फलता में BJP की रिकॉर्ड जीत: PM मोदी बोले- धमकियों की हार हुई; सीएम समेत कई नेताओं ने दी बधाई; किसने क्या कहा?
पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर हुए दोबारा मतदान की गिनती पूरी होने के बाद भाजपा प्रत्याशी देबांग्शु पांडा को विजयी घोषित किया गया। भाजपा प्रत्याशी को 1,49,666 वोट मिले हैं। जीत का अंतर 1.09 लाख वोट से अधिक रहा है। यहां जानिए भाजपा की इस जीत पर किसने क्या कहा...
विस्तार
पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा में हुए दोबारा मतदान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ी जीत दर्ज की है। पार्टी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा की जीत के बाद इलाके में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया और एक-दूसरे को बधाई दी। जीत की खबर सामने आते ही दक्षिण 24 परगना में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्सव जैसा माहौल बना दिया। ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच कार्यकर्ताओं ने उम्मीदवार को बधाई दी और इसे संगठन की बड़ी सफलता बताया।
'यह जनता की जीत है'
जीत के बाद बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने कहा कि यह सिर्फ उनकी नहीं बल्कि फलता की जनता की जीत है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कुछ जगहों पर डर और चुनौतियां थीं, लेकिन अंततः जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से अपना फैसला सुनाया।
लोकतंत्र की जीत हुई, जनता ने BJP पर जताया भरोसा- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा में हुए दोबारा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा की जीत पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि फलता की जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि लोकतंत्र की जीत हुई है और डर-धमकी की राजनीति को नकार दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करने पर देबांग्शु पांडा को बधाई देते हुए कहा कि यह पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास कार्यों को देखकर जनता ने पार्टी को और आशीर्वाद दिया है। पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के सभी भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत की भी सराहना की और कहा कि पार्टी आने वाले समय में भी राज्य के विकास के लिए लगातार काम करती रहेगी।
अमित शाह ने बंगाल भाजपा को दी बधाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर भाजपा की बड़ी जीत राज्य में विकास के समर्थन और डर की राजनीति के खिलाफ जनता का फैसला है। फलता विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को दोबारा मतदान कराया गया था। इससे पहले 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं। चुनाव में जीत के बाद भाजपा के अब 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में 208 विधायक हो गए हैं। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'फलता विधानसभा सीट पर भाजपा की शानदार जीत बंगाल में विकास और डर की राजनीति के खिलाफ जनता का अंतिम फैसला है। फलता की जनता का दिल से आभार।' उन्होंने नवनिर्वाचित विधायक देबांग्शु पांडा को जीत की बधाई दी। साथ ही पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और पार्टी कार्यकर्ताओं की भी सराहना की। अमित शाह ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र को मजबूत करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बंगाल में भाजपा सरकार बनाने के लिए मेहनत की है।
BJP’s massive victory in the Falta Assembly Constituency is Bengal’s final decree for progress and against the politics of fear. My heartfelt gratitude to the people of Falta for their blessings.
— Amit Shah (@AmitShah) May 24, 2026
Congratulations to MLA-elect Shri Debangshu Panda Ji on this remarkable victory. I…
भाजपा की जीत पर क्या बोले सीएम शुभेंदु?
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फलता विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडेय की एक लाख से अधिक वोटों के अंतर से हुई जीत का श्रेय जनता को देते हुए तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि डायमंड हार्बर मॉडल अब 'तृणमूल की हार-बार' मॉडल बन गया है। शुभेंदु अधिकारी ने फलता की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को भारी मतों से विजयी बनाया है। उन्होंने कहा कि इस जीत के ऋण को विकास के माध्यम से चुकाया जाएगा और फलता को 'स्वर्णिम फलता' बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह जीत उन लोगों के लिए एक स्पष्ट संदेश है जो सिद्धांतों और विचारधारा से रहित होकर, एक माफिया कंपनी की तरह काम कर रहे थे।
तृणमूल पर भ्रष्टाचार और धमकी का आरोप
सीएम ने आरोप लगाया कि सत्ता खोने के बाद तृणमूल कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि इस पार्टी ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर, जनता के पैसे लूटे, लोगों से जबरन वसूली की और धमकी भरे माहौल में अपना वर्चस्व कायम किया। नेताओं ने राज्य को अपनी जागीर समझ लिया था। उन्होंने एक ऐसे "धोखेबाज" का भी जिक्र किया जिसने कमांडर का पद हथिया लिया और अपने अपराध सिंडिकेट को स्थापित करने के लिए लोकतंत्र का गला घोंटने से भी बाज नहीं आया। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में तृणमूल ने डेढ़ लाख वोटों की बढ़त हासिल की थी, लेकिन 15 साल बाद जब लोगों को स्वतंत्र रूप से वोट डालने की आजादी मिली, तो सच्चाई सामने आ गई। तृणमूल पर भ्रष्टाचार और धमकी का आरोप
सीएम ने आरोप लगाया कि सत्ता खोने के बाद तृणमूल कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि इस पार्टी ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर, जनता के पैसे लूटे, लोगों से जबरन वसूली की और धमकी भरे माहौल में अपना वर्चस्व कायम किया। नेताओं ने राज्य को अपनी जागीर समझ लिया था। उन्होंने एक ऐसे "धोखेबाज" का भी जिक्र किया जिसने कमांडर का पद हथिया लिया और अपने अपराध सिंडिकेट को स्थापित करने के लिए लोकतंत्र का गला घोंटने से भी बाज नहीं आया। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में तृणमूल ने डेढ़ लाख वोटों की बढ़त हासिल की थी, लेकिन 15 साल बाद जब लोगों को स्वतंत्र रूप से वोट डालने की आजादी मिली, तो सच्चाई सामने आ गई।
भाजपा के देबांग्शु ने सीपीएम प्रत्याशी को एक लाख+ वोट से हराया
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर हुए दोबारा मतदान के बाद आज मतों की गिनती हुई। 22वें और अंतिम राउंड की गिनती पूरी होने के बाद भाजपा प्रत्याशी देबांग्शु पांडा को विजयी घोषित किया गया। दूसरे नंबर पर सीपीआईएम प्रत्याशी शंभू नाथ कुर्मी रहे। कांग्रेस प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहे, जबकि भाजपा सरकार बनने से पहले सत्तारूढ़ रही तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी को 7783 वोट मिले। निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक भाजपा प्रत्याशी को 1,49,666 वोट मिले हैं। जीत का अंतर 1.09 लाख वोट से अधिक रहा है। दूसरे नंबर पर रहे सीपीएम प्रत्याशी शंभू नाथ कुर्मी को 40,645 वोट मिले। तीसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुर रज्जाक मोल्ला को 10,084 वोट मिले। चौथे नंबर पर खिसकी पार्टी- तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी जहांगीर खान को केवल 7783 वोट से संतोष करना पड़ा। बता दें कि 29 अप्रैल को मतदान के दौरान फलता सीट पर भारी तनाव व्याप्त हो गया था। कई बूथों से ऐसी शिकायतें आई थीं कि ईवीएम मशीनों पर इत्र जैसी कोई चीज और चिपचिपे टेप लगाए गए थे। इसके बाद जब चुनाव अधिकारियों ने मामले की गहन जांच की, तो पता चला कि कई पोलिंग बूथों पर वेब कैमरों के फुटेज के साथ भी छेड़छाड़ की कोशिश की गई थी। इस मामले में बूथ स्तर के अधिकारियों, पीठासीन अधिकारियों, मतदान कर्मियों और चुनाव पर्यवेक्षकों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए थे। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग ने सभी बूथों पर दोबारा वोटिंग का फैसला किया था।