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कोलकाता: जूतों से सजाया दुर्गा पूजा पांडाल, भाजपा ने किया विरोध, आयोजकों ने यह सफाई दी
Sat, 09 Oct 2021 08:09 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 09 Oct 2021 08:09 PM IST
सार
भाजपा ने आरोप लगाया कि इस तरह की सजावट धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है। वहीं आयोजकों ने कहा है कि यह सजावट मुख्य पांडाल नहीं बल्कि बाहरी हिस्से में की गई है। इसका मकसद किसान आंदोलन की ओर ध्यान आकर्षित करना है।
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दुर्गा पूजा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोलकाता के दमदम इलाके के एक दुर्गा पूजा पांडाल में कथित तौर पर जूतों से की गई सजावट को लेकर भाजपा ने कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी के नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्य सचिव से मामले में दखल देने व इसे हटवाने का आग्रह किया है।
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सुवेंदु अधिकारी ने ट्वीट कर कहा कि दमदम पार्क के दुर्गा पूजा पांडाल में जूतों से सजावट की गई है। कला की आजादी के नाम पर यह मां दुर्गा के अपमान का घृणित कृत्य है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैं राज्य के मुख्य व गृह सचिव से आग्रह करता हूं कि वे दखल दें और जूते हटवाएं।
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कला की आजादी के नाम पर यह बर्दाश्त नहीं : तथागत रॉय
सुवेंदु अधिकारी की तरह ही मेघालय के पूर्व राज्यपाल व वरिष्ठ भाजपा नेता तथागत रॉय ने पत्रकारों से कहा है कि कला की आजादी के नाम पर सब कुछ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। यह देवी दुर्गा का गंभीर अपमान है और हमारी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है।
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किसान आंदोलन के प्रतीक हैं जूते
उधर दमदम पार्क पूजा पांडाल के आयोजकों ने भाजपा नेता के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा है कि पांडाल की ओर जाने एक रास्ते पर जूतों से सजावट की गई है, यह देश में किसान आंदोलन का प्रतीक है। दुर्गा प्रतिमा इससे बहुत दूर स्थापित की गई है और इसके आपसपास धान का ढेर लगाया गया है। दमदम पार्क भारत चक्र पूजा कमेटी के एक पदाधिकारी ने सफाई देते हुए कहा कि जूतों से सजावट पांडाल से काफी दूर की गई है। किसान आंदोलन हमारी थीम है और पांडाल की ओर जाने वाले रास्ते पर इसे किया गया है। इसके जरिए आंदोलनकारी किसानों पर लाठीचार्ज को दर्शाया गया है। लाठीचार्ज के कारण किसानों को बदहवास होकर जूते चप्पल छोड़कर भागना पड़ा था। ऐसे दृश्य हाल ही में नजर आए थे।