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स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ पानी देने में नीतीश कुमार ने मारी बाजी, ममता और हेमंत सोरेन पिछड़े
Mon, 26 Jul 2021 06:27 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Mon, 26 Jul 2021 06:27 PM IST
सार
स्कूलों में नल से जल पहुंचाने के अभियान के तहत जहां देश के कुछ राज्यों ने अच्छा काम किया है। वहीं इस मामले में झारखंड और पश्चिम बंगाल और दादर नगर सरीखे राज्यों का प्रदर्शन बहुत ही खराब रहा है। इन राज्यों में सफलता का आंकड़ा 20 फीसदी तक भी नहीं पहुंच पाया है...
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नीतीश कुमार
- फोटो : ANI (File)
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विस्तार
स्कूलों और आंगनबाड़ी केद्रों में नल से जल पहुंचाने के मामले में पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार और झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार सबसे पीछे नजर आ रहा रही है। जबकि बिहार की नीतिश कुमार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार स्कूली बच्चों को साफ पानी मुहैया करवाने में सबसे आगे निकल गई हैं।
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मोदी सरकार की स्कूलों, आवासीय स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों में साफ पानी उपलब्ध कराने की नल से जल योजना में नौ राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश ने लक्ष्य हासिल कर लिया है। इस योजना के तहत बिहार ने करीब 99 फीसदी स्कूलों में शुद्ध जल पहुंचाया तो उत्तर प्रदेश ने वाराणसी सहित 44 जिलों के सभी स्कूल सहित एक लाख से अधिक (1,01,711) स्कूलों में नल से जलापूर्ति शुरू करने वाला पहला राज्य बना है। दूसरी तरफ, ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पश्चिम बंगाल और झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार का प्रदर्शन इस मामले में बेहद लचर रहा है।
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केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रो व आवासीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की बेहतर सेहत के मद्देनजर दो अक्तूबर, 2020 को सभी राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों से सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में नल से जल पहुंचाने की अपील की थी। पीएम की अपील पर अमल के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने 100 दिनों का एक विशेष अभियान शुरू किया।
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शेखावत ने आगे कहा कि इस अभियान के तहत महज 10 महीने से भी कम समय में देश के 6.85 लाख (66 फीसदी) स्कूलों व 6 लाख, 80 हजार (60 फीसदी) आंगनबाड़ी केन्द्रों में नल की आपूर्ति सुनिश्चित कर दी गई है। आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल, पंजाब, सिक्किम और तमिलनाडु) व एक केंद्रशासित प्रदेश (अंडमान निकोबार द्वीप समूह) ने कोरोना महामारी के बावजूद स्कूलों, आवासीय स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में नल से जल की आपूर्ति के लक्ष्य को शत—फीसदी पूरा कर लिया। हाथ धोने की सुविधा 7.52 लाख स्कूलों में मिलने लगी है।
स्कूलों में नल से जल पहुंचाने के अभियान के तहत जहां देश के कुछ राज्यों ने अच्छा काम किया है। वहीं इस मामले में झारखंड और पश्चिम बंगाल और दादर नगर सरीखे राज्यों का प्रदर्शन बहुत ही खराब रहा है। इन राज्यों में सफलता का आंकड़ा 20 फीसदी तक भी नहीं पहुंच पाया है। हालांकि तेलंगाना में 99.98 फीसदी, कर्नाटक में 99.17 फीसदी, बिहार में 98.95 फीसदी, पुड्डुचेरी में 95.90 फीसदी, मणिपुर में 92.30 फीसदी, उत्तर प्रदेश में 82.84 फीसदी और महाराष्ट्र में 77.11 फीसदी स्कूलों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है।