीन के ही भाजपा का पूर्णकालिक अध्यक्ष बनने की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, इसका एलान खरमास के बाद किए जाने की तैयारी थी। 19 जनवरी को चुनाव से अब यह तस्वीर स्पष्ट भी हो गई है।
इस लिहाज से नितिन नवीन के ही भाजपा का पूर्णकालिक अध्यक्ष बनने की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, इसका एलान खरमास के बाद किए जाने की तैयारी थी। 19 जनवरी को चुनाव से अब यह तस्वीर स्पष्ट भी हो गई है।
अब जानें- कौन हैं नितिन नवीन
नितिन नवीन भाजपा के बड़े नेताओं से एक और जेपी आंदोलन से राजनीति की शुरुआत करने वाले दिवंगत नवीन सिन्हा के बेटे हैं। 23 मई 1980 पटना में नितिन नवीन का जन्म हुआ है। उनकी 12वीं तक की पढ़ाई दिल्ली में हुई। 2005 में पटना पश्चिम सीट से विधायक रहे 55 साल के नवीन सिन्हा का निधन दिल्ली में हो गया था। उस वक्त नितिन महज 26 साल के थे। भाजपा ने नितिन नवीन को अपने पिता की विरासत संभालेंगे के लिए कहा। लेकिन, शुरू में नितिन नहीं मानें। उनकी मां मीरा सिन्हा ने उन्हें समझाया तो वह मान गए। नितिन चुनावी मैदान में पटना पश्चिम उतरे। उपचुनाव में वह पहली बार जीते। इसके बाद से जो जीत का सिलसिला शुरू हुआ, वह आज तक जारी है।Nitin Nabin Net Worth: 46 की उम्र में भाजपा की कमान थामने वाले नीतिन के पास नकद महज ₹35 हजार, जानें नेटवर्थ
संगठन में भी कई बड़ी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं
नितिन नवीन का कद संगठन में भी बड़ा है। इस बात का सबूत उन्हें अलग-अलग समय पर मिलने वाली जिम्मेदारी है। 2008 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा, का राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य सह प्रभारी बनाया गया। 2010 से 2013 के बीच नितिन भाजयुमो राष्ट्रीय महामंत्री बने। 2013 में वह IVLP कार्यक्रम के अंतर्गत 15 दिनों की अमेरिकी यात्रा पर गए। इसके बाद 2016-2019 में वह भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष बने। 2019 में ही उन्हें भाजपा ने सिक्किम राज्य का लोकसभा और विधानसभ चुनाव प्रभारी बना दिया। इसके बाद 2021 से 2024 के बीच नितिन छत्तीसगढ़ में सह-प्रभारी रहे। 2024 में छत्तीसगढ़ के लोकसभा चुनाव प्रभारी बने। जुलाई 2024 से अब तक वह छत्तीसगढ़ के राज्य प्रभारी के रूप में संगठन के दायित्व को देख रहे हैं।Nitin Nabin: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन रहे नितिन नवीन के बारे में 5 खास बातें; कहां से शुरू हुआ था सफर?