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Karnataka: कर्नाटक सरकार ने की हिजाब पर प्रतिबंध हटाने की घोषणा, जानिए क्या बोले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया

Fri, 22 Dec 2023 11:03 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: आदर्श शर्मा Updated Fri, 22 Dec 2023 11:03 PM IST
सार

मुस्लिम महिलाओं के हिजाब पहने के अधिकार पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि जल्द ही राज्य में हिजाब पर लगे प्रतिबंध पर फैसला वापस लिया जाएगा।
 

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Big decision on right of Muslim women to wear Hijab; Know what Chief Minister Siddaramaiah said
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (फाइल फोटो) - फोटो : social media

विस्तार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को घोषणा की कि उनकी सरकार भाजपा की ओर से हिजाब पर लगाए गए प्रतिबंध के आदेश को वापस ले लेगी। उन्होंने कहा कि लोग क्या पहनना और खाना पसंद करते हैं, इस पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। सिद्धरमैया ने सोशल मीडिया पर कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबका साथ सबका विकास का विचार फर्जी है। भाजपा लोगों को पहनावे, वेशभूषा और जाति के आधार पर समाज को बांटने का काम कर रही है। मैंने हिजाब बैन वापस लेने को कहा है।
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मैसूरु में शुक्रवार को एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए सिद्धरमैया ने कहा कि मैंने अधिकारियों से पिछली सरकार का आदेश वापस लेने को कहा है। हमें लोगों के पहनावे और भोजन में सरकार को आपत्ति क्यों होनी चाहिए?
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भाजपा सरकार के फैसले पर खूब हुआ था विवाद
बता दें कि कर्नाटक में भाजपा सरकार के दौरान राज्य के शिक्षण संस्थानों में हिजाब पहनकर आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसे लेकर कर्नाटक समेत पूरे देश की सियासत में उबाल आ गया था और काफी हंगामा हुआ था। हालांकि भाजपा सरकार अपने फैसले पर अडिग रही और उसने राज्य के शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं के ड्रेस कोड में ही स्कूल कॉलेज आने की बात कही। राज्य में कांग्रेस सरकार बनते ही एमनेस्टी इंडिया ने महिलाओं के हिजाब पर लगे बैन को हटाने की अपील की थी। साथ ही कर्नाटक प्रिवेंशन एंड प्रिजर्वेशन ऑफ कैटल एक्ट 2020 के साथ ही कर्नाटक प्रोटेक्शन ऑफ राइट टू फ्रीडम ऑफ रिलीजन बिल 2022 को भी हटाने की मांग की। गौरतलब है कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने भी पूर्व की भाजपा सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर बैन के फैसले को सही ठहराया था। 
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वहीं कांग्रेस ने चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में पीएफआई के साथ ही बजरंग दल पर भी बैन लगाने की बात कही थी। जब आरएसएस को लेकर उनसे सवाल किया गया था तो उन्होंने कहा कि 'जो भी संगठन, फिर चाहे वो धार्मिक हो या फिर राजनीतिक और सामाजिक, वह समाज में नफरत फैलाने या समाज को बांटने की कोशिश करेगा तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम ऐसे संगठनों को कानूनी और संवैधानिक तरीके से निपटेंगे। फिर चाहे वो बजरंग दल हो, पीएफआई या फिर कोई अन्य संगठन। अगर वह कानून व्यवस्था के लिए खतरा बनते हैं तो हम उन पर प्रतिबंध लगाने से नहीं हिचकेंगे।'

हिजाब पर लगे प्रतिबंध को वापस लेने के फैसले पर बोले बीजेपी प्रमुख
शैक्षिक संस्थानों में हिजाब प्रतिबंध को वापस लेने का सीएम सिद्धारमैया का निर्णय हमारे स्थानों की धर्मनिरपेक्ष प्रकृति के बारे में चिंता पैदा करता है। इसके साथ ही संस्थानों में धार्मिक पोशाक की अनुमति देकर, कर्नाटक सरकार युवा दिमागों को धार्मिक आधार पर बढ़ावा दे रही है और विभाजित कर रही है, जो संभावित रूप से एक समावेशी शिक्षण वातावरण में बाधा डाल रही है। 


कर्नाटक भाजपा प्रमुख विजयेंद्र येदियुरप्पा ने एक्स पर पोस्ट किया, विभाजनकारी प्रथाओं पर शिक्षा को प्राथमिकता देना और ऐसे माहौल को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है, जहां छात्र धार्मिक प्रथाओं के प्रभाव के बिना शिक्षाविदों पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

 
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