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Bhiwani Case: कौन हैं मोनू मानेसर जिनका नाम दोहरे हत्याकांड के बाद है चर्चा में, पहले कब रहे सुर्खियों में?
Fri, 17 Feb 2023 06:05 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Fri, 17 Feb 2023 06:05 PM IST
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भिवानी दोहरा हत्याकांड
- फोटो :
AMAR UJALA
विस्तार
हरियाणा के भिवानी में जुनैद और नासिर नाम के दो युवकों लाश कंकाल के रूप में मिली है। अब इस मामले में मृतकों के परिजनों ने हरियाणा निवासी मोनू मानेसर पर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, मोनू ने खुद को निर्दोष बताया है और CCTV फुटेज जारी कर कहा कि वारदात वाले दिन वह होटल में थे।ये पहली बार नहीं है जब मोनू मानेसर किसी विवाद में फंसे हैं। आखिर मोनू मानेसर कौन हैं? मोनू पर आरोप क्या हैं? पहले किस वजह से चर्चा में रहे हैं? आइये जानते हैं
मोनू मानेसर
- फोटो :
अमर उजाला
कौन हैं मोनू मानेसर?
मानेसर के रहने वाले मोहित यादव उर्फ मोनू मानेसर हरियाणा गोरक्षा प्रांत के प्रमुख हैं। मोनू गुड़गांव में हरियाणा सरकार के गौ संरक्षण कार्य बल (टास्क फोर्स) का चर्चित चेहरा हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोनू गुरुग्राम-रेवाड़ी-नूह क्षेत्र में लगभग 50 गौ रक्षकों के नेटवर्क का हिस्सा हैं। मोनू और उनके साथी पशु तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस के साथ सहयोग करने का दावा करते हैं। इसके अलावा मोनू मानेसर बजरंग दल का जिला समन्वयक भी हैं। पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारक मोनू कॉलेज में पढ़ाई के दौरान बजरंग दल से जुड़े।
मानेसर के रहने वाले मोहित यादव उर्फ मोनू मानेसर हरियाणा गोरक्षा प्रांत के प्रमुख हैं। मोनू गुड़गांव में हरियाणा सरकार के गौ संरक्षण कार्य बल (टास्क फोर्स) का चर्चित चेहरा हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोनू गुरुग्राम-रेवाड़ी-नूह क्षेत्र में लगभग 50 गौ रक्षकों के नेटवर्क का हिस्सा हैं। मोनू और उनके साथी पशु तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस के साथ सहयोग करने का दावा करते हैं। इसके अलावा मोनू मानेसर बजरंग दल का जिला समन्वयक भी हैं। पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारक मोनू कॉलेज में पढ़ाई के दौरान बजरंग दल से जुड़े।
भिवानी
- फोटो :
संवाद न्यूज एजेंसी
अभी क्या हुआ है?
हरियाणा के भिवानी इलाके में दो नर कंगाल मिले हैं। कहा जा रहा है कि ये नर कंकाल राजस्थान के भरतपुर जिले के रहने वाले दो युवकों जुनैद और नासिर के हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक बुधवार और गुरुवार की मध्य रात दोनों की हत्या कर दी गई। घटना के बाद गुरुवार सुबह हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू गांव में बोलेरो में दोनों के जले हुए शव बरामद हुए। पुलिस ने बोलेरो के चेसिस नंबरों और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ते हुए मृतकों की पहचान की।
मृतकों के परिजनों का आरोप है कि बजरंग दल के आठ दस लोग किडनैप करके ले गए थे। अपहरण के बाद दोनों से मारपीट की गई और जिंदा जलाकर उनकी हत्या कर दी गई। परिवार ने फिरोजपुर झिरका सीआईए और बजरंग दल सदस्यों पर आरोप लगाए। इस मामले को गो-तस्करी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मोनू और उसके कई साथियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
हरियाणा के भिवानी इलाके में दो नर कंगाल मिले हैं। कहा जा रहा है कि ये नर कंकाल राजस्थान के भरतपुर जिले के रहने वाले दो युवकों जुनैद और नासिर के हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक बुधवार और गुरुवार की मध्य रात दोनों की हत्या कर दी गई। घटना के बाद गुरुवार सुबह हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू गांव में बोलेरो में दोनों के जले हुए शव बरामद हुए। पुलिस ने बोलेरो के चेसिस नंबरों और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ते हुए मृतकों की पहचान की।
मृतकों के परिजनों का आरोप है कि बजरंग दल के आठ दस लोग किडनैप करके ले गए थे। अपहरण के बाद दोनों से मारपीट की गई और जिंदा जलाकर उनकी हत्या कर दी गई। परिवार ने फिरोजपुर झिरका सीआईए और बजरंग दल सदस्यों पर आरोप लगाए। इस मामले को गो-तस्करी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मोनू और उसके कई साथियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
पहले कब सुर्खियों में आए थे मोनू
