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राजनीतिक मजबूरी के चलते भाजपा-कांग्रेस पीवी नरसिंहा राव से लेकर आडवाणी, जोशी तक का बढ़ा रहीं मान

Fri, 24 Jul 2020 12:56 PM IST
Harendra Chaudhary शशिधर पाठक/न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक/न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 24 Jul 2020 12:56 PM IST
सार

  • हैदराबाद में कांग्रेस कर रही है पूर्व प्रधानमंत्री को याद
  • पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी लेंगे हिस्सा, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल भी करेंगे गुणगान
  • पूर्व पीएम मनमोहन, पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश समेत अन्य करेंगे संबोधित
  • राममंदिर भूमि पूजन में पूर्व उप प्रधानमंत्री आडवाणी और जोशी होंगे आमंत्रित

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BJP and Congress will honour its senior and founder leaders from PV Narasimha Rao to Advani and Joshi
पीवी नरसिंहा राव - फोटो : फाइल

विस्तार

राजनीति का ऊंट कब किस करवट बैठेगा, कोई नहीं जानता। इसका ताजा उदाहरण भाजपा, कांग्रेस जैसी दो बड़ी पार्टियों के व्यवहार परिवर्तन में साफ दिखाई पड़ रहा है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ व्यवहार को लेकर तंज पर जहां भाजपा अब अपने संस्थापक नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी को सम्मान देने से नहीं चूक रही है, वहीं कांग्रेस ने भी पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंहा राव को सम्मान देने का फैसला किया है।

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कांग्रेस ने यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेताओं के ताना मारने के बाद अपनाया है। पीवी नरसिंहा राव कांग्रेस पार्टी के अपने समय के कद्दावर नेता रहे हैं। मानव संसाधन विकास मंत्री रहते हुए उन्होंने देश के आधुनिक शिक्षा की नींव रखी तो प्रधानमंत्री बनने के बाद देश की विदेश नीति, रक्षा नीति, व्यापार नीति, अर्थव्यवस्था पर कई अहम फैसले लिए। हैदराबाद में शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री का जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम, मंत्री जयराम रमेश समेत कांग्रेस पार्टी के तमाम दिग्गजों ने हिस्सा लिया।

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सोनिया गांधी ने किया याद

इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का भी संदेश पढ़ा गया। अपने संदेश में सोनिया गांधी ने कहा कि राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में लंबे अनुभव के बाद वे उस वक्त प्रधानमंत्री बने जब देश भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहा था और उनके साहसिक नेतृत्व और फैसलों के चलते ही देश कई चुनौतियों से निकल पाने में सक्षम हो पाया। उन्होंने 24 जुलाई, 1991 के बजट को याद करते हुए कहा कि उनके उस बजट ने देश की अर्थव्यवस्था के परिवर्तन की राह खोली थी। उनका पूरा कार्यकाल उनके राजनीतिक, सामाजिक और विदेश नीतियों पर लिए गए कई अहम फैसलों के लिए याद किया जाएगा।

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राहुल गांधी बोले, याद किए जाएंगे उनके फैसले

वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि आधुनिक भारत को आकार देने में पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंहा के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनके कार्यकाल के दौरान उठाए गए साहसिक कदमों से आर्थिक बदलावों का रास्ता खुला। पीवी नरसिंहा राव और डॉ. मनमोहन सिंह का कार्यकाल उदारवादी फैसलों के लिए याद किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा इस कार्यक्रम से देश के युवाओं को भारत के विकास की कहानी के साथ इसे संभव बनाने वालों के बारे में जानने का मौका मिलेगा।

BJP and Congress will honour its senior and founder leaders from PV Narasimha Rao to Advani and Joshi
पार्टी को जीत मिलने के बाद आडवाणी और जोश से मिलने उनके घर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : PTI (File)

भाजपा भी अपने वरिष्ठों को सम्मान देने में लगी

पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण क्रम में भूमि पूजन और नींव की ईंट रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद वहां उपस्थित होंगे। इसके अलावा कार्यक्रम में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राम मंदिर आंदोलन में शामिल भाजपा के संस्थापक सदस्य और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी को भी आमंत्रित किया जाएगा।

उमा भारती ने भी अयोध्या जाने की इच्छा जताई है। इसके अलावा पिछले कुछ सालों से भाजपा ने अपने दोनों वरिष्ठ नेताओं का मान बढ़ाया है। 2014 में लोकसभा चुनाव का शानदार परिणाम आने के बाद अगले कुछ वर्षों तक दोनों नेताओं की उपेक्षा की खबरें आई थी। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं को पैर छूने की संस्कृति से दूर रहने की सलाह दे दी थी।
इसके बाद भाजपा नेताओं ने आडवाणी से मिलने-जुलने में भी परहेज करना शुरू कर दिया था।

लालकृष्ण आडवाणी के सेक्रेट्रिएट के एक सदस्य के मुताबिक लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले दुखी होकर पूर्व उप प्रधानमंत्री ने भाजपा नेताओं को नसीहत तक देना शुरू कर दिया था। डा. मुरली मनोहर जोशी ने केंद्र सरकार के पांच साल के कामकाज पर बड़ी तल्ख टिप्पणी की थी। इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव 2029 का घोषणा पत्र जारी करने के समय भी दोनों नेताओं को समारोह से दूर रखा गया था।

2019 के चुनाव के बाद प्रधानमंत्री ने छुए आडवाणी के पैर

कांग्रेस पार्टी ने यूपीए-1 और 2 सरकार के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहा राव को बमुश्किल ही याद किया। पार्टी के समारोहों में भी वे उपेक्षा का पात्र बने रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के नेताओं ने इसको लेकर कांग्रेस के पार्टी के रवैये पर कई बार तंज कसा। कांग्रेस ने भी यह कसर आडवाणी और डॉ. जोशी के अपमान पर निकाली।

इसका असर यह हुआ कि 2019 के लोकसभा चुनाव में दोबारा मिली शानदार जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद लालकृष्ण आडवाणी के पास गए। उनके पैर छुए और आशीर्वाद लिया। डॉ. जोशी का भी सम्मान, आदर बढ़ाया। इतना ही नहीं दोनों वरिष्ठ नेताओं को लुटियन जोन में रहने के लिए सरकारी आवास प्रदान करने में भी केंद्र सरकार ने उदार रवैया दिखाया।

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