{"_id":"669e95f6948391020f0fc0dd","slug":"bjp-leadership-knows-how-to-launch-movements-but-lost-key-to-get-votes-dilip-ghosh-2024-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"West Bengal: ‘भाजपा नेतृत्व किसी आंदोलन को शुरू करना जानता है लेकिन…’, दिलीप घोष का अपनी ही पार्टी पर निशाना","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
West Bengal: ‘भाजपा नेतृत्व किसी आंदोलन को शुरू करना जानता है लेकिन…’, दिलीप घोष का अपनी ही पार्टी पर निशाना
Mon, 22 Jul 2024 10:55 PM IST
मिथिलेश नौटियाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: मिथिलेश नौटियाल
Updated Mon, 22 Jul 2024 10:55 PM IST
सार
दिलीप घोष का कहना है कि भाजपा यह जानती है कि किसी आंदोलन को कैसे चलाना है, लेकिन पार्टी चुनाव कराने और अपने प्रत्याशियों के लिए वोट हासिल करने की कुंजी खो चुकी है। उन्होंने कहा कि अगर आलाकमान उनकी राय जानना चाहता है तो इसके लिए वे तैयार हैं।
विज्ञापन
दिलीप घोष
- फोटो : ANI
विस्तार
पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पूर्व सांसद दिलीप घोष ने अपनी ही पार्टी पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि भाजपा यह जानती है कि किसी आंदोलन को कैसे चलाना है, लेकिन पार्टी चुनाव कराने और अपने प्रत्याशियों के लिए वोट लाने की कुंजी खो चुकी है। पश्चिम बंगाल भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि अगर आलाकमान उनकी राय जानना चाहता है तो इसके लिए वे तैयार हैं।
विज्ञापन
‘हम चुनाव प्रचार के बारे में नहीं जानते’
दिलीप घोष ने कहा, ‘भाजपा का शीर्ष नेतृत्व निश्चित तौर पर जानता है कि संगठन को खड़ा कैसे करना है। वे जानते हैं कि किसी आंदोलन की शुरुआत कैसे करनी है। लेकिन, हम चुनाव प्रचार के बारे में नहीं जानते। हम नहीं जानते कि पार्टी के लिए वोट कैसे लाए जाने हैं। ऐसा लगता है कि हमने सीटें जीतने के लिए वोट हासिल करने की कुंजी को कहीं खो दिया है। आपको बता दें कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में निराशाजनक प्रदर्शन किया था। भारजा ने 42 में से 12 सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा को इस बार के चुनाव में 2019 के मुकाबले छह सीटें कम मिलीं थीं। यहां तक कि दिलीप घोष को भी हार का वार झेलना पड़ा।
विज्ञापन
‘मैं कभी भी भाजपा के जमीनी स्तर के नेताओं से दूर नहीं रहा’
भाजपा नेता ने आगे कहा , ‘वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में हमने 77 सीटों पर जीत हासिल की। हालांकि, हमने 100 सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा था। मुझसे जब भी पूछा जाता है तो मैं अपने सुझाव देता हूं। यह आलाकमान पर निर्भर है कि मेरे सुझावों को सुनें या नहीं।’ आपको बता देें कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में दिलीप घोष ने मेदिनीपुर लोकसभा क्षेत्र से जीत हासिल की थी। दिलीप घोष ने कहा कि वे कभी भी भाजपा के जमीनी स्तर के नेताओं से दूर नहीं रहे। उन्होंने कहा भाजपा नेताओं पर चुनाव के समय और चुनाव के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा हमले किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
पहले भी नाराजगी जता चुके हैं दिलीप घोष
आपको बता दे कि दिलीप घोष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रह चुके हैं। वर्ष 2014 में भाजपा नेतृत्व ने उन्हें पश्चिम बंगाल इकाई का महासचिव बनाया था। इसके बाद उन्हें वर्ष 2015 में पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष बनाया गया। वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में उन्होंने टीएमसी प्रत्याशी कीर्ति आजाद को बड़े अंतर से हराया था। इसके बाद दिलीप घोष ने भाजपा के एक वर्ग पर अपने खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया था। इस वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने दिलीप घोष को बर्धवान-दुर्गापुर से प्रत्याशी बनाया था। इसे लेकर घोष ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी भी जाहिर की थी।