नागरिकता कानून के विरोध से बेफिक्र है भाजपा, घर-घर पहुंचा रही अपनी बात
- विपक्षी दुष्प्रचार का मुकाबला पार्टी जमीन पर करेगी
- कानून को महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि बता रही
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विस्तार
पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को राहत देने के लिए लाए गए नागरिकता संशोधन कानून के जबरदस्त विरोध के बावजूद भाजपा बेफिक्र है। पार्टी का कहना है कि वह विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचार का मुकाबला जमीनी स्तर पर करेगी न कि मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए।
साथ ही उसका कहना है कि पाकिस्तान से आए हिंदुओं को भारत की नागरिकता देकर सरकार ने महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। कानून के पक्ष में चल रहे पार्टी के प्रचार अभियान के केंद्र में भी यही विचार है। पार्टी ने देशभर में गांव-गांव, मोहल्ले-मोहल्ले और घर-घर पहुंचकर कानून पर स्थिति स्पष्ट करने का अभियान शुरू किया है।
पार्टी के केंद्रीय नेताओं से लेकर जिला स्तर तक सभी नेता इसमें जुटे हुए हैं। पार्टी का कहना है कि लोगों में उसके इस अभियान को लेकर बहुत सकारात्मक रुख है। यही वजह है कि वह जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, जादवपुर यूनिवर्सिटी और जामिया मिल्लिया इस्लामिया जैसे विश्वविद्यालयों में चल रहे नागरिकता कानून विरोधी अभियानों को ज्यादा तवज्जो नहीं दे रही है। पार्टी नेता भी इस मुद्दे पर भड़काऊ बयानबाजी से बच रहे हैं।
चार पेज की बुकलेट बांटी जा रही
अपने अभियान के दौरान भाजपा कार्यकर्ता ‘नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019, कुछ महत्वपूर्ण बिंदु’ नामक एक चार पेज की बुकलेट भी बांट रहे हैं। इसमें इस कानून की पृष्ठभूमि और इसके असर जैसे सभी पहलुओं का जिक्र है।
बुकलेट के आखिरी पेज पर महात्मा गांधी के चित्र के साथ उनका एक बयान छपा है जो उन्होंने 26 सितंबर 1947 को प्रार्थना सभा में दिया था। इसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू और सिख हर नजरिए से भारत आ सकते हैं, यदि वे वहां निवास नहीं करना चाहते हैं। उस स्थिति में उन्हें नौकरी देना और उनके जीवन को सामान्य बनाना भारत सरकार का कर्तव्य है।
यह कानून बनाकर मोदी सरकार ने महात्मा गांधी के सपनों को साकार किया है। इसी बुकलेट में आगे लिखा कि गांधीवादी मानवीयता का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण मोदी सरकार ने दिया है। आज के विभाजित वैश्विक परिदृश्य में धर्म के आधार पर देश विभाजन का दंश झेल रहे लाखों परिवारों के मानवाधिकारों की सुरक्षा वह सुनिश्चित करेगी।
कार्यकर्ता सम्मेलनों का आयोजन
पार्टी गांव और बूथ लेवल पर कार्यकर्ता सम्मेलन कर सभी कार्यकर्ताओं को इस विषय पर पूछे जाने वाले हर प्रश्न का उत्तर देने के लिए तैयार कर रही है। इसके बाद कार्यकर्ता घर-घर तक पार्टी का नजरिया पहुंचाएंगे। अभी तक उत्तर प्रदेश के लगभग हर गांव में पार्टी कम से कम एक कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर चुकी है।
दलितों के हितों की रक्षा
इन सम्मेलनों में बताया जा रहा है कि विभाजन के समय संपन्न और सवर्ण हिंदू हो तो भारत आ गए लेकिन दलित और पिछड़े गरीब आने में असफल रहे। पाकिस्तान ने दलित हिंदुओं को भारत आने से जबरन रोका क्योंकि वे उनसे मैला साफ करवाते थे। बाद में वहां बचे हिंदुओं का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया और उनकी लड़कियों का अपहरण कर मुसलमानों से शादी कराई जा रही है। मोदी सरकार अब उन्हें भारत बुलाकर उनका सम्मान वापस लौटाना चाहती है।
विपक्ष का छलावा बताकर साध रही निशाना
पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस कानून से किसी भी व्यक्ति की नागरिकता नहीं छीनी जा रही है। यह तो सिर्फ पाकिस्तान से आए गैर मुसलमानों को नागरिकता देने के लिए बनाया गया है। इस्लामिक मुल्क होने के नाते अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में गैर मुसलमानों को प्रताड़ित किया जा रहा है। विपक्ष अपने वोट बैंक के चक्कर में जानबूझकर भ्रम फैला रहा है। मुसलमानों को इस कानून के दायरे में लाकर विपक्ष हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों को भारत बुलाना चाहता है।