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बिहार एमएलसी चुनाव: महागठबंधन में फिर दरार, सीट बंटवारे को लेकर राजद झुकने को तैयार नहीं
Fri, 14 Jan 2022 03:21 PM IST
न्यूज डेस्क
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
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Published by: न्यूज डेस्क
Updated Fri, 14 Jan 2022 03:21 PM IST
सार
कांग्रेस और राजद के बीच गठबंधन पिछले साल अक्तूबर में ही विधानसभा की दो सीटों के लिए हुए उपचुनाव के दौरान टूट गया था। उस दौरान दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे के खिलाफ दो सीटों पर चुनाव लड़ा था।
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तेजस्वी यादव, राहुल गांधी
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विस्तार
बिहार उपचुनाव के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव राज्य में विधान परिषद (एमएलसी) के चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ सीटों को साझा करने के लिए इच्छुक नहीं हैं। विधान परिषद की 24 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर कांग्रेस और राजद के बीच माहौल गरम है। दोनों पार्टियों ने चुनाव में अपना-अपना उम्मीदवार उतारकर देख लिया है पर फिर भी साझेदारी का कोई मार्ग नहीं निकल रहा। उपचुनाव में कांग्रेस-राजद साथ लड़तीं तो कम से कम तारापुर सीट पर महागठबंधन की जीत हो सकती थी।
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कांग्रेस- राजद में शीत युद्ध जारी
दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन पिछले साल अक्तूबर में राज्य विधानसभा की दो सीटों के लिए हुए उपचुनाव के दौरान टूट गया था। उस दौरान दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे के खिलाफ दो सीटों पर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस ने अपने जिद पर 243 में से 70 सीटें ले लीं, लेकिन महज 19 सीटों पर जीत हासिल कर पाई । इसके बाद से ही दोनों पार्टियों में शीत युद्ध का आगाज हो गया। दरअसल कांग्रेस की हार के कारण महागठबंधन की सरकार नहीं बन पाई और तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री नहीं बन सके। राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने तब कहा था, '50 सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ी होती तो महागठबंधन की सरकार बन जाती।'
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क्या होगा गठबंधन का
चुनाव परिणामों के तुरंत बाद तारापुर (मुंगेर) और कुशेश्वरस्थान (समस्तीपुर) उपचुनाव में राजद और कांग्रेस के उम्मीदवार सत्ताधारी जनता दल (यूनाइटेड) से हार गए। हालांकि इसके बाद राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने घोषणा की थी कि कांग्रेस के साथ गठबंधन जारी रहेगा।
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फरवरी-मार्च में संभावित परिषद चुनावों के बारे में बात करते हुए लालू प्रसाद ने संकेत दिया था कि कांग्रेस को 7-8 सीटों की पेशकश दी जाएगी, जबकि लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के चिराग पासवान गुट और वाम दलों को 1-2 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की अनुमति दी जा सकती है।
वोट शेयर पर राजद झुकने को तैयार नहीं
विधानसभा चुनाव 2020 में राजद को 23.11%, जबकि कांग्रेस को 9.48% वोट मिले थे। जदयू को 15.39% और भाजपा को 19.46% वोट मिले। यानी सबसे दमदार वोट शेयर राजद का ही रहा था। इस लिहाज से राजद के इरादे बुलंद हैं। इसी के बलबूते राजद अपनी सहयोगी कांग्रेस के दबाव में झुकने को तैयार नहीं है। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वे राजद की ओर से बयान का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि राजद ने अधिकांश सीटों पर अपने समर्थित उम्मीदवारों को टिकट देना शुरू कर दिया है।