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West Bengal: विधानसभा में भूमि सुधार संशोधन विधेयक पारित, राज्य सरकार अब राज्यपाल की अनुमति के बगैर कर सकेगी ये काम

Fri, 24 Jun 2022 11:11 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 24 Jun 2022 11:11 PM IST
सार

विपक्षी भाजपा सदस्यों ने यह दावा करते हुए विधेयक का विरोध किया कि यदि राज्यपाल को नियुक्ति प्राधिकारी के रूप में बदल दिया जाता है, तो ट्रिब्यूनल के कामकाज का राज्य सरकार पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

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Bill on fire clearance for Kolkata highrises passed in West Bengal assembly
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनकड़ - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पश्चिम बंगाल विधानसभा ने शुक्रवार को एक संशोधन विधेयक पारित किया जो कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की सलाह पर राज्यपाल के बजाय राज्य सरकार को भूमि सुधार और किराएदारी न्यायधिकरण में अध्यक्ष (चेयरमैन) और ज्यूडिशियल मेंबर (न्यायिक सदस्य) नियुक्त करने की अनुमति देता है। इससे पहले विधानसभा में कई अन्य विधेयक भी पारित किए हैं जो कानून बनने पर राज्यपाल को मिली शक्ति को कम कर देंगे। 
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पश्चिम बंगाल भूमि सुधार और किरायेदारी न्यायाधिकरण (संशोधन) विधेयक, 2022 पेश करते हुए भूमि और भूमि सुधार राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि संशोधन की आवश्यकता है क्योंकि राज्यपाल उन्हें भेजी गई फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं, लेकिन बार-बार ट्रिब्यूनल के कामकाज को प्रभावित करने वाले प्रश्न पूछते हैं। 
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ध्वनि मत से पारित विधेयक में यह प्रस्ताव भी था कि प्रशासनिक सदस्य की नियुक्ति भी राज्य सरकार द्वारा चयन समिति की सिफारिश पर की जाएगी। यह तीन सदस्यीय पैनल होगा, जिसके अध्यक्ष मुख्य न्यायाधीश द्वारा नामित एक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश होंगे, जबकि अन्य दो सदस्यों का चयन राज्य सरकार द्वारा विधेयक के अनुसार किया जाएगा।
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विपक्षी भाजपा सदस्यों ने यह दावा करते हुए विधेयक का विरोध किया कि यदि राज्यपाल को नियुक्ति प्राधिकारी के रूप में बदल दिया जाता है, तो ट्रिब्यूनल के कामकाज का राज्य सरकार पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।


जुलाई 2019 में पद संभालने के बाद से पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ की तृणमूल कांग्रेस सरकार के साथ कटुता किसी से छिपी नहीं है। अब, राज्य सरकार ने उनकी शक्ति को कम करने के लिए ये विधेयक पारित किया है।
 
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