Bihar Crisis: तो 8वीं बार मुख्यमंत्री बनेंगे नीतीश, एनडीए से ज्यादा मजबूत हैं आंकड़े, जानें कैसे बनेगी सरकार
अब नीतीश आठवीं बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। लेकिन, उनकी इस सरकार का गणित और सहयोगी सब बदले हुए होंगे। महज 45 विधायकों वाली उनकी पार्टी सत्ता में बनी रहेगी। नीतीश के साथ तेजस्वी यादव उप मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
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अब नीतीश आठवीं बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। लेकिन, उनकी इस सरकार का गणित और सहयोगी सब बदले हुए होंगे। महज 45 विधायकों वाली उनकी पार्टी सत्ता में बनी रहेगी। विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी राजद के साथ कांग्रेस, वाम दल और जीतन राम माझी की पार्टी हम भी इस गठबंधन का हिस्सा होंगे।
नीतीश कुमार की नई सरकार को 164 विधायकों का समर्थन होगा। जो नीतीश कुमार की एनडीए सरकार 127 विधायकों के समर्थन से काफी ज्यादा है। नई सरकार में राजद के 79 विधायकों के साथ, 19 विधायक कांग्रेस के, 16 विधायक वाम दलों के, चार विधायक जीतनराम मांझी की हम के शामिल हैं। इसके साथ ही एक निर्दलीय के समर्थन का भी नीतीश कुमार ने दावा किया है।
77 विधायकों वाली भारतीय जनता पार्टी विपक्ष में अकेले रह जाएगी। वहीं, विधानसभा चुनाव में पांच सीटें जीतने वाली एआईएमआईएम के पास अब सिर्फ के विधायक है। बाकी चार विधायक राजद में शामिल हो चुके हैं। एआईएमआईएम के इकलौते विधायक का अब तक पक्ष साफ नहीं है।
नीतीश के इस्तीफे के पहले ही जीतनराम मांझी की पार्टी का बयान आ गया। मांझी की पार्टी हम ने कहा कि हमारी पार्टी नीतीश कुमार के साथ है। जीतनराम मांझी की पार्टी के चार विधायक हैं। कांग्रेस विधायक शकील अहमद ने कहा है कि सब कुछ तय हो गया है। सूत्रों का कहना है कि नई नीतीश सरकार में 2015 की तरह तेजस्वी डिप्टी सीएम होंगे। कांग्रेस को विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी मिल सकती है।
भाजपा ने बताया बिहार के साथ धोखा
नीतीश के इस्तीफे के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जयसवाल ने कहा, आज जो कुछ हुआ वह बिहार की जनता के साथ धोखा है। यह उस जनादेश का उल्लंघन है जो बिहार की जनता ने दिया था। बिहार की जनता इसके कतई भी बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रेस कांफ्रेस में बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय जयसवाल, बिहार के उप मुख्यमंत्री रहे तारकिशोर प्रसाद, विधायक नितिन नवीन जैसे नेता मौजूद रहे।