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वादा पूरा हुआ: राम माधव ने अनुच्छेद 370 पर युवा नरेंद्र मोदी की पुरानी फोटो ट्वीट की
Mon, 05 Aug 2019 08:40 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 05 Aug 2019 08:40 PM IST
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राम माधव ने युवा नरेंद्र मोदी की तस्वीर ट्वीट की
- फोटो : Twitter
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केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति के आदेश के बाद जम्मू-कश्मीर राज्य में अनुच्छेद 370 को हटा दिया है। गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को राज्यसभा में अनुच्छेद 370 को हटाने का प्रस्ताव पेश किया। अब लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दोनों अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश रहेंगे। इस फैसले के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया ट्विटर पर साझा किया। राम माधव ने तस्वीर के साथ संदेश भी लिखा, "वादा पूरा हुआ"। इस तस्वीर में युवा नरेंद्र मोदी एक मंच पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। उनके पीछे एक मंच पर एक बैनर टंगा है, जिस पर लिखा है, "370 को हटाओ, आतंकवाद मिटाओ, देश बचाओ...।"
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सरकार के फैसले की प्रशंसा करते हुए, राम माधव ने पहले ट्वीट किया था, "एक गौरवशाली दिन। आखिरकार डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी समेत हजारों शहीदों की भारत में जम्मू-कश्मीर के पूर्ण विलय की इच्छा का सम्मान हुआ और पूरे देश की सात दशक पुरानी मांग हमारी आंखों के सामने पूरी हुई। क्या कभी ऐसा सोचा था?"
कश्मीर में सैनिकों की तैनाती, अमरनाथ यात्रा को रद्द करने, पर्यटकों को बाहर निकालने और राज्य के नेताओं को घर में नजरबंद रखने के बाद अटकलों के बाजार को विराम लगाते हुए, सरकार ने आखिरकार इसकी घोषणा की। सरकार ने यह भी साफ कर दिया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दोनों केंद्र शासित प्रदेश होंगे।
भारत सरकार ने यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी कि उनका वादा सच साबित हो, बल्कि यह भी तय किया हिंसा की कोई भी संभावित घटना न हो इसके लिए पूरी सुरक्षा की।
इस ऐतिहासिक घोषणा से पहले, इंटरनेट सेवाओं से लेकर लैंडलाइन तक, घाटी में संचार सेवा पूरी तरह बंद कर दिए गए थे। यहां तक कि राज्य के नेताओं द्वारा संभावित विरोध, जो जनता को भड़का सकते थे, महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला जैसे प्रमुख स्थानीय राजनेताओं को नजरबंद कर दिया गया।
संविधान के अनुच्छेद 370 को खत्म करना भाजपा के लिए अहम मुद्दों में से एक रहा है, जो उसके सभी चुनाव घोषणापत्रों में दोहराया जाता रहा है।
हालांकि, जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के लिए सरकार की सराहना की जा रही है, लेकिन कई ऐसे भी हैं जो इस फैसले के खिलाफ हैं और इस कदम का विरोध कर रहे हैं।
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Promise fulfilled pic.twitter.com/iiHQtFxopd
— Ram Madhav (@rammadhavbjp) August 5, 2019
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सरकार के फैसले की प्रशंसा करते हुए, राम माधव ने पहले ट्वीट किया था, "एक गौरवशाली दिन। आखिरकार डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी समेत हजारों शहीदों की भारत में जम्मू-कश्मीर के पूर्ण विलय की इच्छा का सम्मान हुआ और पूरे देश की सात दशक पुरानी मांग हमारी आंखों के सामने पूरी हुई। क्या कभी ऐसा सोचा था?"
कश्मीर में सैनिकों की तैनाती, अमरनाथ यात्रा को रद्द करने, पर्यटकों को बाहर निकालने और राज्य के नेताओं को घर में नजरबंद रखने के बाद अटकलों के बाजार को विराम लगाते हुए, सरकार ने आखिरकार इसकी घोषणा की। सरकार ने यह भी साफ कर दिया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दोनों केंद्र शासित प्रदेश होंगे।
भारत सरकार ने यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी कि उनका वादा सच साबित हो, बल्कि यह भी तय किया हिंसा की कोई भी संभावित घटना न हो इसके लिए पूरी सुरक्षा की।
इस ऐतिहासिक घोषणा से पहले, इंटरनेट सेवाओं से लेकर लैंडलाइन तक, घाटी में संचार सेवा पूरी तरह बंद कर दिए गए थे। यहां तक कि राज्य के नेताओं द्वारा संभावित विरोध, जो जनता को भड़का सकते थे, महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला जैसे प्रमुख स्थानीय राजनेताओं को नजरबंद कर दिया गया।
संविधान के अनुच्छेद 370 को खत्म करना भाजपा के लिए अहम मुद्दों में से एक रहा है, जो उसके सभी चुनाव घोषणापत्रों में दोहराया जाता रहा है।
हालांकि, जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के लिए सरकार की सराहना की जा रही है, लेकिन कई ऐसे भी हैं जो इस फैसले के खिलाफ हैं और इस कदम का विरोध कर रहे हैं।