Bihar Result: क्या प्रशांत किशोर की जनसुराज को NOTA से भी कम वोट? ECI की वेबसाइट पर नहीं दिख रहा मतदान प्रतिशत
बिहार चुनाव परिणाम पर देशभर की नजरे हैं। 30 साल से अधिक वक्त के बाद पहली बार इस राज्य में एक ऐसी पार्टी ने चुनाव लड़ा जो अकेले 200 से अधिक सीटों पर ताल ठोक रही है। 200+ सीटों पर ताल ठोकने के बावजूद प्रशांत किशोर यानी पीके के दल- जनसुराज पार्टी को कितने वोट मिले? ये सवाल दिलचस्प है। ऐसा इसलिए क्योंकि मतगणना शुरू होने के साढ़े तीन घंटे बाद तक अलग दल के रूप में उनका ब्यौरा सामने नहीं आया है।
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आ चुके हैं। मतगणना के 12 घंटे बाद भी प्रशांत किशोर की पार्टी- जनसुराज का मतदान प्रतिशत सामने नहीं आया है। 237 सीटों पर चुनाव लड़ रही पीके की पार्टी को कितना वोट मिला, ये सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि, मतदान प्रतिशत के आंकड़े में NOTA तक दिख रहा है, लेकिन जनसुराज का नाम गायब है। माना जा रहा है कि बिहार की 200 से अधिक विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने वाली एकमात्र पार्टी जनसुराज को मिले वोट का आंकड़ा 'अन्य दलों' की श्रेणी में दिखाया जा रहा है। हालांकि, आयोग के आधिकारिक आंकड़े से एक ऐसी पार्टी का नाम सिरे से गायब होना हैरान करने वाला है, जिसके प्रत्याशी 237 सीटों पर चुनाव लड़े।
बिहार के मतदाताओं ने जमकर चुना NOTA विकल्प
दरअसल, विधानसभा चुनाव परिणाम की आधिकारिक घोषणा से पहले करीब चार घंटे की मतगणना पूरी हो जाने के बाद भी जनसुराज का मतदान प्रतिशत सामने नहीं आया है। NOTA यानी किसी भी प्रत्याशी को पसंद नहीं करने की सूरत में डाला जाने वाला वोट का प्रतिशत 1.87 रहा। आयोग की वेबसाइट पर जनसुराज तो नहीं दिख रहा, लगभग सबसे कम महज 0.32 फीसदी वोट पाने वाली आम आदमी पार्टी (AAAP) के आंकड़े दिख रहे हैं।
वोट प्रतिशत के मामले में राजद सबसे आगे
अन्य दलों के वोट शेयर की बात करें तो भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। चौंकाने वाली बात ये भी है कि मतदान प्रतिशत के मामले में तेजस्वी की पार्टी- राष्ट्रीय जनता दल (RJD) चार घंटे की काउंटिंग के बाद सबसे आगे है। राजद को 23 फीसदी से अधिक वोट मिले हैं।
सत्ताधारी खेमे के दो सबसे बड़े दलों को कितनी सीटें
मतगणना के करीब चार घंटे बीतने के बाद एक और चौंकाने वाली बात सामने आई जब सत्ताधारी गठबंधन में शामिल भाजपा को करीब 22.60 फीसदी वोट मिले, लेकिन सीटों के मामले में पार्टी सबसे आगे रही। तीसरे नंबर पर जदयू है, जिसे 18.54 फीसदी वोट मिले हैं। चौथे नंबर पर विपक्षी खेमे की पार्टी- कांग्रेस है। इस दल के 60 से अधिक प्रत्याशियों को 8 फीसदी से अधिक वोट मिले हैं। पांचवें नंबर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत रामविलास पासवान के बेटे और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी है। चिराग के दल- लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 5.46 फीसदी वोट मिले हैं।
सीटों के मामले में कौन सा दल कहां?
चार घंटे की मतगणना पूरी होने के बाद सीटों की संख्या के मामले में बीजेपी (86) सबसे आगे दिख रही है। जदयू 76 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर है, जबकि तीसरे नंबर पर राष्ट्रीय जनता दल है। चौथे नंबर पर केवल 29 सीटों पर ताल ठोकने वाली चिराग पासवान की पार्टी- लोजपा (रामविलास) चौथे नंबर पर रही। सात सीटों के साथ पांचवें नंबर पर वाम दल यानी भाकपा (माले) रही। कांग्रेस पार्टी 6 सीटों के साथ छठे नंबर पर, जबकि चार सीटों के साथ उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी- राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RSHTLKM) को चार, जबकि ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को केवल तीन सीटें मिलने के आसार हैं।