फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Birla bats of use of tech, says one nation, one legislative platform' will be a reality in 2024

पीठासीन अधिकारी सम्मेलन: 'एक राष्ट्र, एक विधायी मंच' 2024 में बनेगा वास्तविकता, बोले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला

Mon, 29 Jan 2024 05:15 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: यशोधन शर्मा Updated Mon, 29 Jan 2024 05:15 AM IST
सार

बिड़ला ने कहा कि विधायी निकायों के लिए एक मॉडल आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) नीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान पीठासीन अधिकारियों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को जनता से जोड़ने और उन्हें अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की कार्य योजनाओं पर चर्चा की। 

विज्ञापन
Birla bats of use of tech, says one nation, one legislative platform' will be a reality in 2024
लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को कहा कि संसद, राज्य विधानसभाओं और जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थानों को एक-दूसरे के साथ अधिक संवाद करना चाहिए। साथ ही उन्होंने विधायी निकायों द्वारा प्रौद्योगिकी के उपयोग की वकालत की। 

विज्ञापन


दरअसल, 84वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने संबोधन में कहा कि प्रौद्योगिकी का मार्ग विधायिकाओं के लिए भविष्य का मार्ग है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक राष्ट्र, एक विधायी' मंच के दृष्टिकोण को इस वर्ष साकार किया जाएगा। 
विज्ञापन


इस सम्मेलन में पांच प्रस्तावों को अपनाया गया, जिसमें नागरिकों के साथ उत्पादकता और जुड़ाव में सुधार के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने और बढ़ावा देने के लिए देश में विधायी निकायों की सिफारिश करना भी शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिड़ला ने कहा कि विधायी निकायों के लिए एक मॉडल आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) नीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान पीठासीन अधिकारियों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को जनता से जोड़ने और उन्हें अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की कार्य योजनाओं पर चर्चा की। 

जनता के विश्वास पर चलता है लोकतंत्र
लोकसभा अध्यक्ष ने आगे कहा कि सदन में जबरन और नियोजित स्थगन सभी हितधारकों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र जनता के विश्वास पर चलता है। लोकतांत्रिक संस्थाओं की यह जिम्मेदारी है कि वे अपनी कार्यशैली में आवश्यक बदलाव लाएं और यदि आवश्यक हो तो नियमों में संशोधन भी करें ताकि इन संस्थाओं में जनता का विश्वास बढ़े।  

सम्मेलन के दौरान, बिड़ला ने केंद्र, राज्य और जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थानों के बीच संचार के चैनल स्थापित करने के सुझाव की सराहना की। लोकसभा द्वारा आयोजित आउटरीच कार्यक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य विधानसभाएं भी इसी तरह की पहल आयोजित करें।


बिड़ला ने शनिवार को सम्मेलन में अपने वीडियो संबोधन के दौरान पीएम मोदी की टिप्पणियों के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि लोकसभा ने डिजिटल संसद के माध्यम से इस दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने विधायिकाओं को अधिक प्रभावी और कुशल बनाने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर दिया। 
 




 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed