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भारत बंद-2: चाक चौबंद सुरक्षा के बीच सुलगता रहा पंजाब और बिहार, कई राज्यों में हिंसक घटनाएं

Tue, 10 Apr 2018 05:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 10 Apr 2018 05:11 PM IST
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Bharat Bandh Over a dozen people were injured in clashes in Bihar, up, punjab, madhya pradesh
bharat bandh
आरक्षण के विरोध में आयोजित भारत बंद का असर अब धीरे धीरे ही सही लेकिन हिंसक हो ही गया। बिहार के आरा से हिंसा की शुरुआत हुई। यहां करीब दर्जन भर लोग हिंसक झड़प में घायल हुए हैं।  जगह जगह रेलवे रोकी गई, सड़क बद की गई वहीं कई जगह तो बाजार भी जबरदस्ती बंद करवाया गया।  
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  1. आज आयोजित बंद का सबसे व्यापक असर बिहार में देखने को मिला। बिहार के पटना, बेगूसराय, लखीसराय, मुज्जफ्फरपुर, भोजपुर, शेखपुरा, नवाडा और दरभंगा में कई जगहों पर हिंसक झड़प हुई। हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और उन्होंने सड़कों को जाम कर दिया और ट्रेन भी रोकी। 
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  3. उत्तर प्रदेश प्रशासन ने 2 अप्रैल के भारत बंद से सबक लेते हुए आज पहले ही किसी भी हिंसा से निपटने के लिए चाक चौबंद व्यवस्था कर ली थी। आज उत्तर प्रदेश के सहारनपुस, मुज्जफ्फनगर, शिमला, हापुड़, आगरा में जहां इंटरनेट बंद कर दिया गया वहीं फिरोजाबाद जिले में सावधानी बरतते हुए स्कूल को बंद रखा गया। जबकि कुछ जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। 
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  5. उत्तराखंड में प्रशासन ने किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन और जुलूस पर प्रतिबंध लगा दिया था। वहीं नैनीताल में कई लोगों के एक जगह एकत्रित होने पर भी रोक लगा दी गई। वहीं प्रशासन अधिकारियों ने कहा कि कानून तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 
  6. मध्यप्रदेश- 2 अप्रैल को हुए भारत बंद के दौरान मध्य प्रदेश में जमकर तबाही हुई थी। यहां भारत बंद के दौरान 8 लोगों की मौत भी हुई थी। इस बार यहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है। भोपाल सहित 12 जिलों सहित भोपाल में भी शाम छह बजे तक एक जगह पर लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। वहीं ग्वालियर  चंबल रीजन में पिछले दिनों हुई हिंसा को देखते हुए 15 अप्रैल तक यहां  6000 पुलिसबल तैनात किए गए है। वहीं कई जिलों में इंटरनेट बंद कर दिया गया है जबकि भिंड में 11 अप्रैल तक कर्फ्यू लगाया गया है। 
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सेलफोन और इंटरनेट नेटवर्क पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है

Bharat Bandh Over a dozen people were injured in clashes in Bihar, up, punjab, madhya pradesh
bharat bandh - फोटो : pti
5.वहीं राजस्थान के विभिन्न शहरों में जहां सेलफोन और इंटरनेट नेटवर्क पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। जबकि जयपुर, अलवर और भरतपुर में अधिक पुलिसबल तैनात किए गए हैं। आरक्षण के विरोध में झलावार में बाजार बंद किया गया। प्रदर्शनकारियों ने एक बाइक रैली आयोजित की।राजस्थान के जयपुर में भी धारा 144 लागू है और आधी रात से इंटरनेट सेवा बंद पर रोक लगा दी गई है। बंद की वजह से ज्यादातर स्कूल नहीं खुलेंगे। वहीं झालावाड़ में बंद को प्रशासन ने भ्रामक बताया है।

6.वहीं पंजाब के फिरोजपुर में एससी/एसटी और जनरल के दो गुट आपस में भिड़ गए। इनमें झगड़ा होने पर दो दर्जन के करीब लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  दोनों पक्षों के बीच हुई लड़ाई में तलवारें लहराईं गईं। इस घटना में चार लोग घायल हुए हैं।

7.बता दें कि इससे पहले दलित संगठनों ने 2 अप्रैल को भारत बंद बुलाया था। दलितों के इस प्रदर्शन ने हिंसा का रूप ले लिया था। इस प्रदर्शन में 12 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। पिछली बार की तरह इस बार कोई बड़ी घटना ना हो इसलिए केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने और हिंसा रोकने के लिए सभी राज्यों के लिए परामर्श जारी किया है। गृह मंत्रालय ने कहा कि अपने इलाकों में होने वाली किसी भी हिंसा के लिए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।

8.गृहमंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया पर जाति के आधार पर आरक्षण के खिलाफ ओबीसी और जनरल वर्ग के कई संगठनों ने मंगलवार को भारत बंद का आह्वान किया है। सोशल मीडिया पर इसका प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वाट्सएप पर इस मैसेज को खूब शेयर किया जा रहा है और लोगों से भारत बंद का समर्थन करने की अपील की जा रही है।

9. इसे देखते हुए सभी राज्य सरकारों को सुरक्षा चाक चौबंद करने और हिंसा रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है। इसके तहत संवेदनशील स्थानों पर गस्त बढ़ाना और बंद के दौरान उत्पात की आशंका वाले जगहों पर पुलिस बल की तैनाती शामिल है। गृहमंत्रालय ने राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि इस दौरान किसी तरह की जान-माल का नुकसान नहीं होना चाहिए। यदि किसी क्षेत्र में ऐसा होता है, तो उसके लिए सीधे तौर पर उस इलाके के एसएसपी और डीएम को जिम्मेदार माना जाएगा।

 
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