AMU पर बीजेपी नेता के विवादित बोल 'जिन्ना के समर्थक वही जो अफजल गुरु के साथ खड़े थे'
बता दें कि पिछले चार दिनों से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में तस्वीर को लेकर बबाल मचा हुआ है। एहियात के तौर पर अलीगढ़ में इंटरनेट की सेवा भी बंद कर दी गई है। त्रिवेदी से पहले केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों और प्रशासन से इस मुद्दे का संवेदनशील समाधान निकालते हुए तस्वीर को हटाने की अपील की थी।
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'जिन्ना की तस्वीर को हटाने के लिए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को अड़ियल रुख नहीं अपनाना चाहिए'। उन्होंने कहा, 'हिन्दुस्तान के लोग जिन्ना को खलनायक के रूप में देखते हैं, इसलिए उस तस्वीर को हटा देना चाहिए।
यही नहीं इन नेताओं से पहले इस मामले में सपा विधायक नफीस अहमद ने मीडिया को विवादित बयान दिया था। गोपालपुर से विधायक और अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष नफीस अहमद ने आंदोलन का विरोध करने वाले लोगों को दोगला कहा था।
People who are standing with Jinnah today, are the same people who stood with terrorist like Afzal Guru. It is unfortunate that certain people are standing by the side of a person (Muhammad Ali Jinnah) who was responsible for the division of this country: Sudhanshu Trivedi, BJP pic.twitter.com/vUSlvN5IRl
— ANI (@ANI) May 5, 2018
मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर विवाद 30 अप्रैल को शुरू हुआ जब बीजेपी सांसद और एएमयू कोर्ट मेंबर सतीश गौतम ने एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को एक पत्र लिखा। सांसद ने पत्र में कुलपति से पूछा था कि एएमयू परिसर में जिन्ना की तस्वीर क्यों लगी है और कहां-कहां लगाई गई है?
उन्होंने लिखा था कि जिन्ना भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के मुख्य सूत्रधार थे। इस पत्र के सुर्खियों में आने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जिन्ना की तस्वीर को लेकर बवाल शुरू हुआ हालात को देखते हुए एएमयू को पांच दिन के लिए बंद कर दिया गया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। एहतियातन सोशल मीडिया पर 5 मई को दोपहर 2 बजे से रात 12 बजे तक इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध लगा दिया है।