फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   BJP comes between JDU-RLD friendship

जेडीयू और रालोद की बढ़ती दोस्ती पर बीजेपी ने लगायी सेंध

Tue, 26 Apr 2016 03:20 AM IST
राजदीप जाखड़/ अमर उजाला, मेरठ
राजदीप जाखड़/ अमर उजाला, मेरठ Updated Tue, 26 Apr 2016 03:20 AM IST
सार

  • जेडीयू के बजाय भाजपा का साथ ज्यादा मुफीद मान रहा संगठन
  • भाजपा का एक खेमा गठबंधन की पैरोकारी में तो दूसरा विलय की पैरवी में

विज्ञापन
BJP comes between JDU-RLD friendship
नीतीश कुमार

विस्तार

मिशन 2017 फतह के लिए जेडीयू के साथ जा रहे रालोद के कदम भाजपा के रुख से ठिठक गए हैं। दोनों तरफ से गठबंधन के लिए कवायद शुरू हो चुकी है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही रालोद-भाजपा का गठबंधन सियासी धरातल पर दस्तक देगा। हालांकि भाजपा का एक खेमा जहां गठबंधन की जोरदार पैरवी में लगा है तो एक खेमा विलय चाहता है।

विज्ञापन


वहीं, रालोद के कुछ नेता भी भाजपा की बजाय जेडीयू के साथ जाने की वकालत कर रहे हैं। गैर भाजपाई दलों को एक करके राष्ट्रीय राजनीति में ताल ठोकने की कोशिश में जुटे बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार की रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह से नई पार्टी बनाने के लिए बात चल रही थी। कई दौर की बात होने पर नई पार्टी में नीतिश कुमार को राष्ट्रीय अध्यक्ष व चौधरी अजित सिंह को संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया जाना तय हो चुका था। लेकिन सियासी धरातल पर उतर रहे इस गठजोड़ के बीच भाजपा ने सेंध लगा दी है।
विज्ञापन


राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक पश्चिमी यूपी राजनीतिक लाभ लेने के लिए भाजपा के करीब आधा दर्जन विधायकों ने पार्टी हाईकमान से मिलकर रालोद को साथ लाने की पैरोकारी की थी। इस पर हाईकमान ने रालोद के पार्टी में विलय करने का प्रस्ताव रखा, जिसे रालोद ने सिरे से खारिज करते हुए सिर्फ गठबंधन पर विचार करने को कहा है। रालोद का एक खेमा जहां पश्चिमी यूपी में सियासी लाभ लेने के लिए भाजपा के साथ जाने की वकालत कर रहा है तो वहीं दूसरा खेमा जनता परिवार के साथ जाकर राष्ट्रीय राजनीति में हस्तक्षेप करने की बात कह रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मिल सकती है राज्यसभा सीट और कोठी

BJP comes between JDU-RLD friendship
अजीत ‌स‌िंह

भाजपा से गठबंधन होने की स्थिति में रालोद को राज्यसभा सीट और 12 तुगलक रोड कोठी मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक गठबंधन के चलते हिस्से में आने वाली विधानसभा सीटों की संख्या के अलावा भी कुछ मुद्दों पर सियासी गुणा-भाग लगाया जा रहा है।

जेडीयू के साथ न जाकर राजनीतिक फायदे के नफे-नुकसान के गणित के बाद ही रालोद भाजपा के साथ गठबंधन की राह पर आगे बढ़ रहा है। पश्चिमी यूपी की करीब चार दर्जन से ज्यादा सीटों पर रालोद का असर है।

रालोद के परंपरागत वोटर सीट जिताने और हराने की संख्या रखता है। दोनों दलों के एक साथ आने से पश्चिम यूपी में इसका बड़ा सियासी फायदा मिलेगा। रालोद-भाजपा गठबंधन से सबसे बड़ा नुकसान बसपा और कांग्रेस को दिख रहा है। गठबंधन की खबर से पश्चिम की राजनीति में हलचल दिखाई दे रही है। बसपा के साथ कांग्रेस खेमे में बेचैनी महसूस की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed