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वोटर लिस्ट में जोड़े जाएं कश्मीरी पंडितों के नाम, भाजपा और केंद्र सरकार ने EC से की मांग
amarujala.com-Presented by- संदीप भट्ट
Updated Thu, 11 May 2017 10:59 PM IST
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विस्थापित कश्मीरी पंडित वोटरों की संख्या में गिरावट पर चिंता जाहिर करते हुए बृहस्पतिवार को भाजपा नेताओं के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त नसीम जैदी से मुलाकात की। केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा नेता के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने आयोग से मांग की कि कश्मीरी पंडितों का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।
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शिष्टमंडल में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, मुख्तार अब्बास नकवी और भाजपा के मीडिया प्रमुख तथा सांसद अनील बलूनी के साथ विस्थापित कश्मीरी पंडितों के प्रतिनिधि संजय गंजू और परीक्षित कौल भी शामिल थे।
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भाजपा नेताओं ने कहा कि विस्थापित पंडितों को फार्म एम भरने की अनिवार्यता इस प्रक्रिया को कठिन बनाती है। इसके लिए उन्हें चुनाव से पहले कई दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं जिसका नतीजा यह होता है कि कई मतदाताओं का नाम नहीं दर्ज हो पाता है।
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भाजपा नेता अनील बलूनी ने कहा कि एम फार्म के साथ कई अन्य कारणों की वजह से विस्थापित कश्मीरी पंडित मतदाताओं की संख्या कम होती जा रही है। उन्होंने कहा, हमने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से कश्मीरी पंडितों के नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था शुरू करने और पूरी प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की।
शिष्टमंडल में मौजूद जम्मू कश्मीर विचार मंच के परीक्षित कौल ने कहा कि मतदाता सूची में विस्थापितों के नाम 1996 के 1.47 लाख से गिरकर कुछ हजार रह गए हैं। उन्होंने कहा कि यह संख्या गिरकर 1.17 लाख हुई फिर 2008 में गिरकर 71000 हो गई।
शिष्टमंडल ने मांग की कि योग्य वोटरों का नाम सौ प्रतिशत दर्ज हो इसके लिए आयोग अभियान चलाए। वर्ष 1990 में घाटी में आतंकवाद के उभार के बाद अपने समुदाय के कई लोगों की हत्या ने कश्मीरी पंडितों के एक बहुत बड़े वर्ग को विस्थापित होने पर मजबूर कर दिया था।