{"_id":"67000f424e521080110c4291","slug":"bjp-mla-ramayana-sword-controversy-praveen-togadia-opposition-targets-mla-actions-2024-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"BJP: रामायण-तलवार क्यों बांट रहा ये भाजपा विधायक, प्रवीण तोगड़िया भी कर चुके ये काम; विपक्ष ने साधा निशाना","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
BJP: रामायण-तलवार क्यों बांट रहा ये भाजपा विधायक, प्रवीण तोगड़िया भी कर चुके ये काम; विपक्ष ने साधा निशाना
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
भाजपा
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
बिहार भाजपा के एक विधायक मिथिलेश कुमार दुर्गा पूजा के पांडालों में घूम-घूम कर लोगों को रामायण और तलवार बांट रहे हैं। इससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। लोग इसे समाज के लिए खतरनाक ट्रेंड बता रहे हैं। बिहार भाजपा के कुछ नेताओं ने अपने इस नेता के कार्य को सही ठहराया है तो वहीं विपक्षी दल राजद ने कहा है कि इससे भाजपा की असलियत खुलकर सामने आ गई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि भाजपा समाज को बांटने का काम कर रही है।यह पूरा विवाद तब खड़ा हो गया जब सीतामढ़ी के भाजपा विधायक मिथिलेश कुमार इस नवरात्रों में दुर्गा पूजा पांडालों में घूम-घूमकर लोगों को तलवार और रामायण बांटते दिखाई दिए। उन्होंने सामान्य लोगों के साथ-साथ कुछ मंदिरों के पुजारियों को भी तलवार बांटी। जब इस पर विधायक से प्रश्न किया गया तो उन्होंने कहा कि यह सनातन धर्म की परंपरा है कि शस्त्र और शास्त्र की पूजा एक साथ की जानी चाहिए। शास्त्र से धर्म की रक्षा होती है, लेकिन राक्षसों का विनाश करने के लिए शस्त्र के उपयोग को भी सही बताया गया है।
भाजपा विधायक के इस कृत्य पर पार्टी नेताओं ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। लेकिन केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मिथिलेश कुमार से इस कृत्य को सही ठहराया है। उन्होंने कहा है कि देवी दुर्गा के एक हाथ में शंख और शास्त्र हैं तो एक हाथ में तलवार भी है। यह इस बात का सूचक है कि शास्त्र के साथ शस्त्र की भी आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि हर हिंदू को विजयादशमी पर शास्त्रों का पूजन करना चाहिए।
समाज को बांटने की कोशिश- राजद
राष्ट्रीय जनता दल नेता अभिषेक यादव ने अमर उजाला से कहा कि भाजपा हमेशा से समाज को धार्मिक आधार पर लड़वाने का काम करती रही है। पहले उसके नेता लालकृष्ण आडवाणी इसी तरह आक्रामक बयान देकर लोगों के बीच गलतफहमी पैदा करते थे, लेकिन अब उनका यही काम भाजपा की नई पौध ने अपना लिया है। उन्होंने कहा कि, लेकिन जिस तरह लालकृष्ण आडवाणी का रथ लालू प्रसाद यादव ने रोकने का काम किया था, उसी तरह आज की भाजपा की इस तरह की कोशिश को रोकने का काम तेजस्वी यादव करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी बिहार विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस तरह की हरकत की जा रही है, लेकिन बिहार को सांप्रदायिकता का जवाब देना आता है। बिहार में 1992 के दौर में भी कोई बड़ा दंगा नहीं होने पाया था जब अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद गिराई गई थी। उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा की यह कोशिश आज भी सफल नहीं होगी।
'हिंदू समाज नहीं स्वीकार करता ऐसे काम'
राजनीतिक विश्लेषक कुमार धीरेंद्र ने अमर उजाला से कहा कि कई बार छोटे स्तर के नेता इस तरह की हरकत कर चर्चा में आने की कोशिश करते हैं। लेकिन ज्यादातर यही देखा गया है कि हिंदू समाज इस तरह की कोशिशों को कभी स्वीकार नहीं करता। आज सोशल मीडिया में बढ़ रही कटुता के कारण कुछ युवा इसका समर्थन करते अवश्य देखे जा सकते हैं, लेकिन यह आम जनता की सोच कभी नहीं बन पाती।
उन्होंने कहा कि खुलेआम हथियार बांटने का काम सबसे बड़े स्तर पर विश्व हिंदू परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष प्रवीण भाई तोगड़िया ने किया था। उन्होंने खुलेआम लोगों को त्रिशूल बांटने की वकालत की थी। विहिप ने स्वयं यह काम किया था। लेकिन देखा यही गया कि दो-चार दिनों में मीडिया में इसकी चर्चा होने के बाद किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
धीरेंद्र कुमार ने कहा कि हिंदू समाज के साथ-साथ इस देश की संस्कृति ऐसी है कि वह हिंसा को कभी स्वीकार नहीं करता। यही कारण है कि यहां पर महात्मा गांधी सबके आदर्श बन जाते हैं, लोग कबीर-सूर-तुलसी और नानक के पीछे चलने के लिए सहर्ष तैयार हो जाते हैं, लेकिन कोई आक्रामक नेता यहां का आदर्श नहीं बन पाता। उन्होंने कहा कि अशोक या अकबर यहां की जनता के आदर्श तभी बन पाते हैं जब वे अहिंसा से लोगों का दिल जीतते हैं, जब तक इन राजाओं ने तलवार का सहारा लिया, वे कभी देश की जनता के आदर्श नहीं बन सके। उन्होंने कहा कि आज की तलवार बांटने की घटना भी एक चर्चा पाने की कोशिश से अधिक कुछ नहीं है।