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'युवाओं के गुस्से से घिरी भाजपा': सपकाल बोले- केस दर्ज कराकर आवाज नहीं दबा पाएंगे, किसके खिलाफ खोला मोर्चा?

Sat, 03 Oct 2026 05:12 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sat, 03 Oct 2026 05:12 PM IST
सार

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भाजपा सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने के लिए केस दर्ज करने का आरोप लगाया और कहा कि युवा लोकतंत्र व संविधान से जुड़े मुद्दों पर पीछे नहीं हटेंगे। वहीं, उन्होंने एमवीए में विधान परिषद चुनाव को लेकर किसी भी गतिरोध से इनकार किया है।

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BJP facing youth wrath Maharashtra Congress President Harshvardhan says filing cases won't silence voices
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शनिवार को भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा की सरकारों को लेकर युवाओं में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। सरकार की तरफ से युवाओं की आवाज दबाने के लिए उनके खिलाफ केस दर्ज किए जा रहे हैं, लेकिन इससे युवा डरने वाले नहीं हैं। सपकाल ने आगे कहा कि शुक्रवार को शिवाजी पार्क में हुए विरोध प्रदर्शन में युवाओं की यही नाराजगी खुलकर सामने आई है। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने लोकतंत्र और संविधान से जुड़े सवाल उठाए हैं और अपने खिलाफ दर्ज किए जा रहे मामलों से वे पीछे नहीं हटेंगे।

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सीजेपी ने  शिवाजी पार्क में किया था प्रदर्शन
बता दें कि शुक्रवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' मुंबई के ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान चुनावी रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी एसआईआर में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया गया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई।
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'सरकार दबाव बनाकर आवाज नहीं दबा सकती'
पत्रकारों से बातचीत में सपकाल ने कहा कि युवा लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए सड़कों पर उतरे हैं। उन्होंने जो मुद्दे उठाए हैं, वे देश के लिए अहम हैं। सरकार दबाव बनाकर लोगों की आवाज़ को दबा नहीं सकती। सपकाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भाजपा ने ऐसा करने की कोशिश की तो उसे इसके नतीजे भुगतने होंगे। सपकाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आखिर कुमार उन चिट्ठियों पर क्यों नहीं बोल रहे हैं, जो कथित तौर पर दो चुनाव आयुक्तों और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें भेजी थीं। ज्ञानेश कुमार इन चिट्ठियों पर क्यों नहीं बोल रहे हैं? भाजपा को इसका जवाब देना चाहिए। भाजपा को ध्यान भटकाने के लिए हिंदू-मुस्लिम और भारत-पाकिस्तान के मुद्दे उठाना बंद करना चाहिए।"
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नासिक से मुंबई की पदयात्रा और पुणे का प्रदर्शन भी गिनाया
सपकाल ने युवाओं में असंतोष के उदाहरण के तौर पर नासिक से मुंबई तक आदिवासी छात्रों की लंबी पदयात्रा और एमपीएससी में कथित गड़बड़ियों को लेकर पुणे में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन का भी जिक्र किया। सपकाल ने कहा कि ये घटनाएं बताती हैं कि युवाओं के बीच कई मुद्दों को लेकर असंतोष है और सरकार को इन सवालों पर ध्यान देना चाहिए। छात्र एमपीएससी के चेयरमैन विवेक भीमन्वार को हटाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जा रही है। भीमन्वार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी हैं। सीएम को मुख्यमंत्री की तरह काम करना चाहिए और 'यह मैं नहीं था' वाला रुख नहीं अपनाना चाहिए।

सूखे से परेशान किसानों के लिए पैकेज की उम्मीद
महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर भी सपकाल ने सरकार से उम्मीद जताई कि किसानों के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 3 नवंबर को बारामती आने की उम्मीद है और राज्य के परेशान किसानों को उम्मीद है कि इस दौरान उनके लिए पैकेज की घोषणा होगी। सपकाल ने कहा कि इस पैकेज में प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की मदद भी शामिल होनी चाहिए।

'एमवीए में कोई मतभेद नहीं'
वहीं, आने वाले विधान परिषद चुनावों को लेकर सपकाल ने कहा कि कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एसपी) वाले महा विकास अघाड़ी यानी एमवीए में सीटों को लेकर कोई मतभेद नहीं है। पांच सीटों में से दो निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस के मौजूदा सदस्य हैं और पार्टी ने उन्हें एक और मौका दिया है। कांग्रेस ने अमरावती सीट के लिए भी अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है, जबकि बाकी दो सीटों को लेकर सहयोगी दलों के साथ बातचीत चल रही है। ये चुनाव ग्रेजुएट और टीचर निर्वाचन क्षेत्रों के लिए हैं और एमवीए में शामिल सभी पार्टियां मिलकर काम कर रही हैं।


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'कोई गतिरोध नहीं, तालमेल बढ़ाने के लिए हो रही बैठक'
सपकाल ने साफ कहा कि गठबंधन में किसी तरह का गतिरोध नहीं है। उन्होंने कहा कि आपसी तालमेल को और बेहतर बनाने के लिए एक बैठक की जा रही है। ये चुनाव ग्रेजुएट और टीचर निर्वाचन क्षेत्रों के लिए हैं और एमवीए में शामिल पार्टियां मिलकर काम कर रही हैं। कोई गतिरोध नहीं है। आपसी तालमेल को और बेहतर बनाने के लिए एक बैठक की जा रही है। 

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