भिवानी मामले से पहले मोनू का नाम हरियाणा के नूंह इलाके में वारिस नाम के शख्स की मौत के बाद सुर्खियों में आया था। वारिस के परिजनों ने मोनू पर इसी साल 28 जनवरी को गो तस्करी के संदेह में वारिस और उसके सहयोगियों, नफीस और शौकीन का पीछा करने और उन पर हमला करने का आरोप लगाया था। हालांकि, इस मामले में पुलिस ने मोनू को क्लीन चिट दे दी थी। पुलिस की मानें तो वारिस और उसके साथी जिस कार में यात्रा कर रहे थे, हरियाणा के तोरु-भिवाड़ी रोड पर एक टेंपो से टकरा गई और तीनों को गंभीर चोटें आईं। वारिस ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया।
भिवानी मामले से पहले मोनू का नाम हरियाणा के नूंह इलाके में वारिस नाम के शख्स की मौत के बाद सुर्खियों में आया था। वारिस के परिजनों ने मोनू पर इसी साल 28 जनवरी को गो तस्करी के संदेह में वारिस और उसके सहयोगियों, नफीस और शौकीन का पीछा करने और उन पर हमला करने का आरोप लगाया था। हालांकि, इस मामले में पुलिस ने मोनू को क्लीन चिट दे दी थी। पुलिस की मानें तो वारिस और उसके साथी जिस कार में यात्रा कर रहे थे, हरियाणा के तोरु-भिवाड़ी रोड पर एक टेंपो से टकरा गई और तीनों को गंभीर चोटें आईं। वारिस ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया।
मोनू मानेसर
- फोटो :
SOCIAL MEDIA
सोशल मीडिया पर हैं मोनू के लाखो फॉलोवर्स
मोनू और उनका गो रक्षकों का नेटवर्क 2017 से सक्रिय है। मोनू सोशल मीडिया पर एक गो रक्षक के रूप में अपने काम की जानकारी देता रहता है। उनने यूट्यूब पर लगभग 2 लाख और फेसबुक पर 80,000 से अधिक फॉलोअर्स हैं। उनका कहना है कि उसकी टीम को गुप्त सूचना मिलती है, आरोपी का पता लगाया जाता है और पुलिस को सूचित किया जाता है।
मोनू और उनका गो रक्षकों का नेटवर्क 2017 से सक्रिय है। मोनू सोशल मीडिया पर एक गो रक्षक के रूप में अपने काम की जानकारी देता रहता है। उनने यूट्यूब पर लगभग 2 लाख और फेसबुक पर 80,000 से अधिक फॉलोअर्स हैं। उनका कहना है कि उसकी टीम को गुप्त सूचना मिलती है, आरोपी का पता लगाया जाता है और पुलिस को सूचित किया जाता है।
2019 में लग चुकी है गोली
2019 में गो तस्करों का पीछा करने के दौरान, एक तस्कर द्वारा मोनू के सीने में गोली मार दी गई थी। मेदांता में उनका इलाज किया गया था। इस घटना के बाद मोनू के बंदूक के लाइसेंस के लिए अनुरोध किया लेकिन पुलिस ने इसे खारिज कर दिया गया था। हालांकि, गुड़गांव पुलिस ने 2022 में लाइसेंस की मंजूरी दे दी।
2019 में गो तस्करों का पीछा करने के दौरान, एक तस्कर द्वारा मोनू के सीने में गोली मार दी गई थी। मेदांता में उनका इलाज किया गया था। इस घटना के बाद मोनू के बंदूक के लाइसेंस के लिए अनुरोध किया लेकिन पुलिस ने इसे खारिज कर दिया गया था। हालांकि, गुड़गांव पुलिस ने 2022 में लाइसेंस की मंजूरी दे दी।
Haryana News
- फोटो :
संवाद न्यूज एजेंसी
भिवानी मामले में मोनू ने क्या जवाब दिया?
सोशल मीडिया के माध्यम से मोनू ने खुद को और अपनी टीम को इस दोहरे हत्याकांड में निर्दोष बताया है। मोनू मानेसर ने लिखा है कि जो भी घटना राजस्थान के थाना गोपालगढ़ में हुई है, उससे हमारी टीम का कोई लेना-देना नहीं है और न ही बजरंग दल हरियाणा का कुछ लेना देना है। जो भी आरोपी मिले, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
मोनू ने बताया कि इस मामले में उन्हें जबरन फंसाने की साजिश रची जा रही है। जिस दिन की यह वारदात बताई जा रही है, उस दिन मैं अपने साथियों के साथ गुरुग्राम के ही एक होटल में था। होटल के सीसीटीवी कैमरों से उसकी बातों की सच्चाई का पता चल जाएगी। हालांकि, उन्होंने होटल का नाम बताने से फिलहाल मना कर दिया। उनका कहना है कि अगर वह होटल का नाम पहले से ही खोल देंगे तो उन्हें शक है कि पुलिस वहां पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज को नष्ट कर सकती है।
सोशल मीडिया के माध्यम से मोनू ने खुद को और अपनी टीम को इस दोहरे हत्याकांड में निर्दोष बताया है। मोनू मानेसर ने लिखा है कि जो भी घटना राजस्थान के थाना गोपालगढ़ में हुई है, उससे हमारी टीम का कोई लेना-देना नहीं है और न ही बजरंग दल हरियाणा का कुछ लेना देना है। जो भी आरोपी मिले, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
मोनू ने बताया कि इस मामले में उन्हें जबरन फंसाने की साजिश रची जा रही है। जिस दिन की यह वारदात बताई जा रही है, उस दिन मैं अपने साथियों के साथ गुरुग्राम के ही एक होटल में था। होटल के सीसीटीवी कैमरों से उसकी बातों की सच्चाई का पता चल जाएगी। हालांकि, उन्होंने होटल का नाम बताने से फिलहाल मना कर दिया। उनका कहना है कि अगर वह होटल का नाम पहले से ही खोल देंगे तो उन्हें शक है कि पुलिस वहां पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज को नष्ट कर सकती है।