खुर्शीद के बाद अब ज्योतिरादित्य बोले, कांग्रेस को आत्ममंथन की जरूरत
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राहुल गांधी के अध्यक्ष पद छोड़ने और कांग्रेस की वर्तमान स्थिति पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद के बाद अब पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता ने टिप्पणी की है। पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस को इस समय आत्मनिरिक्षण करने की जरूरत है।
ज्योतिरादित्य ने कहा, 'मैं किसी और की टिप्पणी पर कुछ नहीं कहना चाहूंगा, लेकिन इसमें कोई शक नहीं है कि कांग्रेस को आत्मनिरिक्षण करने की जरूरत है।' मालूम हो कि सलमान खुर्शीद ने अपनी ही पार्टी की आलोचना करते हुए कहा था कि कांग्रेस की जो स्थिति है, उसमें महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव जीतने की संभावना नहीं है। पार्टी संघर्ष के दौर से गुजर रही है और अपना भविष्य तक तय नहीं कर सकती।
Jyotiraditya Scindia,Congress on Salman Khurshid's remark: I would not like to react on someone else's comment but yes no doubt that the Congress needs to do self introspection. https://t.co/P22EyRzeFa pic.twitter.com/RhSyYI0utc
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 9, 2019
उन्होंने कहा था कि हमारी सबसे बड़ी समस्या यही है कि हमारे नेता (राहुल गांधी) हमें छोड़ कर चले गए। लोकसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद हम एकजुट होकर विश्लेषण नहीं कर पाए हैं कि हमारी हार क्यों हुई है। हमारी सबसे बड़ी समस्या यह है कि हमारे नेता दूर चले गए हैं। उनके जाने के बाद यह एक तरह का खालीपन है।
मैं उनलोगों की तरह नहीं कि मुश्किल में पार्टी छोड़ जाऊं
सलमान खुर्शीद ने कहा कि कांग्रेस एक पार्टी के रूप में जिस स्थिति में आ गई है, उसको लेकर मुझे तकलीफ है, मेरी चिंता है। हालांकि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता और मैं पार्टी भी नहीं छोड़ने जा रहा। उन्होंने कहा कि मैं उन लोगों की तरह नहीं हूं, जिन्हें पार्टी से सब कुछ मिला और जब मुश्किल हालात थे, तो वे पार्टी छोड़ कर चले गए।
Salman Khurshid, Congress: I have very deep pain&concern about where we are today as a party. No matter what happens we won't leave the party, we aren't like those who got everything from the party&when the chips were down, things were difficult they left the party & walked away. pic.twitter.com/Q76AzrMdfy
— ANI (@ANI) October 9, 2019
उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था, अपराध जैसे कई मुद्दों पर आज लोगों के बीच असंतुष्टि है और मुझे लगता है कि हम जहां भी चुनाव लड़ेंगे, वहां इन मुद्दों पर हमें लोगों का समर्थन मिलेगा।
भाजपा ने चुटकी ली
राहुल गांधी के अध्यक्ष पद छोड़ने और कांग्रेस की वर्तमान स्थिति पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद की टिप्पणी पर भाजपा ने चुटकी ली है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस टिप्पणी को आगामी महाराष्ट्र और विधानसभा चुनावों में मतदान से पहले ही कांग्रेस द्वारा 'अपनी हार स्वीकार लेना' बताया है।भाजपा प्रवक्ता ने सलमान खुर्शीद के बयान वाली खबर के साथ ट्वीट किया है कि कांग्रेस के पास अब न ही नेता है, न नीति है और न ही नीयत बची है। उन्होंने लिखा- खुर्शीद मानते हैं कि राहुल गांधी 'छोड़ गए' और सोनिया गांधी सिर्फ 'फौरी इंतजाम' देख रही हैं। इसका मतलब है कि कांग्रेस में कोई नेता, नीति और नीयत शेष नहीं है।
So finally Congress concedes defeat even before the polling in the upcoming Assembly elections!
— Sambit Patra (@sambitswaraj) October 9, 2019
Khurshid agrees Rahul Gandhi has just “Waked Away” & Sonia Gandhi is just a “Stop-Gap” arrangement ...meaning @INCIndia is left with no “नेता”,”नीति” or “नियत”! pic.twitter.com/gciL3bHNOM
खुर्शीद ने कहा था- संघर्ष के दौर से गुजर रही है कांग्रेस
एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद ने पार्टी की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा था कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद राहुल गांधी के इस्तीफे से संकट बढ़ा है। उनके इस फैसले के कारण पार्टी हार के बाद जरूरी आत्मनिरीक्षण भी नहीं कर पायी। हम विश्लेषण के लिए भी एकजुट नहीं हो सके कि हम लोकसभा चुनाव में क्यों हारे।
खुर्शीद ने कहा कि पार्टी संघर्ष के ऐसे दौर से गुजर रही है, जिसमें हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में पार्टी के जीतने की संभावना ही नहीं है। कांग्रेस पार्टी की हालत ऐसे स्तर पर पहुंच गई है कि न केवल आगामी विधानसभा चुनावों में बल्कि यह अपना भविष्य तक नहीं तय कर सकती है।
...और फिर अपने बयानों पर दी सफाई
सलमान खुर्शीद ने अपने बयानों पर सफाई दी है। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, उनसे जब उस बयान के बारे में पूछा गया जिसमें उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी के पद छोड़ने के कारण पार्टी अब तक हार की समीक्षा नहीं कर पाई है, तो उन्होंने कहा कि ऐसा करने के लिए एक नेतृत्व होना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से और यह दुखद है कि पार्टी नेतृत्व विहीन हो गई।
उन्होंने कहा कि यह एक विचित्र स्थिति है। हम हार की समीक्षा जितनी जल्दी करें, अच्छा होगा। हमलोग के पास चुनाव में बेहतरीन घोषणापत्र था लेकिन हम लोगों को साथ नहीं ला सके। इसलिए हमें कुछ करना होगा।
उन्होंने कहा कि जो भी हमारी नेता हैं, मैं उन्हें चाहता हूं। मैं अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहा हूं ताकि ये कहीं दर्ज हो। अक्तूबर में राज्यों में चुनाव निपटने के बाद ही नए पार्टी अध्यक्ष पर फैसला किया जा सकेगा।