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हो जाइये सावधान! मुंह के कैंसर का सबसे बड़ा कारण, एफएसएसएआई ने जताई सुपारी में फंगस की आशंका

Sun, 25 Nov 2018 05:10 PM IST
अमर उजाला, डिजिटल ब्यूरो
अमर उजाला, डिजिटल ब्यूरो Updated Sun, 25 Nov 2018 05:10 PM IST
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Beware of betel leaves, FSSAI feared fungus
सुपारी चबाने से होता है कैंसर

एफएसएसएआई ने सुपारी के आयात को लेकर चेतावनी जारी की है। एफएसएसएआई की तरफ से जारी निर्देशों में कहा गया है कि पान में इस्तेमाल होने वाली सुपारी की खेप को कस्टम क्लियरेंस देने से पहले खाद्य सुरक्षा मानकों के मुताबिक उसका परीक्षण किया जाए। एफएसएसएआई ने सुपारी में फफूंद की आशंका जताई है।

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भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी एफएसएसएआई की तरफ से जारी ताजा निर्देशों के मुताबिक विदेशों से भारत आयात होने वाले बीटल नट यानी सुपारी की खेपों का 100 फीसदी नमूने और परीक्षण करने बाद ही देश में बेचने की अनुमति दी जाए।
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प्राधिकरण ने अपने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आयतकों द्वारा दी जाने वाली स्वयं मूल्यांकन घोषणा की बजाय परीक्षण करने बाद ही क्लियरेंस दी जाए। प्राधिकरण ने अधिकृत अधिकारियों को सचेत और सतर्क रहने के साथ अनुपालन सुनिश्चित करने की सलाह भी दी है।
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अपने आदेश में एफएसएसएआई का कहना है कि ऐरेका पॉम से पैदा होने वाली सुपारी में उत्पादन, भंडारण और परिवहन के दौरान फंगस के विकसित की संभावना होती है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक साबितत हो सकती है।

एफएसएसएआई का कहना है कि फंगस लगने की शिकायतें मिलने के बाद विदेश से आने वाली सुपारी की खेप को रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम प्रणाली के जरिए मंजूरी दी जाएगी और मंजूरी देने से पहले उनके नमूने और टेस्टिंग भी की जाएगी।

रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम प्रणाली के तहत विदेश से आयात होने वाले सामान को आयातकों द्वारा दिए जाने वाले स्वयं मूल्यांकन घोषणापत्र के आधार पर मंजूरी देने का प्रावधान है। इन खेपों में अधिकांश को अधिकृत अधिकारी अपनी स्वेच्छा से कोई मूल्यांकन और परीक्षण की आवश्यकता नहीं कहकर आगे रवाना कर देते हैं।

एफएसएसएआई ने सुपारी की गुणवत्ता को लेककर कुछ मानक जारी किए हैं। पिछले साल एफएसएसएआई ने सुपारी में एफ्लाटोक्सिन की मात्रा को लेकर एक्ट में कुछ जरूरी संशोधन भी किए थे। गौरतलब है कि कुछ शोधों के मुताबिक विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सुपारी को कैंसर का कारण बनने वाले पदार्थ के रूप में चिन्हित किया है, जिसका मुंह और गले के कैंसर से सीधा संबंध है।

वहीं जर्नल ऑफ द अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन का कहना है कि सुपारी खाने वालों में सबम्यूकस फाइब्रोसिस बीमारी के चलते जबड़े के मूवमेंट और मुंह में अकड़न की समस्या हो सकती है। साथ ही, लंबे समय तक सुपारी खाने से दांतों का रंग बदल जाता है और वे कमजोर भी हो जाते हैं।

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