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CAA: सीएए के समर्थन में आया बीजद, असम में विपक्ष का बंद बेअसर; देशभर में मिली-जुली प्रतिक्रिया
Wed, 13 Mar 2024 07:25 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/भुवनेश्वर/गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/भुवनेश्वर/गुवाहाटी
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Wed, 13 Mar 2024 07:25 AM IST
सार
ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने 17 दिसंबर 2019 को कहा था, सीएए का भारतीय नागरिकों से कोई लेना-देना नहीं है, यह केवल विदेशियों से संबंधित है। लोकसभा और राज्यसभा में बीजद सदस्यों ने स्पष्ट कर दिया है कि हम एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) का समर्थन नहीं करते।
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Amit Shah
- फोटो : Social Media
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विस्तार
ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने मंगलवार को सीएए लागू किए जाने का समर्थन किया। वहीं, असम में विपक्षी दलों का बुलाया बंद बेअसर रहा।
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बीजद विधायक परशुराम ढाडा ने कहा, बीजद सीएए का स्वागत करता है, क्योंकि यह लोगों को नागरिकता प्रदान करता है और किसी से देश में रहने का अधिकार नहीं छीन रहा है। ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने 17 दिसंबर 2019 को कहा था, सीएए का भारतीय नागरिकों से कोई लेना-देना नहीं है, यह केवल विदेशियों से संबंधित है। लोकसभा और राज्यसभा में बीजद सदस्यों ने स्पष्ट कर दिया है कि हम एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) का समर्थन नहीं करते।
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नुकसान करने वालों को कड़ी चेतावनी
असम में कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए। हालांकि 16 विपक्षी दलों के मंगलवार को संयुक्त रूप से बुलाए गए बंद का कोई असर नहीं दिखा। दूसरी ओर, गुवाहाटी पुलिस ने विरोध प्रदर्शन के दौरान नुकसान के प्रति आगाह किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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तमिलनाडु में विरोध
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सीएए को विभाजनकारी बताते हुए मंगलवार को कहा कि इसे उनके राज्य में लागू नहीं किया जाएगा। स्टालिन ने लोकसभा चुनाव से पूर्व जल्दबादी में सीएए लागू को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सीएए और इसके नियम संविधान की मूल संरचना के खिलाफ हैं। सीएए से कोई लाभ नहीं होने वाला है। यह देश की जनता के बीच सिर्फ फूट डालेगा। उनकी सरकार का रुख साफ है कि यह कानून पूरी तरह अनुचित है और इसे निरस्त किया जाना चाहिए। स्टालिन ने कहा कि सीएए बहुलवाद, धर्मनिरपेक्षता, अल्पसंख्यक समुदायों और श्रीलंकाई तमिल शरणार्थियों के खिलाफ है।
धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकार छीनने पर तुला विपक्ष
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को हैरानी जताते हुए कहा कि विपक्षी दल पड़ोसी देशों के धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों को छीनने पर क्यों तुले हुए हैं, जिन्हें नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) से लाभ मिलेगा। ठाकुर ने कहा, क्या विपक्षी दलों में इंसानियत मर गई है? प्रताड़ित किए गए शरणार्थी हिंदू परिवार कहां जाएंगे? उनके साथ दिनदहाड़े दुष्कर्म हो रहा है। उन्हें शादी के लिए मजबूर किया जाता है और उन्हें धर्मांतरण का सामना करना पड़ता है। अगर मोदी सरकार नहीं होती तो अफगानिस्तान में गुरु ग्रंथ साहिब और सिखों को अत्याचारों से कौन बचाता। ठाकुर ने कहा, जवाहरलाल नेहरू के दिए जख्मों के कारण जम्मू-कश्मीर में 45,000 से ज्यादा हत्याएं हुईं। इसके लिए कांग्रेस और नेहरू दोषी हैं। पीएम मोदी ने इस भूल को सुधारा है।