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मंगल मिलन: NDA की बैठक में कई मुद्दों पर मंथन, पीएम मोदी ने सांसदों को किया संबोधित; काकोली घोष ने की सराहना
Tue, 28 Jul 2026 09:41 AM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 28 Jul 2026 09:41 AM IST
सार
जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक 'मंगल मिलन' हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री समेत नेता पहुंचे इसमें पहली बार एनसीपीआई को भी आमंत्रित किया गया था। पढ़िए रिपोर्ट-
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एनडीए संसदीय दल की बैठक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/आईएएनएस
विस्तार
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) संसदीय दल की बैठक 'मंगल मिलन' मंगलवार को संसद पुस्तकालय भवन (पीएलबी) में शुरू हुई। यह बैठक लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किए जाने के एक दिन बाद हुई।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए?
पहली बार तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए और अब एनसीपीआई सांसद बन चुके नेता इस बैठक में चर्चा में शामिल हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ अन्य एनडीए सांसद बैठक में शामिल होने के लिए जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम पहुंचे। पहले तृणमूल कांग्रेस के साथ रहे एनसीपीआई सांसद काकोली घोष, शताब्दी रॉय और सायोनी घोष भी इस बैठक में शामिल हुए।
किस मुद्दे पर हो रही है चर्चा?
एनडीए नेताओं की यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई, जब केंद्र सरकार नकल विरोधी विधेयक को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। वहीं, विपक्ष जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित 'पुलिस की ज्यादती' के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
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यह विधेयक सोमवार को केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पेश किया था। इस दौरान विपक्ष लगातार जोरदार नारेबाजी कर रहा था। इस विधेयक के जरिये सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन किया जाएगा।
ये भी पढ़ें: जंतर-मंतर पर दंगारोधी हथियारों के इस्तेमाल का दावा, DCP के आदेश पर RAF ने दागे 70 से ज्यादा शैल
नकल विरोधी विधेयक में क्या प्रावधान हैं?
प्रस्तावित संशोधन का मकसद सख्त कानूनी प्रावधानों के जरिये परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और ईमानदारी को बढ़ाना है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित रहे। इसके प्रमुख प्रावधानों में कड़ी सजा शामिल है, जिसमें 10 साल तक की जेल, 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना, दोषी पाए जाने वालों की संपत्ति जब्त करना और यह सुनिश्चित करने के लिए एक व्यवस्था बनाना शामिल है कि फैसले तीन महीने के भीतर दिए जाएं।
‘मंगल मिलन’ बैठक का मकसद क्या है?
'मंगल मिलन' बैठक वास्तव में एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक रणनीति बैठक का बदला हुआ नाम है। इसका मकसद रचनात्मक चर्चा को बढ़ावा देना और गठबंधन के सहयोगियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना है।
संसद सत्र के दौरान रोजाना सदन की रणनीति तैयार करने और अलग-अलग दलों के बीच सहमति बनाने के अलावा, 'मंगल मिलन' बैठक एनडीए के सहयोगी दलों के साथ समन्वय बढ़ाने का माध्यम भी है।
यह बैठक एनडीए सांसदों की बहस में भागीदारी बढ़ाने और प्रमुख सहयोगी दलों के नेताओं को बोलने का समय और जिम्मेदारी तय करने में मदद करती है। इसमें शिवसेना, एलजेपी, टीडीपी, जेडीयू और अन्य क्षेत्रीय दलों के सहयोगी नेता शामिल होते हैं।
बैठक में शामिल होने पर क्या बोलीं सांसद काकोली घोष?
