{"_id":"5e2567b18ebc3e4b2158783d","slug":"bipin-rawat-on-pakistan-all-defence-services-are-tasked-to-be-prepared-for-any-option","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तान पर सीडीएस रावत की दो टूक- किसी भी विकल्प के लिए तीनों सेनाएं हमेशा तैयार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पाकिस्तान पर सीडीएस रावत की दो टूक- किसी भी विकल्प के लिए तीनों सेनाएं हमेशा तैयार
Mon, 20 Jan 2020 02:11 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तंजावुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तंजावुर
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 20 Jan 2020 02:11 PM IST
विज्ञापन
सीडीएस बिपिन रावत
- फोटो : ANI
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने तंजावुर में सुखोई लड़ाकू विमान के 12वें स्क्वॉड्रन की तैनाती के दौरान भारत की रक्षा तैयारिकों की जानकारी दी। उन्होंने पाकिस्तान पर कहा कि तीनों रक्षा सेवाएं किसी भी विकल्प पर काम करने के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि परिदृश्य की भविष्यवाणी करना बहुत मुश्किल है लेकिन हम किसी भी कार्य के लिए हमेशा तैयार रहते हैं जो हमें सौंपा जाता है। उन्होंने कहा कि तीनों सेनाएं आपसी तालमेल के कार्रवाई को अंजाम देंगी।
विज्ञापन
बता दें कि आज तमिलनाडु के तंजावुर एयरफोर्स स्टेशन पर ब्रह्मोस से लैस सुखोई 30 एमकेआई के 12वें स्क्वॉड्रन को आधिकारिक रूप से तैनात किया गया। यह स्क्वॉड्रन हिंद महासागर में भारतीय जल क्षेत्र की निगहबानी करेगा।
विज्ञापन
सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस से लैस सुखोई 30 एमकेआई विमानों के पहले स्क्वॉड्रन की तैनाती के दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और वायुसेना प्रमुख राकेश कुमार सिंह भदौरिया उपस्थित रहे। इस अवसर पर वायुसेना की सारंग टीम ने कई करतब दिखलाए। इस मिसाइल को विमान में फिट करने के लिए कई बदलाव भी किए गए हैं।
कर्ज के बदले चीन को पीओके का कुछ हिस्सा देने की तैयारी में पाकिस्तान
चीन के शिनजियांग प्रांत को ग्वादर बंदरगाह से जोड़ने वाले चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) प्रोजेक्ट के कर्ज का बोझ पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था के लिए भारी साबित होने लगा है। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि अपनी लगातार गिरती अर्थव्यवस्था से जूझ रहा पाकिस्तान इस कर्ज को उतारने के लिए अपने कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) का कुछ हिस्सा चीन को सौंप सकता है।
द यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की तरफ से यह कदम उठाए जाने पर चीन को भारत की तरफ से कड़ा प्रतिरोध किए जाने का डर है। भारत पहले ही सीपीईसी प्रोजेक्ट को पीओके के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र से गुजारने को अपनी संप्रभुता का हनन बताते हुए विरोध जता चुका है।
Chief of Defence Staff General Bipin Rawat on Pakistan: All defence services are tasked to be prepared for any option that may emerge. It is very difficult to predict the scenario but we are always prepared for any task that we are assigned. pic.twitter.com/x1sCuUnIsM
— ANI (@ANI) January 20, 2020