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Shibu Soren case: सोरेन के खिलाफ लोकपाल की कार्यवाही पर लगी रोक हटाने की मांग, निशिकांत दुबे पहुंचे हाई कोर्ट
Fri, 07 Oct 2022 10:21 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 07 Oct 2022 10:21 PM IST
सार
दुबे ने अगस्त 2020 में की गई शिकायत में दावा किया था कि सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों ने सरकारी खजाने का दुरुपयोग करके काफी धन-सम्पत्ति अर्जित की है और वे घोर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।
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शिबू सोरेन
- फोटो : Facebook
विस्तार
भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रमुख शिबू सोरेन के खिलाफ भ्रष्टाचार की उनकी शिकायत के आधार पर लोकपाल द्वारा शुरू की गई कार्यवाही पर रोक संबंधी उसके पहले के आदेश को वापस लेने की मांग की है।
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न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने सोरेन (75) को दुबे के आवेदन पर जवाब दाखिल करने के लिए कहा और मामले को आगे की सुनवाई के लिए 10 नवंबर को सूचीबद्ध किया। सोरेन ने इस साल की शुरुआत में दुबे की शिकायत और उनके खिलाफ लोकपाल की कार्यवाही का विरोध करते हुए अदालत का रुख किया था। 12 सितंबर को अदालत ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ लोकपाल की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी और कहा था कि इस मामले पर विचार करने की आवश्यकता है।
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न्यायाधीश ने कहा, याचिकाकर्ता (सोरेन) को उस अर्जी के जवाब के लिए दो सप्ताह का समय दिया जाता है, जिसमें अदालत द्वारा दिए गए अंतरिम स्थगनादेश को रद्द करने की मांग की गई है। मामले को नवंबर में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। दुबे की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ए. एन. एस नाडकर्णी ने कहा कि वह रोक के एकतरफा आदेश को हटाने की मूल शिकायतकर्ता की ओर से मांग कर रहे हैं।
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दुबे ने अगस्त 2020 में की गई शिकायत में दावा किया था कि सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों ने सरकारी खजाने का दुरुपयोग करके काफी धन-सम्पत्ति अर्जित की है और वे घोर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। नाडकर्णी ने तर्क दिया कि अंतरिम आदेश पूरी तरह से गलत बयानों के आधार पर पारित किया गया था। अपनी अर्जी में दुबे ने कहा है कि लोकपाल के समक्ष कार्यवाही बहुत शुरुआती चरण में थी और रोक से याचिकाकर्ता को अंतिम राहत मिलेगी और तंत्र में जनता का विश्वास कम होगा।