Gujrat Election: चुनाव प्रचार में गुजरात पकड़ेगा 'विकास' की राह, सांसदों और विधायकों से आलाकमान ने मांगी परियोजनाओं की सूची
गुजरात के एक वरिष्ठ सांसद ने अमर उजाला को बताया कि भाजपा की प्रदेश टीम हाईकमान के निर्देश पर ऐसे संभावित प्रोजेक्ट्स की सूची तैयार करने में जुट गई है। इसके लिए सभी विधायकों और सांसदों को निर्देश दिया गया है वे अपने अपने क्षेत्रों की महत्वपूर्ण विकास परियोजना की सूची सौंपे, ताकि समय रहते इन्हें मंजूर करवाया जा सके...
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भाजपा ने आगामी गुजरात चुनाव को देखते हुए कमर कस ली है। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर पार्टी की गुजरात इकाई ने अपने सांसदों और विधायकों से विकास की उन परियोजनाओं की सूची मांगी है। जिन्हें विधानसभा चुनाव की घोषणा से पूर्व अनुमति मिल सके।
गुजरात के एक वरिष्ठ सांसद ने अमर उजाला को बताया कि भाजपा की प्रदेश टीम हाईकमान के निर्देश पर ऐसे संभावित प्रोजेक्ट्स की सूची तैयार करने में जुट गई है। इसके लिए सभी विधायकों और सांसदों को निर्देश दिया गया है वे अपने अपने क्षेत्रों की महत्वपूर्ण विकास परियोजना की सूची सौंपे, ताकि समय रहते इन्हें मंजूर करवाया जा सके। पार्टी चुनाव से पूर्व इन परियोजनाओं को लोगों की नजरों में लाना चाहती और उम्मीद कर रही है कि प्रधानमंत्री मोदी इनका उद्घाटन करें या फिर इनकी आधारशिला रखें। ताकि चुनाव प्रचार के दौरान इसे भुनाया जा सके।
पार्टी के अन्य विश्वस्त सूत्र ने अमर उजाला से कहा कि हाल ही में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा गुजरात के दौरे पर आए थे। उस दौरान भी उन्होंने सांसद और विधायकों को विकास संबंधी प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम करने के लिए निर्देश दिया था। इसके बाद ही कई विधायकों और सांसदों ने अपनी सूची राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के कार्यालय को सौंप दी। विकास परियोजनाओं को मंजूरी मिलने में बहुत समय लग जाता है, इसलिए एक समग्र सूची तैयार की जा रही है ताकि कई सारे प्रोजेक्ट्स पर एक साथ काम हो सके।
आदिवासियों को साधने की कवायद भी हुई शुरू
इधर गुजरात सरकार ने चुनाव को देखते हुए आदिवासियों को साधने की कवायद भी शुरु कर दी है। गुजरात सरकार ने कृषि विविधीकरण परियोजना 2022-23 के हिस्से के रूप में 1.23 लाख आदिवासी किसानों को अत्यधिक रियायती दरों पर बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। यह योजना पिछले एक दशक से लागू है और इसका उद्देश्य आदिवासी परिवारों की आय को दोगुना करना है।
इस वर्ष 1.23 लाख किसानों को शामिल करने का लक्ष्य है, जो कि पिछले सात वर्षों के दौरान इस योजना के तहत लक्षित आदिवासी लाभार्थियों की सबसे अधिक संख्या है। हाल ही में सरकार ने खाद और बीज युक्त किट बांटना शुरू किया है। एक किट की अनुमानित लागत 3,240 रुपये है, लेकिन लाभार्थियों को 250 रुपये में दी जाती है। सरकार का इस योजना के जरिए 1.23 लाख आदिवासी किसानों को टारगेट करने का लक्ष्य है।