{"_id":"5c4b2fd8bdec227386331220","slug":"bjp-will-also-give-a-glimpse-of-veterans-in-up","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी में बुजुर्ग नेताओं को भी तव्वजो देगी भाजपा, मुरली मनोहर जोशी, कलराज को मिलेगा टिकट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
यूपी में बुजुर्ग नेताओं को भी तव्वजो देगी भाजपा, मुरली मनोहर जोशी, कलराज को मिलेगा टिकट
Fri, 25 Jan 2019 09:18 PM IST
Avdhesh Kumar
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 25 Jan 2019 09:18 PM IST
विज्ञापन
बीजेपी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा का शीर्ष नेतृत्व 75 साल की उम्र पार कर चुके कई दिग्गज नेताओं को लोकसभा का चुनाव लड़ाएगी। खासतौर से उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा के गठबंधन और कांग्रेस की चुनौती से जूझ रही पार्टी अपने दो वयोवृद्ध नेताओं डॉ. मुरली मनोहर जोशी और कलराज मिश्र को चुनावी मैदान में उतारेगी। साथ ही लालकृष्ण आडवाणी, सुमित्रा महाजन, हुकुमदेव नारायण यादव और शांता कुमार के चुनाव लड़ने का फैसला उनके विवेक पर छोड़ दिया गया है। 2014 में सत्ता में आने के बाद भाजपा ने 75 की उम्र से अधिक नेताओं को सरकार में जगह नहीं दी थी और कलराज को मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, खासतौर से उत्तर प्रदेश जहां ब्राह्मण मतदाताओं का व्यापक असर है, वहां पार्टी किसी तरह का खतरा मोल नहीं लेना चाहती। यही कारण है कि नेतृत्व ने देवरिया और कानपुर के मौजूदा सांसद कलराज और जोशी को दोबारा मैदान में उतारने का फैसला किया है। दोनों नेता फिर से चुनाव मैदान में उतरने के इच्छुक भी हैं।
पार्टी सपा-बसपा गठबंधन के बाद गांधी परिवार की अहम सदस्य प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में उतरने के बाद अगड़े वोट बैंक को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हो गई है। हालांकि सूत्र ने साफ किया कि इनके चुनाव जीतने के बावजूद पार्टी 75 वर्ष की उम्र सीमा पार कर चुके नेताओं को सरकार में कोई जिम्मेदारी नहीं देने की नीति पर कायम रहेगी।
विज्ञापन
आडवाणी ने अभी नहीं लिया है फैसला
पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता और गांधीनगर से सांसद लालकृष्ण आडवाणी चुनाव लड़ेंगे या नहीं, यह फैसला उन्हीं पर छोड़ दिया गया है। हालांकि उन्होंने अभी तक नेतृत्व को अपनी इच्छा से अवगत नहीं कराया है। कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों बीएस येदियुरप्पा और शांता कुमार को भी खुद फैसला लेना है। हालांकि उत्तराखंड के पूर्व सीएम बीएस खंडूरी को उनकी पुत्री के सक्रिय राजनीति में होने और खराब स्वास्थ्य के कारण चुनाव मैदान में नहीं उतरा जाएगा, जबकि बेहतर रणनीति के लिए येदियुरप्पा और हुकुमदेव को पार्टी चुनाव लड़ाएगी।
सुषमा को लड़ना पड़ सकता है चुनाव
हाल ही में स्वास्थ्य कारणों से अगला लोकसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा करनी वाली सुषमा स्वराज को चुनाव मैदान में उतरना पड़ सकता है। एक शीर्ष नेता के मुताबिक, भले ही सुषमा ने खुद चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की है, मगर यह पार्टी का फैसला नहीं है। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मध्य प्रदेश की स्थिति की समीक्षा होगी। अगर जरूरत महसूस हुई तो सुषमा को चुनाव लड़ने के लिए कहा जाएगा।
विज्ञापन
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, खासतौर से उत्तर प्रदेश जहां ब्राह्मण मतदाताओं का व्यापक असर है, वहां पार्टी किसी तरह का खतरा मोल नहीं लेना चाहती। यही कारण है कि नेतृत्व ने देवरिया और कानपुर के मौजूदा सांसद कलराज और जोशी को दोबारा मैदान में उतारने का फैसला किया है। दोनों नेता फिर से चुनाव मैदान में उतरने के इच्छुक भी हैं।
विज्ञापन
पार्टी सपा-बसपा गठबंधन के बाद गांधी परिवार की अहम सदस्य प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में उतरने के बाद अगड़े वोट बैंक को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हो गई है। हालांकि सूत्र ने साफ किया कि इनके चुनाव जीतने के बावजूद पार्टी 75 वर्ष की उम्र सीमा पार कर चुके नेताओं को सरकार में कोई जिम्मेदारी नहीं देने की नीति पर कायम रहेगी।
विज्ञापन
आडवाणी ने अभी नहीं लिया है फैसला
पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता और गांधीनगर से सांसद लालकृष्ण आडवाणी चुनाव लड़ेंगे या नहीं, यह फैसला उन्हीं पर छोड़ दिया गया है। हालांकि उन्होंने अभी तक नेतृत्व को अपनी इच्छा से अवगत नहीं कराया है। कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों बीएस येदियुरप्पा और शांता कुमार को भी खुद फैसला लेना है। हालांकि उत्तराखंड के पूर्व सीएम बीएस खंडूरी को उनकी पुत्री के सक्रिय राजनीति में होने और खराब स्वास्थ्य के कारण चुनाव मैदान में नहीं उतरा जाएगा, जबकि बेहतर रणनीति के लिए येदियुरप्पा और हुकुमदेव को पार्टी चुनाव लड़ाएगी।
सुषमा को लड़ना पड़ सकता है चुनाव
हाल ही में स्वास्थ्य कारणों से अगला लोकसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा करनी वाली सुषमा स्वराज को चुनाव मैदान में उतरना पड़ सकता है। एक शीर्ष नेता के मुताबिक, भले ही सुषमा ने खुद चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की है, मगर यह पार्टी का फैसला नहीं है। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मध्य प्रदेश की स्थिति की समीक्षा होगी। अगर जरूरत महसूस हुई तो सुषमा को चुनाव लड़ने के लिए कहा जाएगा।