सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद फडणवीस ने की बैठक, भाजपा विधायकों ने कहा- विश्वास मत जरूर जीतेंगे
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भाजपा विधायकों की बैठक में रविवार को एकमत से सभी ने कहा कि सदन में पार्टी विश्वास मत अवश्य जीतेगी। बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद थे। बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ विधायक आशीष शेलार ने मीडिया में कहा कि सभी विधायकों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व में विश्वास जताया और कहा कि विश्वास प्रस्ताव में उन्हें जरूर विजयी मिलेगी। सदन में पार्टी अपना बहुमत सिद्ध कर देगी।
शेलार ने कहा कि, हमारी सरकार महाराष्ट्र में पूरे पांच साल काम करेगी। हम आसानी से फ्लोर टेस्ट पास करेंगे। हमें विश्वास है, हम बहुमत साबित करेंगे। आज की बैठक में हमारे सभी विधायक मौजूद थे, जो निर्दलीय विधायक हमारा समर्थन कर रहे हैं, उनके साथ एक अलग जगह पर बैठक आयोजित किए जाएंगे।
दादर के वसंतदादा स्मृति कार्यालय में बैठक के बाद शेलार ने बताया कि भाजपा विधायकों ने बैठक में एक स्वर में कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन को बहुमत दिया था परंतु शिवसेना ने बहुमत का अपमान किया।
जिस हिंदुत्व की विचारधारा पर भाजपा से उसका गठबंधन था, कांग्रेस-एनसीपी से गठबंधन करके शिवसेना ने उस विचारधारा को त्याग दिया। शेलार ने कहा कि 23 नवंबर को फडणवीस और अजित पवार के शपथ लेने के बाद राज्य में फिर से विश्वास का माहौल बना है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने विधायकों को किसी जगह इकट्ठा या छुपा कर नहीं रखेगी क्योंकि उसे सभी पर विश्वास है। जिन पार्टियों को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं, वे ही उन्हें एक जगह जुटा कर रखती हैं।
उद्धव मिले एनसीपी और शिवसेना विधायकों से
विधायकों की टूट रोकने और उनका विश्वास जीतने के लिए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को एनसीपी और शिवसेना के विधायकों से अलग-अलग मुलाकातें की। पहले वह होटल रेनेसां में शरद पवार तथा उनकी पार्टी के विधायकों से मिले और बातचीत की। उन्होंने इन विधायकों से कहा कि किसी दबाव में न आएं। इसके बाद उद्धव ललित होटल में शिवसेना विधायकों से मिले और बातचीत की। अपने विधायकों को उद्धव ने चेतावनी दी कि एक-दूसरे के साथ मिलकर रहें क्योंकि इस भागदौड़ में कोई उनका फायदा उठा सकता है। इस बीच चर्चा है कि कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना के वरिष्ठ चर्चा कर रहे हैं कि क्या तीनों दलों के विधायकों को एक ही होटल में इकट्ठा रखा जाए। फिलहाल इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।