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Maharashtra: नागपुर विश्वविद्यालय की बड़ी खोज, महाराष्ट्र में 3,000 साल पुरानी सभ्यता के अवशेष मिले
Fri, 25 Apr 2025 08:19 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, यवतमाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, यवतमाल
Published by: शुभम कुमार
Updated Fri, 25 Apr 2025 08:19 AM IST
सार
नागपुर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने महाराष्ट्र के यवतमाल में लगभग 3,000 साल पुरानी सभ्यता के अवशेष मिलने का दावा किया है। शोधकर्ताओं का मानना है कि ये अवशेष लौह युग के हैं।
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नागपुर विवि परिसर (फाइल)
- फोटो : एक्स@RtmUniversity
विस्तार
नागपुर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने महाराष्ट्र के यवतमाल में लगभग 3,000 साल पुरानी सभ्यता के अवशेष मिलने का दावा किया है। शोधकर्ताओं का मानना है कि ये अवशेष लौह युग के हैं। नागपुर विवि के पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रभाष साहू ने बताया कि उनकी टीम ने 2023-24 में यहां बाबुलगांव तालुका के पचखेड़ गांव में खुदाई की थी।
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अवशेष लौह युग के होने का दावा
विभागाध्यक्ष ने जानकारी दी कि पचखेड़ गांव के बाहर एक टीला है जिसमें पिछले साल खुदाई के दौरान उन्हें एक सांस्कृतिक धरोहर मिली। उनकी टीम का मानना है अवशेष लौह युग के हैं। उन्होंने बताया कि खोजों का सांस्कृतिक क्रम मिट्टी के बर्तनों और कलाकृतियों के अवशेषों के आधार पर लौह युग से शुरू होता है।
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इसके बाद सातवाहन काल, मध्यकालीन काल और फिर इसे निज़ाम युग के दौरान एक वॉच टावर के रूप में इस्तेमाल किया गया था। रिसर्च टीम को चूना पत्थर के फर्श वाले गोलाकार घर मिले हैं जिनकी परिधि पर लकड़ी के खंभे हैं। इसके अलावा मिले साक्ष्यों में एक पूरा घर, मिट्टी का चूल्हा, मिट्टी के बर्तन, लोहे की वस्तुएं, पत्थरों के मोती, टेराकोटा के मोती और हड्डियों की वस्तुएं शामिल हैं।
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अवशेष लौह युग के होने का दावा
विभागाध्यक्ष ने जानकारी दी कि पचखेड़ गांव के बाहर एक टीला है जिसमें पिछले साल खुदाई के दौरान उन्हें एक सांस्कृतिक धरोहर मिली। उनकी टीम का मानना है अवशेष लौह युग के हैं। उन्होंने बताया कि खोजों का सांस्कृतिक क्रम मिट्टी के बर्तनों और कलाकृतियों के अवशेषों के आधार पर लौह युग से शुरू होता है।
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इसके बाद सातवाहन काल, मध्यकालीन काल और फिर इसे निज़ाम युग के दौरान एक वॉच टावर के रूप में इस्तेमाल किया गया था। रिसर्च टीम को चूना पत्थर के फर्श वाले गोलाकार घर मिले हैं जिनकी परिधि पर लकड़ी के खंभे हैं। इसके अलावा मिले साक्ष्यों में एक पूरा घर, मिट्टी का चूल्हा, मिट्टी के बर्तन, लोहे की वस्तुएं, पत्थरों के मोती, टेराकोटा के मोती और हड्डियों की वस्तुएं शामिल हैं।