'मंगल मिलन' बैठक में शामिल होने के बाद एनसीपीआई की सांसद काकोली घोष ने सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को एनडीए के हिस्से के रूप में मान्यता मिल गई है। घोष ने बताया कि नवगठित एनसीपीआई ने लोकसभा अध्यक्ष के पास औपचारिक मान्यता के लिए सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि सदन में बैठने की व्यवस्था को लेकर प्रक्रिया अभी चल रही है।
काकोली घोष ने कहा, एनसीपीआई पहले से ही चुनाव आयोग में पंजीकृत है। हमने अपनी मान्यता के लिए सभी दस्तावेज लोकसभा अध्यक्ष को दे दिए हैं और उन्होंने हमें एनडीए के हिस्से के रूप में मान्यता दी है। इसी वजह से आज हमें बैठक में बुलाया गया था। हालांकि, बैठने की व्यवस्था और आगे की मान्यता को लेकर बातचीत जारी है। जैसे ही कुछ तय होगा, हम आपको बताएंगे।
एनडीए संसदीय दल की बैठक की तारीफ करते हुए एनसीपीआई नेता ने गठबंधन के सदस्यों के बीच सकारात्मक माहौल का जिक्र किया। उन्होंने कहा, मैंने इससे पहले कभी ऐसी बैठक नहीं देखी थी। 2014 से पहले ऐसी बैठकें होती भी नहीं थीं। इसलिए हमें यह बहुत अच्छा लगा और हमें खुशी है कि हमें इसमें शामिल होने का मौका मिला और हम एनडीए का हिस्सा बने। एनसीपीआई के सभी सांसद मिलकर काम कर रहे हैं, यह हमारे लिए खुशी की बात है।
सायोनी घोष ने बैठक को बताया उपयोगी
वहीं, एनडीए संसदीय दल की बैठक में शामिल होने के बाद एनसीपीआई सांसद सायोनी घोष ने बैठक को 'जानकारी से भरपूर' बताया। उन्होंने छात्र प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार की ओर से लाए गए नकल विरोधी विधेयक की भी सराहना की।
उन्होंने कहा, आज मैंने पहली बार एनडीए की बैठक में हिस्सा लिया और यह बैठक बहुत उपयोगी और जानकारी देने वाली रही। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और कई अन्य मंत्री भी मौजूद थे। आज मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही नीली अर्थव्यवस्था क्षेत्र पर एक प्रस्तुति भी दी गई, जो हमारे देश में तेजी से बढ़ता हुआ क्षेत्र है।
उन्होंने कहा, संसद की बैठक छह दिन बाद शुरू होने वाली है। देश के युवा और छात्र हमारी ताकत हैं। जिस तरह उन्होंने आगे आकर पेपर लीक और नीट का मुद्दा उठाया, उससे उन्होंने पूरे देश को संदेश दिया कि भारत में लोकतंत्र जीवित है और सरकार ने भी इस पर कदम उठाया। सरकार को यह विधेयक लाने का मौका मिला।
शताब्दी रॉय ने क्या कहा?
एनसीपीआई सांसद शताब्दी रॉय ने भी एनडीए संसदीय दल की 'मंगल मिलन' बैठक की योजना और उसमें रखे गए दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस बैठक को बहुत अच्छी तरह आयोजित किया गया।
राष्ट्रीय राजधानी में बैठक में शामिल होने के बाद शताब्दी रॉय ने कहा कि इसमें आने वाले विधेयकों, देश के विकास की दिशा और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, यह बैठक बहुत अच्छे तरीके से आयोजित की गई थी। आने वाले विधेयकों, देश के विजन और किए जा रहे कामों पर विस्तार से चर्चा हुई। मैंने पहले कभी इस तरह की बैठक नहीं देखी, इसलिए यह वास्तव में बहुत व्यवस्थित लगी।
पीयूष गोयल ने हालिया एफटीए की दी जानकारी
बैठक में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय पंचायती राज, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने भी संबोधित किया। पीयूष गोयल ने पार्टी सदस्यों को भारत के हालिया मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) की सफलता और उनके रणनीतिक प्रभाव के बारे में जानकारी दी। वहीं, राजीव रंजन सिंह ने देश के मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास, सरकारी योजनाओं और भविष्य की रणनीति पर बात की।
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बैठक में कौन-कौन शामिल हुए?
पहली बार तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए और अब एनसीपीआई सांसद बन चुके नेता इस बैठक में चर्चा में शामिल हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ अन्य एनडीए सांसद बैठक में शामिल होने के लिए जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम पहुंचे। पहले तृणमूल कांग्रेस के साथ रहे एनसीपीआई सांसद काकोली घोष, शताब्दी रॉय और सायोनी घोष भी इस बैठक में शामिल हुए।
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एनडीए नेताओं की यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई, जब केंद्र सरकार नकल विरोधी विधेयक को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। वहीं, विपक्ष जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित 'पुलिस की ज्यादती' के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
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यह विधेयक सोमवार को केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पेश किया था। इस दौरान विपक्ष लगातार जोरदार नारेबाजी कर रहा था। इस विधेयक के जरिये सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन किया जाएगा।
ये भी पढ़ें: जंतर-मंतर पर दंगारोधी हथियारों के इस्तेमाल का दावा, DCP के आदेश पर RAF ने दागे 70 से ज्यादा शैल
नकल विरोधी विधेयक में क्या प्रावधान हैं?
प्रस्तावित संशोधन का मकसद सख्त कानूनी प्रावधानों के जरिये परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और ईमानदारी को बढ़ाना है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित रहे। इसके प्रमुख प्रावधानों में कड़ी सजा शामिल है, जिसमें 10 साल तक की जेल, 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना, दोषी पाए जाने वालों की संपत्ति जब्त करना और यह सुनिश्चित करने के लिए एक व्यवस्था बनाना शामिल है कि फैसले तीन महीने के भीतर दिए जाएं।
‘मंगल मिलन’ बैठक का मकसद क्या है?
