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West Bengal: बंगाल के डीजीपी ने किया संदेशखाली का दौरा; ममता सरकार के खिलाफ BJP जारी करेगी डॉक्यूमेंट्री
Wed, 21 Feb 2024 10:34 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संदेशखाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संदेशखाली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Wed, 21 Feb 2024 10:34 PM IST
सार
संदेशखाली की घटना सामने आने के बाद से ही विपक्षी दल ममता सरकार के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। बुधवार को बंगाल के डीजीपी ने घटना स्थल का दौरा किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया। दूसरी ओर, ममता सरकार को मामले पर घेरने के लिए भाजपा गुरुवार को एक डॉक्यूमेंट्री जारी करेगी।
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संदेशखाली पर भाजपा की डॉक्यूमेंट्री
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के संदेशखाली की घटना सामने आने के बाद से ही तमाम विपक्षी दल ममता सरकार के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। जहां एक तरफ सत्ता पक्ष भाजपा पर प्रदेश में माहौल खराब करने का आरोप लगा रहा है। वहीं तमाम विपक्षी दल कांग्रेस और भाजपा राज्य में कानून व्यवस्था के ध्वस्त होने की बात कह रहे है। इस बीच, बुधवार को पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार ने संदेशखाली का दौरा किया और क्षेत्र की स्थिति का जायजा किया। विरोध प्रदर्शन के बाद से बंगाल के डीजीपी की क्षेत्र में पहली यात्रा है। इस दौरान उन्होंने सितुलिया, सरदारपार समेत कई इलाकों का दौरा किया, साथ ही कई पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की भी। दूसरी ओर, टीएमसी नेता शाहजहां शेख और उसके सहयोगी द्वारा किए गए अत्याचार के खिलाफ भाजपा लगातार ममता सरकार को घेर रही है। गुरुवार को भाजपा संदेशखाली में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर डॉक्यूमेंट्री रिलीज करेगी।
भाजपा संदेशखाली की घटना पर जारी करेगी डॉक्यूमेंट्री
भाजपा गुरुवार को डॉक्यूमेंट्री के जरिए संदेशखाली की घटना को लोगों तक पहुंचाएगी। 'द संदेशखाली सॉकर द बिग रिवील' शीर्षक वाली एक्सक्लूसिव डॉक्यूमेंट्री गुरुवार सुबह 9 बजे रिलीज होगी, भाजपा ने एक्स पर पोस्ट कर ममता बनर्जी से बांग्ला में पूछा, "दीदी के बोलो आरो कोतो संदेशखाली' (दीदी को बताएं कि कितने और संदेशखाली हैं)इस घटना की तरह। लोकसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में महिलाओं के साथ दुष्कर्म और उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर भाजपा और टीएमसी के बीच तीखी जुबानी जंग जारी है।
क्या है मामला
कोलकाता से लगभग 100 किलोमीटर दूर सुंदरबन की सीमा पर स्थित संदेशखाली क्षेत्र में स्थानीय महिलाओं द्वारा फरार तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता शाहजहां शेख और उनके समर्थकों पर जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद विरोध प्रदर्शन देखा जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि 'दीदी के बोलो' 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद टीएमसी द्वारा पश्चिम बंगाल के लोगों को सीधे अपनी चिंताओं को उठाने या मुख्यमंत्री बनर्जी के साथ शिकायत दर्ज करने के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए शुरू किया गया एक अभियान है। कथित तौर पर टीएमसी के इस कदम का उद्देश्य राज्य में भाजपा का मुकाबला करना था।
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भाजपा संदेशखाली की घटना पर जारी करेगी डॉक्यूमेंट्री
भाजपा गुरुवार को डॉक्यूमेंट्री के जरिए संदेशखाली की घटना को लोगों तक पहुंचाएगी। 'द संदेशखाली सॉकर द बिग रिवील' शीर्षक वाली एक्सक्लूसिव डॉक्यूमेंट्री गुरुवार सुबह 9 बजे रिलीज होगी, भाजपा ने एक्स पर पोस्ट कर ममता बनर्जी से बांग्ला में पूछा, "दीदी के बोलो आरो कोतो संदेशखाली' (दीदी को बताएं कि कितने और संदेशखाली हैं)इस घटना की तरह। लोकसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में महिलाओं के साथ दुष्कर्म और उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर भाजपा और टीएमसी के बीच तीखी जुबानी जंग जारी है।
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দিদি কে বলো, আরও কত সন্দেশখালি? pic.twitter.com/2EkRYWeWUs
— BJP (@BJP4India) February 21, 2024
क्या है मामला
कोलकाता से लगभग 100 किलोमीटर दूर सुंदरबन की सीमा पर स्थित संदेशखाली क्षेत्र में स्थानीय महिलाओं द्वारा फरार तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता शाहजहां शेख और उनके समर्थकों पर जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद विरोध प्रदर्शन देखा जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि 'दीदी के बोलो' 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद टीएमसी द्वारा पश्चिम बंगाल के लोगों को सीधे अपनी चिंताओं को उठाने या मुख्यमंत्री बनर्जी के साथ शिकायत दर्ज करने के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए शुरू किया गया एक अभियान है। कथित तौर पर टीएमसी के इस कदम का उद्देश्य राज्य में भाजपा का मुकाबला करना था।
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