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नीतीश की चौखट पर बिखर गई भाजपा
amarujala.com-presented by: संदीप भ्ाट्ट
Updated Tue, 28 Mar 2017 05:58 AM IST
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आशीष झा/ अमर उजाला, पटना। बिहार की सियासत सोमवार दोपहर से नीतीश कुमार के घर भोज के आयोजन को लेकर ही गरम रही। भाजपा के रुख को जानने को सभी बेचैन थे, जो शाम में फूट के रूप में दिखी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चौखट पर आखिरकार भाजपा बिखर गई।
आखिरी वक्त तक भोज में शामिल होने को लेकर पार्टी के अंदर एक राय नहीं बनी। पार्टी नेतृत्व ने भी स्पष्ट निर्णय नहीं लिया, नतीजा हुआ कि कोई इस राह, तो कोई उस राह खड़ा दिखा। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रेम कुमार और लोक लेखा समिति के अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने नीतीश कुमार के भोज का बहिष्कार किया, वहीं वरिष्ठ भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी अपने समर्थक विधायकों के साथ भोज में शामिल हुए । उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार विधानमंडल के सभी सदस्यों को भोज पर बुलाया था।
भोज बहिष्कार के सवाल पर सुशील कुमार मोदी ने इतना भर कहा कि बहिष्कार करने वालों का निर्णय व्यक्तिगत है। यह भोज जदयू अथवा राजद का नहीं है। नीतीश कुमार ने आयोजन किया है और व्यक्तिगत न्योता दिया है, इसलिए शामिल होने आए हैं। इधर, जदयू ने भोज के इस आयोजन को सद्भाव का भोज कहा। साथ में यह भी कि बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के मौके पर ऐसे भोज की परंपरा रही है।
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मोदी के अलावा भोज में बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविद भी आए। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अपने बेटे उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव व तेज प्रताप यादव के साथ पहुंचीं। जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि इस भोज में कोई राजनीति नहीं तलाशी जानी चाहिए। इस भोज का प्रस्ताव भाजपा के विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने ही दिया था, जिसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वीकारा था।
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आखिरी वक्त तक भोज में शामिल होने को लेकर पार्टी के अंदर एक राय नहीं बनी। पार्टी नेतृत्व ने भी स्पष्ट निर्णय नहीं लिया, नतीजा हुआ कि कोई इस राह, तो कोई उस राह खड़ा दिखा। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रेम कुमार और लोक लेखा समिति के अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने नीतीश कुमार के भोज का बहिष्कार किया, वहीं वरिष्ठ भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी अपने समर्थक विधायकों के साथ भोज में शामिल हुए । उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार विधानमंडल के सभी सदस्यों को भोज पर बुलाया था।
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भोज बहिष्कार के सवाल पर सुशील कुमार मोदी ने इतना भर कहा कि बहिष्कार करने वालों का निर्णय व्यक्तिगत है। यह भोज जदयू अथवा राजद का नहीं है। नीतीश कुमार ने आयोजन किया है और व्यक्तिगत न्योता दिया है, इसलिए शामिल होने आए हैं। इधर, जदयू ने भोज के इस आयोजन को सद्भाव का भोज कहा। साथ में यह भी कि बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के मौके पर ऐसे भोज की परंपरा रही है।
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मोदी के अलावा भोज में बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविद भी आए। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अपने बेटे उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव व तेज प्रताप यादव के साथ पहुंचीं। जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि इस भोज में कोई राजनीति नहीं तलाशी जानी चाहिए। इस भोज का प्रस्ताव भाजपा के विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने ही दिया था, जिसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वीकारा था।