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Bihar Result: चुनावी संग्राम में प्रजापोल एनालिटिक्स का चुनावी सर्वे सबसे सटीक, जानें क्या थी भविष्यवाणी?
Sat, 15 Nov 2025 04:58 AM IST
लव गौर
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: लव गौर
Updated Sat, 15 Nov 2025 04:58 AM IST
सार
प्रजापोल एनालिटिक्स संस्था ने इस सर्वे के जरिये तीन महीने में जनता की नब्ज पकड़ने का काम किया। इसकी टीम लगभग सभी विधानसभा क्षेत्रों में सर्वे करने गई। वहां उसने लोगों से बात की। सर्वे के दौरान जब टीम को लगा पूरे इलाके में एक जैसी राय आ रही है तो उसने वहां के बाकी हिस्से को छोड़कर दूसरे विधानसभा क्षेत्र में अपना फोकस किया।
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जहानाबाद के एक बूथ पर मतदाताओं की कतारें। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
बिहार के चुनावी संग्राम में प्रजापोल एनालिटिक्स के चुनावी सर्वे के नतीजे सबसे सटीक साबित हुए हैं। इस चुनावी सर्वे एजेंसी ने एनडीए को 186 से ज्यादा सीटें आने की भविष्यवाणी की थी। जो वास्तविक नतीजों के सबसे करीब है। जबकि महागठबंधन को 50 सीटें बताईं थीं। यही नहीं उन्होंने हर सीट पर प्रमुख दलों के प्रत्याशियों को मिलने वाले वोट भी बताए थे।
प्रजापोल एनालिटिक्स संस्था ने इस सर्वे के जरिये तीन महीने में जनता की नब्ज पकड़ने का काम किया। इसकी टीम लगभग सभी विधानसभा क्षेत्रों में सर्वे करने गई। वहां उसने लोगों से बात की। सर्वे के दौरान जब टीम को लगा पूरे इलाके में एक जैसी राय आ रही है तो उसने वहां के बाकी हिस्से को छोड़कर दूसरे विधानसभा क्षेत्र में अपना फोकस किया।
हर विधानसभा क्षेत्र में औसतन 500 से 600 लोगों से बात की गई और उनका मूड भांपने की कोशिश की। कई बार जब जब किसी क्षेत्र से लीड नहीं मिली, तब सैंपल साइज और बढ़ाया गया। कई बार यह छह हजार तक पहुंच गया। सर्वे में मासिक आमदनी, आयुवर्ग, सामाजिक पृष्ठभूमि व पेशा आदि को भी ध्यान में रखा गया। छात्र, किसान, श्रमिकों से भी बात की गई। महिलाओं पर अलग से फोकस किया गया।
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प्रजापोल एनालटिक्स संस्था के पार्टनर व सहसंस्थापक के रामा मोहन राव पूर्व आईएएस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को मतगणना में नतीजे आने के बाद अपने सर्वे पर संतोष जाहिर किया। के रामा मोहन राव ने कहा, हम यही देखा है गपबाजी से जनता को मूर्ख नहीं बनाया जा सकता। अब पहले जैसी बात नहीं रही।
ये भी पढ़ें: बिहार के चुनाव नतीजों ने साबित कर दिया- अमित शाह ही हैं भाजपा के असली चाणक्य
यह था आकलन
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प्रजापोल एनालिटिक्स संस्था ने इस सर्वे के जरिये तीन महीने में जनता की नब्ज पकड़ने का काम किया। इसकी टीम लगभग सभी विधानसभा क्षेत्रों में सर्वे करने गई। वहां उसने लोगों से बात की। सर्वे के दौरान जब टीम को लगा पूरे इलाके में एक जैसी राय आ रही है तो उसने वहां के बाकी हिस्से को छोड़कर दूसरे विधानसभा क्षेत्र में अपना फोकस किया।
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हर विधानसभा क्षेत्र में औसतन 500 से 600 लोगों से बात की गई और उनका मूड भांपने की कोशिश की। कई बार जब जब किसी क्षेत्र से लीड नहीं मिली, तब सैंपल साइज और बढ़ाया गया। कई बार यह छह हजार तक पहुंच गया। सर्वे में मासिक आमदनी, आयुवर्ग, सामाजिक पृष्ठभूमि व पेशा आदि को भी ध्यान में रखा गया। छात्र, किसान, श्रमिकों से भी बात की गई। महिलाओं पर अलग से फोकस किया गया।
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प्रजापोल एनालटिक्स संस्था के पार्टनर व सहसंस्थापक के रामा मोहन राव पूर्व आईएएस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को मतगणना में नतीजे आने के बाद अपने सर्वे पर संतोष जाहिर किया। के रामा मोहन राव ने कहा, हम यही देखा है गपबाजी से जनता को मूर्ख नहीं बनाया जा सकता। अब पहले जैसी बात नहीं रही।
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यह था आकलन
- एनडीए-186
- भाजपा-91
- जनता दल यू-68
- एजेपी (आर)-16
- आरएलएम-5
- एचएएमएस-6
- महागठबंधन-50
- कांग्रेस-5
- वीआईपी-1
- सीपीआई-0
- सीपीआई एम-1
- सीपीआई एमएल-4
- आरजेडी-39
- एआईएमआईएम-5
- अन्य-2