आगामी लोकसभा चुनाव में नए मतदाताओं-पद यात्राओं से सपा-बसपा का मुकाबला करेगी भाजपा
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आगामी लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन का मुकाबला भाजपा मिशन 50 पर्सेंट अभियान के तहत नए मतदाताओं और कार्यकर्ताओं की पद यात्रा के जरिए जनसंपर्क से करेगी। इस क्रम में पार्टी ने 37,76,691 नए मतदाता बनाए हैं, जबकि बीते एक दिसंबर से 15-15 कार्यकर्ताओं के सैकड़ों जत्थे सूबे की गांवों की खाक छान रहे हैं।
15 दिसंबर तक कार्यकर्ताओं का जत्था सभी विधानसभा क्षेत्रों में पद यात्राओं के जरिए जनसंपर्क अभियान को पूरा कर लेगा। गुरुवार को पार्टी की राष्ट्रीय बूथ योजना पर आयोजित बैठक में प्रदेश अध्यक्ष और संगठन मंत्री ने इस आशय की रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को सौंपी है।
रिपोर्ट तैयार करने वाले एक पदाधिकारी के मुताबिक तीन महीने पूर्व हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बूथ योजना के तहत सूबे को दी गई 80 फीसदी जिम्मेदारी पूरी कर ली गई है। सभी 1,34,800 बूथों पर कमेटियां बन गई है। इनमें 93 हजार बूथों कमेटियों से जुड़े कार्यकर्ताओं का डाटा तैयार कर लिया गया है। करीब 30 हजार बूथों पर पांच जगह पर पार्टी के चुनाव निशान की पेंटिंग कर दी गई है।
दरअसल यूपी जहां बीते चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन को 80 में से 73 और विधानसभा में तीन चौथाई से अधिक सीटें मिली थी, वहां सपा-बसपा के साथ आने से पार्टी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उपचुनाव में लोकसभा की तीन सीटें गंवाने के बाद शाह खुद इस सूबे में सपा-बसपा से मुकाबले लिए मिशन 50 पर्सेंट योजना में व्यक्तिगत दिलचस्पी ले रहे हैं। सूबे के एक एक कार्यक्रम पर उनकी व्यक्तिगत नजर है।
बड़ी चुनौती वाली 20 सीटों पर नजर
सपा-बसपा से पार पाने की राह में पार्टी के लिए 20 सीटें बड़ी चुनौती हैं। इन सीटों पर यादवों, दलितों और मुसलमानों के मतदाताओं की संख्या 20 फीसदी से ज्यादा है। नए मतदाता बनाने और कार्यकर्ताओं की पदयात्रा के लिए इन 20 सीटों के लिए खास हिदायत दी गई है। पार्टी की योजना कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की सीट क्रमश: अमेठी और रायबरेली में कांग्रेस को घेरने की है। इसी योजना के तहत खुद पीएम मोदी इसी हफ्ते रायबरेली की यात्रा करेंगे।