BJP: दिल्ली-बिहार में जीत के साथ 2025 में नया कार्यकारी अध्यक्ष भी मिला, 2026 में भाजपा के सामने ये चुनौतियां
2025 अपने अंतिम पड़ाव पर खड़ा है। यह साल भाजपा के लिए कई सफलताएं लेकर आया। पार्टी को नया अध्यक्ष भी मिला। 2026 भाजपा के सामने कौन सी चुनौतियां होगीं? आइये जानते हैं...
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2025 भाजपा के लिए बड़ी सफलताएं लेकर आया था। पहले पार्टी ने अपराजेय बन चुके अरविंद केजरीवाल को हराकर दिल्ली में 27 साल बाद सरकार बनाने में सफलता हासिल की। फिर साल के अंत में बिहार में प्रचंड जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक धमक के नीचे विपक्ष को लगभग दबा सा दिया। साल का अंत होते-होते भाजपा ने केवल 45 वर्ष के नितिन नवीन को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर सभी राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया। इससे पीएम मोदी के नेतृत्व में पार्टी में 'पीढ़ीगत बदलाव' होने की बात कही जा रही है जिसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।
2026 में भाजपा के सामने असम और पुडुचेरी में अपनी सरकार बचाने की चुनौती रहेगी। 2026 में केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी विधानसभा चुनाव होंगे। इन राज्यों में भाजपा के लिए राजनीतिक जमीन अब तक बहुत उर्वर नहीं रही है। लेकिन पार्टी इन राज्यों में भी अपनी दखल बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रही है। हाल ही में संपन्न हुए केरल निकाय चुनावों के बाद पार्टी का आत्मविश्वास बढ़ा है। बंगाल में भाजपा नेता इस बात के लिए बहुत आश्वस्त दिखाई दे रहे हैं कि इस बार वे पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को हटाकर अपनी सरकार बनाने में सफल होंगे।
नितिन नवीन यानी नई भाजपा
बिहार के 45 वर्षीय युवा चेहरे नितिन नवीन को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने इस बात की घोषणा कर दी है कि पार्टी अब नई पीढ़ी के हाथों में जाने के लिए तैयार है। भाजपा ने 14 दिसंबर को नितिन नवीन को अपना कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की। 15 दिसंबर को उन्होंने वर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में अपना पदभार ग्रहण किया। इसके फौरन बाद उन्होंने चुनावी प्रदेश पुडुचेरी का दौरा कर यह साफ कर दिया है कि पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनकर वे उसी परंपरा को आगे बढ़ाएंगे जिसकी नींव अमित शाह ने रखी थी। अमित शाह लगातार 24 घंटे चुनावी मोड में रहने और आक्रामक चुनावी रणनीति बनाने के लिए जाने जाते हैं। नितिन नवीन उसी तर्ज पर पार्टी को आगे बढ़ाते हुए दिख रहे हैं।
मोदी के नाम बड़ी उपलब्धि
5 फरवरी 2025 को हुए मतदान में भाजपा को 27 साल बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत मिली थी। पार्टी ने दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों में से 48 सीटों पर जीत हासिल किया और रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाया। आप केवल 22 सीटों पर सिमट कर रह गई। अरविंद केजरीवाल खुद भी अपना चुनाव हार गए। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी जीत माना जाता है क्योंकि पार्टी ने पूरा चुनाव उन्हीं के नाम पर लड़ा और जीता।
वक्फ संशोधन कानून बनाना बड़ी जीत
भाजपा ने अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के लिए हमेशा ही कांग्रेस, सपा-बसपा और टीएमसी को कटघरे में खड़ा किया है। इस कड़ी में भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने कभी तीन तलाक समाप्त किया तो कभी लव जिहाद पर कड़ा रुक अपनाया। केंद्र सरकार ने अप्रैल 2025 में वक्फ संशोधन विधेयक कानून संसद में पेश किया और लोकसभा-राज्यसभा से पास होने के बाद 8 अप्रैल 2025 से इसे लागू कर दिया गया। इसे भी उसकी एक देश, एक सिद्धांत वाली विचारधारा के अनुरूप माना जा रहा है।
जगदीप धनखड़ का इस्तीफा बड़ा झटका, सीपी राधाकृष्णन की नियुक्ति
21 जुलाई 2025 को मानसून सत्र के पहले ही दिन तत्कालीन उपराष्ट्पति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा देकर पूरे देश को चौंका दिया था। वे तीसरे उपराष्ट्रपति थे जिन्होंने समय से पहले अपने पद से इस्तीफा दिया था। धनखड़ के इस्तीफे के पीछे क्या कारण रहे, इसे उन्होंने कभी सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन इस्तीफा देने के पीछे स्वास्थ्य कारणों को आधार बनाया था। इसके बाद के घटनाक्रम में मोदी सरकार ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति नियुक्त करने का फैसला किया। 9 सितंबर 2025 में हुए चुनाव में उन्हें विजयी घोषित किया गया।
मोदी के नाम यह उपलब्धि
2014 में अपना पद संभालने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बड़ी सफलताएं हासिल कर चुके हैं। 25 जुलाई 2025 को भी उन्होंने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की जिसे तोड़ पाना किसी भी नेता के लिए आसान नहीं होगा। इस दिन लगातार 4078 दिन तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहकर मोदी ने सबसे लंबे समय तक पीएम पद पर बने रहने के मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच गए। अब उनसे आगे केवल पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू हैं जिन्होंने सबसे लंबे समय तक पीएम बनकर देश की सेवा की है।
बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत
नवंबर में हुए चुनाव में भाजपा-जदयू के अगुवाई वाले एनडीए ने बिहार में प्रचंड जीत हासिल की। एनडीए ने 243 सीटों वाली विधानसभा में शानदार 202 सीटों पर जीत हासिल की। भाजपा 89 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रुप में उभरी, जबकि जदयू को 85 सीटों पर जीत मिली। चुनावी हार के बाद लालू प्रसाद यादव परिवार के लिए सबसे दुखद यह रहा कि पहले चुनाव के दौरान तेज प्रताप यादव को घर-पार्टी से बाहर निकाल दिया गया। हार के बाद परिवार की लड़ाई सड़कों पर आ गई और तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी ने तेजस्वी यादव पर पार्टी को हड़पने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए घर से बाहर निकल गईं।