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Delhi Assembly Polls:दिल्ली में अभी से दिखने लगी भाजपा-आप की चुनावी तैयारी; जनता के बीच बढ़ी नेताओं की आमदरफ्त

Mon, 25 Nov 2024 09:01 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Mon, 25 Nov 2024 09:01 PM IST
सार

भाजपा के नेताओं ने दिल्ली के गली-मोहल्ले में दौरा तेज कर दिया है। लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज, हर्ष मल्होत्रा और मनोज तिवारी की टीम ने सक्रियता बढ़ा दी है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी दिल्ली में रुचि ले रही हैं। आप ने भी खुद को तैयार करना शुरू कर दिया है। 

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BJP-AAP's election preparations are already visible in Delhi; Popularity of leaders increased among the public
दिल्ली विधानसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद अब अगली राजनीतिक रार दिल्ली में होनी है। भाजपा के नेताओं ने दिल्ली के गली-मोहल्ले में दौरा तेज कर दिया है। लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज, हर्ष मल्होत्रा और मनोज तिवारी की टीम ने सक्रियता बढ़ा दी है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी दिल्ली में रुचि ले रही हैं। ऐसे में एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले पाएंगे?

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मौजूदा मुख्यमंत्री आतिशी ने तो खुद को रामायण के भरत की भूमिका में बनाया है। आतिशी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद भी कहा था कि चुनाव के बाद अरविंद केजरीवाल ही सीएम बनेंगे। आम आदमी पार्टी के नेता कमल चौधरी कहते हैं कि चुनाव के बाद पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला तो केजरीवाल ही दिल्ली के अगले सीएम बनेंगे। कमल के मुताबिक हमें पता कि इस बार मुकाबला कड़ा है, लेकिन आम आदमी पार्टी और हमारे नेता मुकाबले से नहीं घबराते। बताते चलें कि अरविंद केजरीवाल ने शीला दीक्षित से दिल्ली की सत्ता छीनी थी। कांग्रेस ने 1998 में भाजपा  को हराकर दिल्ली में शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री बनाया था। शीला दीक्षित 1998-2013 तक राज्य की मुख्यमंत्री थी। इस तरह से भाजपा के पास 26 साल के बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतकर सत्ता पर काबिज होने का अवसर है।
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क्या 26 साल बाद भाजपा के हाथ में आएगी दिल्ली की सत्ता?
हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव ने भाजपा के कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ा रखा है। भाजपा ने अरुण शुक्ला कहते हैं कि इस बार दिल्ली में कमल खिलने में कोई संदेह नहीं है। राज्य में सातों सांसद भाजपा के हैं। हरियाणा की दिल्ली से लगती विधानसभा सीटों पर भी भाजपा उम्मीदवारों को हरियाणा चुनाव में अच्छा वोट मिला था। उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भाजपा की सरकार है और इसका असर दिल्ली के विधानसभा चुनाव पर भी पड़ेगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा एक सुलझे हुए नेता हैं। सचदेवा काफी सूझबूझ से चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। जगदंबा सिंह, दिनेश प्रताप सिंह समेत अन्य नेताओं ने भी उत्तर भारतीय वोटरों को लुभाने का प्रयास तेज कर दिया है।
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पटपड़गंज विधानसभा सीट से दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं में एक मनीष सिसोदिया चुनाव लड़ते हैं। उनके खिलाफ पिछले चुनाव में भाजपा के रवि नेगी उतरे थे। रवि नेगी इस बार बड़े उत्साह में हैं। पिछली बार सिसोदिया बहुत मामूली अंतर से चुनाव जीते थे। रवि नेगी के टीम के विपिन कहते हैं कि इस बार सिसोदिया शायद ही पटपड़गंज से विधानसभा चुनाव लड़ें। आम आदमी पार्टी के राजेश चौधरी को भी लग रहा है कि सिसोदिया दूसरी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। कुल मिलाकर भाजपा के नेता आम आदमी पार्टी को घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

दिल्ली में कांग्रेस मजबूती से लड़े तो बने बात
भाजपा के नेता और रणनीतिकारों की नजर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के समझौते पर टिकी है। संघ के नेता सुरेश शर्मा कहते हैं कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच में समझौता न हुआ तो भाजपा की राह आसान हो जाएगी। शर्मा कहते  हैं कि कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश के तमाम बड़े नेता भाजपा में शामिल हो चुके हैं। कुछ आम आदमी पार्टी में चले गए हैं। इसलिए कांग्रेस पार्टी में कुछ खास नहीं बचा है। मुख्य मुकाबला भाजपा और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों में होगा। लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार यदि मजबूती से चुनाव लड़ गए तो इस बार आम आदमी पार्टी को करारा झटका लग सकता है।


किसके चेहरे पर चुनाव लड़ेगी भाजपा?
भाजपा के पास इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कई चेहरे हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सत्येन्द्र जैन समेत कई नेता भ्रष्टाचार के मामले में जेल जा चुके हैं। जनता के बीच में इनकी पोल खुल चुकी है। अरुण शुक्ला कहते हैं कि मुख्यमंत्री आतिशी कोई बहुत प्रभावी नेता नहीं हैं। इसलिए आम आदमी पार्टी का मुख्य चेहरा अरविंद केजरीवाल ही रहेंगे। वहीं, भाजपा में चेहरे के बारे में पूछने पर अरुण ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता के सामने सब जीरो हैं। दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज से युवा कनेक्ट होता है। पूर्व सांसद मनोज तिवारी से पूर्वांचल के लोग कनेक्ट होते हैं। केन्द्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा की छवि भी काफी अच्छी है। इसलिए भाजपा के पास नेताओं की कोई कमी नहीं है।

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