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भीमा कोरेगांव केस: गौतम नवलखा की जमानत अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
Sat, 27 Mar 2021 03:32 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 27 Mar 2021 03:32 AM IST
सार
- सुप्रीम कोर्ट ने तीन मार्च को नवलखा की याचिका पर एनआईए से मांगा था जवाब
- गौतम नवलखा ने कहा, मामले में आरोपपत्र दाखिल नहीं किए जाने के कारण मुझे जमानत दी जानी चाहिए
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सर्वोच्च न्यायालय
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एल्गार परिषद-माओवादी से जुडे़ भीमा-कोरेगांव मामले में कार्यकर्ता गौतम नवलखा की जमानत अर्जी पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ ने नवलखा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू की दलीलों को सुना।
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सुप्रीम कोर्ट ने तीन मार्च को नवलखा की याचिका पर एनआईए से जवाब मांगा था। नवलखा ने अपनी याचिका में कहा गया था कि मामले में आरोपपत्र दाखिल नहीं किए जाने के कारण मुझे जमानत दी जानी चाहिए।
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पुलिस के मुताबिक 31 दिसंबर 2017 को कुछ कार्यकर्ताओं ने पुणे में आयोजित एल्गार परिषद की बैठक में कथित रूप से भड़काऊ भाषण दिए थे। इससे अगले दिन भीमा-कोरेगांव में हिंसा भड़क गई थी। पुलिस का यह भी आरोप है कि कुछ माओवादी समूहों ने भी इस हिंसा को भड़काया था।
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