'मंगल मिलन' बैठक वास्तव में एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक रणनीति बैठक का बदला हुआ नाम है। इसका मकसद रचनात्मक चर्चा को बढ़ावा देना और गठबंधन के सहयोगियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना है।
संसद सत्र के दौरान रोजाना सदन की रणनीति तैयार करने और अलग-अलग दलों के बीच सहमति बनाने के अलावा, 'मंगल मिलन' बैठक एनडीए के सहयोगी दलों के साथ समन्वय बढ़ाने का माध्यम भी है।
यह बैठक एनडीए सांसदों की बहस में भागीदारी बढ़ाने और प्रमुख सहयोगी दलों के नेताओं को बोलने का समय और जिम्मेदारी तय करने में मदद करती है। इसमें शिवसेना, एलजेपी, टीडीपी, जेडीयू और अन्य क्षेत्रीय दलों के सहयोगी नेता शामिल होते हैं।
बैठक में शामिल होने पर क्या बोलीं सांसद काकोली घोष?
'मंगल मिलन' बैठक में शामिल होने के बाद एनसीपीआई की सांसद काकोली घोष ने सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को एनडीए के हिस्से के रूप में मान्यता मिल गई है। घोष ने बताया कि नवगठित एनसीपीआई ने लोकसभा अध्यक्ष के पास औपचारिक मान्यता के लिए सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि सदन में बैठने की व्यवस्था को लेकर प्रक्रिया अभी चल रही है।
काकोली घोष ने कहा, एनसीपीआई पहले से ही चुनाव आयोग में पंजीकृत है। हमने अपनी मान्यता के लिए सभी दस्तावेज लोकसभा अध्यक्ष को दे दिए हैं और उन्होंने हमें एनडीए के हिस्से के रूप में मान्यता दी है। इसी वजह से आज हमें बैठक में बुलाया गया था। हालांकि, बैठने की व्यवस्था और आगे की मान्यता को लेकर बातचीत जारी है। जैसे ही कुछ तय होगा, हम आपको बताएंगे।
एनडीए संसदीय दल की बैठक की तारीफ करते हुए एनसीपीआई नेता ने गठबंधन के सदस्यों के बीच सकारात्मक माहौल का जिक्र किया। उन्होंने कहा, मैंने इससे पहले कभी ऐसी बैठक नहीं देखी थी। 2014 से पहले ऐसी बैठकें होती भी नहीं थीं। इसलिए हमें यह बहुत अच्छा लगा और हमें खुशी है कि हमें इसमें शामिल होने का मौका मिला और हम एनडीए का हिस्सा बने। एनसीपीआई के सभी सांसद मिलकर काम कर रहे हैं, यह हमारे लिए खुशी की बात है।
सायोनी घोष ने बैठक को बताया उपयोगी
वहीं, एनडीए संसदीय दल की बैठक में शामिल होने के बाद एनसीपीआई सांसद सायोनी घोष ने बैठक को 'जानकारी से भरपूर' बताया। उन्होंने छात्र प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार की ओर से लाए गए नकल विरोधी विधेयक की भी सराहना की।
उन्होंने कहा, आज मैंने पहली बार एनडीए की बैठक में हिस्सा लिया और यह बैठक बहुत उपयोगी और जानकारी देने वाली रही। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और कई अन्य मंत्री भी मौजूद थे। आज मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही नीली अर्थव्यवस्था क्षेत्र पर एक प्रस्तुति भी दी गई, जो हमारे देश में तेजी से बढ़ता हुआ क्षेत्र है।
उन्होंने कहा, संसद की बैठक छह दिन बाद शुरू होने वाली है। देश के युवा और छात्र हमारी ताकत हैं। जिस तरह उन्होंने आगे आकर पेपर लीक और नीट का मुद्दा उठाया, उससे उन्होंने पूरे देश को संदेश दिया कि भारत में लोकतंत्र जीवित है और सरकार ने भी इस पर कदम उठाया। सरकार को यह विधेयक लाने का मौका मिला।
शताब्दी रॉय ने क्या कहा?
एनसीपीआई सांसद शताब्दी रॉय ने भी एनडीए संसदीय दल की 'मंगल मिलन' बैठक की योजना और उसमें रखे गए दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस बैठक को बहुत अच्छी तरह आयोजित किया गया।
राष्ट्रीय राजधानी में बैठक में शामिल होने के बाद शताब्दी रॉय ने कहा कि इसमें आने वाले विधेयकों, देश के विकास की दिशा और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, यह बैठक बहुत अच्छे तरीके से आयोजित की गई थी। आने वाले विधेयकों, देश के विजन और किए जा रहे कामों पर विस्तार से चर्चा हुई। मैंने पहले कभी इस तरह की बैठक नहीं देखी, इसलिए यह वास्तव में बहुत व्यवस्थित लगी।
पीयूष गोयल ने हालिया एफटीए की दी जानकारी
बैठक में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय पंचायती राज, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने भी संबोधित किया। पीयूष गोयल ने पार्टी सदस्यों को भारत के हालिया मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) की सफलता और उनके रणनीतिक प्रभाव के बारे में जानकारी दी। वहीं, राजीव रंजन सिंह ने देश के मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास, सरकारी योजनाओं और भविष्य की रणनीति पर बात की।