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बाहरी नेताओं के सहारे 2019 में कमल खिलाने की तैयारी कर रही भाजपा, कार्यकर्ताओं में असंतोष

Wed, 27 Mar 2019 12:00 AM IST
Amit Digital अमित शर्मा , नई दिल्ली
अमित शर्मा , नई दिल्ली Published by: Amit Digital Updated Wed, 27 Mar 2019 12:00 AM IST
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BJP is preparing to feed party in support of external leaders in 2019
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समाजवादी पार्टी से सांसद रह चुकीं जया प्रदा ने मंगलवार दोपहर एक बजे भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण किया और शाम छः बजे की प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी महासचिव अरुण सिंह ने उन्हें रामपुर से पार्टी का उम्मीदवार घोषित कर दिया। इससे बीजेपी को भले ही रामपुर की सीट पर जीत हासिल होती दिख रही हो लेकिन पार्टी कार्यकर्ता इससे बेहद आहत हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि इससे पार्टी के उन कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरता है जो सालों-साल पूरी निष्ठा के साथ पार्टी का झंडा उठाता रहता है। 

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प्रयागराज सीट से भाजपा ने 2014 में समाजवादी पार्टी से आए नेता श्यामाचरण गुप्ता को टिकट थमा दिया था। इस चुनाव में उन्होंने सपा खेमे में वापसी कर ली। 2019 में पार्टी ने कांग्रेस से आई नेता रीता बहुगुणा जोशी को इस सीट से मैदान में उतार दिया है। इस समय वे योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में महिला कल्याण मंत्री हैं। प्रयागराज सीट से चुनाव की तैयारी कर रहे एक भाजपा नेता के कहा कि इससे उनके जैसे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरता है। पार्टी कार्यालय पर आए एक कार्यकर्ता ने यहां तक कहा कि अगर हम दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दंभ भरते हैं। हमारे कार्यकर्ताओं की संख्या हमें 11 करोड़ से अधिक बताई जाती है। ऐसे में यह बेहद हास्यास्पद है कि किसी भी सीट पर हमारे पास जीतने के काबिल उम्मीदवार नहीं हैं। 
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भाजपा ने कई सीटों पर पहली बार भाजपा में शामिल हुए लोगों को लोकसभा का टिकट थमा दिया है। बीजेडी से आए बिजयंत जय पांडा को भी पार्टी ने केंद्रपाड़ा सीट से चुनाव मैदान में उतार दिया है। इतना ही नहीं, पार्टी ज्वाइन करने के बाद उन्हें तत्काल पार्टी का उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता भी बना दिया गया। पार्टी का उपाध्यक्ष ऐसा पद होता है जिस तक पहुंचने में पार्टी कार्यकर्ताओं को ही लगभग बीस साल तक का समय लग जाता है। ऐसे में बिल्कुल नए आए नेता को उपाध्यक्ष बना देना किसी के गले नहीं उतर रहा है।  
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पश्चिम बंगाल में तो पार्टी पूरी तरह बाहर से आए नेताओं पर ही निर्भर कर रही है। यूपी-बिहार के संभावित नुकसान को पश्चिम बंगाल से पाटने की कोशिश करने वाली भाजपा ने यहां से लगभग आधे दर्जन बाहर से आए नेताओं को लोकसभा का टिकट थमा दिया है। यहां पर पार्टी के तारनहार मुकुल रॉय बने हुए हैं जो तृणमूल कांग्रेस से बीजेपी में आए हैं। 

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